कट्टरपंथी जमीयत नेता फजलुर रहमान ने सरकार के खिलाफ 27 अक्टूबर को मार्च का किया ऐलान। कहा, "यह जंग तब तक जारी रहेगी जब तक इमरान ख़ान की सरकार चली नहीं जाती। पूरे देश से लोगों का जनसैलाब मार्च में भाग लेने आ रहा है और फ़र्ज़ी शासक इसमें एक तिनके की तरह डूब जाएँगे।"
उज्जैन के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अफजल खान ने शनिवार को धारा 153 में दोनों आतंकियों को दोषी करार दिया। मामले में तीसरे आरोपित सैयद सलाउद्दीन की मौत हो चुकी है। नागौरी फिलहाल अहमदाबाद की जेल में बंद है।
कॉन्ग्रेस में ओल्ड गार्ड और न्यू गार्ड की लड़ाई 2007 में राहुल के पार्टी महासचिव बनने के बाद ही शुरू हो गई थी। पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में इनके सामने राहुल को सरेंडर करना पड़ा था। अब सोनिया की वापसी के साथ ही ओल्ड गार्ड हिसाब चुकता करने में लग गए हैं।
इससे पहले आजम खान 2 अक्टूबर को अपने परिवार के साथ जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले के संबंध में बयान दर्ज करवाने के लिए एसआईटी के सामने पेश हुए थे। इस दौरान जाँच टीम ने सपा सांसद से 150 सवाल पूछे थे। जिसके बाद उन्होंने बयान दिया था कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
"ऐसे कुछ लोग जो कि बजरंग दल और बीजेपी के पदाधिकारी थे और आज भी हैं। आईएसआई के लिए जासूसी करते हुए पकड़े गए थे। भाजपा के राज में उनकी जमानत हो गई। ये जमानत कैंसिल होना चाहिए। उन पर मुकदमा चलना चाहिए। देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए।"
ख़ुफ़िया इनपुट्स के मुताबिक जैश कमांडर अबू उस्मान के नेटवर्क से जुड़ा मॉड्यूल दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाके में घुस अपने मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में है। इनका मकसद त्योहारों में भीड़भाड़ वाले इलाके में तबाही मचाना है। निशाने पर चार प्रमुख बाजार हैं।
फरहीन और इंतजार का करीब तीन साल पहले निकाह हुआ था। 3 अक्टूबर को फरहीन को उसके परिजन अपने घर ले गए। पीछे-पीछे इंतजार भी ससुराल पहुॅंच गया। अगले दिन संदिग्ध परिस्थितियों में जलने के कारण उसकी मौत हो गई।
'गे फॉर जेके' के कार्यकर्ताओं ने कविता कृष्णन सहित अन्य वामपंथियों को आइना दिखाते हुए उन्हें बताया कि भारत का संविधान उन्हें मान्यता देता है कि जम्मू कश्मीर के संविधान में उनके लिए कोई जगह नहीं थी।
महात्मा गाँधी के 150वें जन्मदिवस के मौके पर जब नेतागण श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुँचे, तो उन्होंने पाया कि वहाँ रखी गई गाँधी से जुड़ी चीजें गायब थीं और गाँधी के पोस्टर पर काले स्केच से लिखा गया था- 'राष्ट्रदोही'।