सैयद ज़ैनुल आबेदीन ने कहा कि भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर कश्मीर मुद्दे को लगभग हल कर लिया है। हर भारतीय को सरकार के फैसले पर गर्व होना चाहिए। कुछ लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जो गलत है। यह किसी भी तरह से धर्म से संबंधित नहीं है।
इस स्कीम का फायदा उठाने वालों में ‘आम’ मंत्रियों के अलावा नारायण दत्त तिवारी, मुलायम सिंह, मायावती, राजनाथ सिंह जैसे कद्दावर नेता भी शामिल रहे हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक केवल योगी सरकार ही मार्च, 2017 से अब तक अपने मंत्रियों का ₹86 लाख आयकर भर चुकी है।
भोसले का बीजेपी में शामिल होना महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस-एनसीपी गठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल के समय में इन दोनों दलों के कई नेताओं ने भाजपा और शिवसेना का दामन थामा है।
फिरोज खान ने शेरवानी पहनी, चेहरा फूलों के सेहरे से ढका और दूल्हे का रूप बनाकर गाड़ी में बैठ गए। उनके साथ गाड़ियों में बराती बन कर अन्य कार्यकर्ता भी बैठ गए और पुलिस को धोखा देकर रामपुर पहुँच गए।
पिछले दिनों बृहस्पति सिंह ने अधिकारियों को जूता मारने का विवादित बयान भी दिया था। इससे पहले प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी ने कहा था कि बड़ा नेता बनना है तो एसपी और कलेक्टर का कॉलर पकड़ो।
28 मार्च 2019 को जारी इस नोटिस से पता चलता है कि 14 संदिग्ध कंपनियों और खातों में से एक का लाभार्थी आयकर विभाग अंबानी परिवार के सदस्यों को मानता है। हालाँकि कंपनी के प्रवक्ता ने आरोपों को खारिज करते हुए नोटिस मिलने से इनकार किया है।
कोर्ट में मुस्लिम पक्षकारों ने कहा कि जन्मस्थान के लिए अदालत में याचिका दाखिल नहीं हो सकती। जन्मस्थान कोई कानूनी व्यक्ति नहीं है। उन्होंने प्रार्थना को एक वैदिक अभ्यास बताते हुए कहा कि अगर कल को चीन मानसरोवर में जाने से रोक देता है, तो क्या कोई पूजा के अधिकार का दावा कर सकता है?
18 जुलाई को पीड़ित लड़की ने अपने बयान में कहा था कि लड़कियों को आरा की एक इंजीनियर के आवास पर और होटलों में ले जाया जाता था। इसके बाद बीते 6 सितंबर को सेक्स रैकेट कांड में पीड़ित किशोरी का दोबारा बयान आरा कोर्ट में दर्ज कराया गया था।
इमरान खान की रैली में भीड़ दिखाने के लिए पाकिस्तान के एबटाबाद और रावलपिंडी से लोगों को ट्रकों में भरकर लाया गया। पीओके के राजनीतिक कार्यकर्ता अमजद अयूब ने बताया कि इस रैली का बहिष्कार करने पर पीओके की जनता को वैश्विक समुदाय से बधाई मिलनी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाहट भरी प्रतिक्रिया दे रहा है। इसके बावजूद एससीओ के कॉन्फ्रेंस में उसे आमंत्रित किया गया था। सम्मेलन में 27 विदेशी और 40 भारतीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया था।