बीते दिनों पीड़ित नन का समर्थन करने वाली पाँच ननों में से चार को कुराविलंगद कॉन्वेंट छोड़ने को भी कहा गया था। जाहिर है कि आरोपी बिशप के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन करने वाले ननों की सामूहिक ताकत को तोड़ने की साजिश रची जा रही है।
रबी पीरज़ादा ने इससे पहले एक वीडियो जारी कर धमकी दी थी। उन्होंने कहा था, "उनके दोस्त (साँप और मगरमच्छ) सीमा पार कर भारत के लोगों को मारने के लिए तैयार हैं। भारत के लोग नरक में जाएँगे।"
मुजफ्फराबाद में एक दिन में पाक पुलिस का बर्बर चेहरा दूसरी बार सामने आया। पत्रकारों को न केवल पीटा गया, बल्कि उनके उपकरण भी तोड़ दिए गए। पत्रकारों ने जानबझूकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
पिछले महीने सोनिया ने आईएनएक्स मीडिया केस में तिहाड़ में बंद रहे पी चिदंबरम से भी मुलाक़ात की थी। कॉन्ग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष का इस तरह अपनी पार्टी के दागी नेताओं से जेल जाकर मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।
जाकिर मूसा इसी साल मई में मार गिराया गया था। उसके मारे जाने के दो हफ्ते बाद हामिद कमांडर घोषित किया गया था। 30 वर्षीय हामिद पुलवामा का ही रहने वाला था।
गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ल ने बताया कि दोनों हत्यारोपितों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। ये वही दोनों हैं, जिन्होंने भगवा वस्त्रों में कमलेश तिवारी के ख़ुर्शीदबाग स्थित घर में घुस कर उनकी हत्या कर दी थी।
अदालत ने तत्कालीन एएसपी पीरजादा नावीद के ख़िलाफ़ भी एफआईआर दर्ज करने का निदेश दिया है, जो अब रिटायर हो चुके हैं। आरोप है कि एसआईटी ने झूठे बयान देने के लिए गवाहों को प्रताड़ित किया था।
"अकेले केजरीवाल और उनके परिवार ने दिल्ली के बाहर इलाज करवाने में अब तक 13 लाख रूपए खर्च कर डाले। यही हाल मनीष सिसोदिया का भी है। सतेन्द्र जैन के परिवार को दिल्ली सरकार के खर्चे पर दिल्ली से बाहर भेजा जाता है। पिछले पाँच साल में दिल्ली के मंत्रियों और उनके परिवारों पर तकरीबन 50 लाख रूपए की मोटी रकम खर्च की गई।"
मोईनुद्दीन और अशफाक दोनों ही सूरत के रहने वाले थे और अपने साथ लाया हुआ पैसा खत्म हो जाने के बाद परिवार और दोस्तों से आर्थिक सहायता लेने की कोशिश कर रहे थे। गुजरात पुलिस के एटीएस ने गुजरात-राजस्थान बॉर्डर पर गिरफ्तार कर लिया और लखनऊ पुलिस ने दोनों को सीजेएम की अदालत में पेश किया।