इंदौर में जब मीडिया ने सिंधिया से बिल पर राय पूछी तो एक ही बात को बार-बार घुमाकर बोल रहे थे, जिसका कोई मतलब नहीं निकल रहा था। वीडियो में वो थोड़े से बदहवास से भी नज़र आ रहे थे। नागरिकता संशोधन विधेयक को बार-बार ‘अध्यादेश’ बोल रहे थे।
RISAT2-BR1 के पहले तक भारत को बादल घिर आने की स्थिति में ज़मीनी तस्वीरों के लिए कनाडाई उपग्रहों से मिली तस्वीरों पर निर्भर रहना पड़ता था। यह समस्या भारत की इस साल फरवरी में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान भी खड़ी हुई थी।
कपिल सिब्बल ने कहा कि सबसे पहले टू नेशन थ्योरी वीर सावरकर ने दी थी। इसके बाद सिब्बल ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए (प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के लिए असंसदीय शब्दों का प्रयोग भी) कहा कि...
इसके साथ ही नागरिकता की दादी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे का नाम ‘भारत’ रखा था, तभी से उनके मन में था कि एक दिन वो भारत जरूर जाएँगी। उन्होंने अपनी बेटी का नाम ‘भारती’ रखा और अब अपनी पोती का नाम ‘नागरिकता’ रखा है।
नानावती-मेहता आयोग की फाइनल रिपोर्ट में 59 कारसेवकों को जलाए जाने के बाद राज्य में भड़की हिंसा को सुनियोजित हिंसा नहीं माना गया। आयोग ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तत्कालीन गुजरात सरकार को अपनी रिपोर्ट में क्लीन चिट दी है।
पटना हाईकोर्ट ने यह फैसला सीआरपीएफ के एक पूर्व असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की अपील पर सुनाया। जिन्होंने कुछ समय पहले पहली पत्नी के साथ गुजर-बसर करने के दौरान ही सीआरपीएफ की एक महिला कॉन्स्टेबल सुनीता उपाध्याय से शादी कर ली थी।
"मैं मजदूर हूँ। 5 महीने पहले पति मर गए। बेटे काम की तलाश में दरभंगा और नेपाल चले गए। एक महीने पहले जब मेरी बेटी खेत में धान काट रही थी, तभी अरमान अंसारी ने उसके साथ बलात्कार किया। उसे गर्भ भी ठहर गया। मैं चाहती थी कि वो मेरी बेटी से शादी कर ले, लेकिन उसने इनकार कर दिया और फिर जला कर मार भी डाला।"
शेखर गुप्ता ने दावा किया कि नागरिकता संशोधन विधेयक वह नहीं है, जिसके लिए भाजपा को वोट दिया गया था। जबकि थोड़ा सा गूगल कर लेते तो उनके जैसे 'वरिष्ठ' पत्रकार को लोकसभा चुनाव 2019 में BJP का घोषणापत्र मिल जाता, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि...