बिहार के रक्सौल में एक सिंडिकेट इसी काम में लगा था। आलम 5 साल से इस धंधे में लगा है। 2016 में नोटबंदी के बाद जाली नोटों के कारोबार पर रोक लगी थी। लेकिन, बीते एक साल में फिर से इस धंधे में तेजी दिख रही है।
गृह मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक 2009-13 के मुकाबले 2014-18 में नक्सली हिंसा में हुई मौतों का आँकड़ा 60.4% गिरकर 3,326 से 1,321 पर आ चुका है। गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी के लोकसभा में दिए गए जवाब के मुताबिक सरकार के सतत प्रयास से नक्सली हिंसा का दायरा अब सिकुड़ने लगा है और यह केवल 60 जिलों में ही बचा है।
पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन माजरी ने इस पूरे मसले पर ट्वीट किया है। माजरी ने ट्विटर द्वारा भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा है, “ट्विटर वाकई में मोदी सरकार का मुखपत्र बन गया है। उन्होंने हमारे राष्ट्रपति को नोटिस भेजा है। यह बहुत ही बुरा और बेतुका है।”
अकबर 'महान' के कथित सेक्युलर चरित्र का गुणगान करते हुए वामपंथी इतिहासकारों ने उसके नेगेटिव पक्ष को दबाया। अकबर कितना बड़ा व्याभिचारी था इसके प्रमाण गुरु गोविंद सिंह रचित सिख ग्रन्थ 'चरित्रोपाख्यान' में मौजूद हैं। जूतों से पिटाई के बाद अकबर ने पराई स्त्रियों के घर में घुसना बंद किया था।
ऑडियो में बग्गा लाहौर का अब्दुल बन बात करते हैं। महिला खुद को पाकिस्तानी बताती है। अब्दुल कहता है कि उसके दोस्त ने बताया है कि इस तरह के प्रदर्शन में भाग लेने के लिए पैसे मिलते हैं तो महिला 2 डॉलर और बाद में 5 डॉलर तक देने को राजी हो जाती है।
ओवैसी ने कहा कि वर्तमान बीजेपी सरकार भारत के मुस्लिमों को सेकंड क्लास सीटिजन्स बनाना चाहती है और मुस्लिम समुदाय यह बात समझ नहीं रहा है। मुस्लिम समुदाय को चेताते हुए उन्होंने कहा कि वो अपना नेतृत्व बनाएँ, अपने आपको बदलें, क्योंकि ऐसा करने के लिए कोई आसमान से नीचे नहीं उतरेगा जो आपको जन्नत ले जाएगा।
निक़ाह के समय दहेज के रूप में 10 लाख रुपए दहेज के तौर पर दिए थे। लेकिन, चाँद बी द्वारा एक बेटी को जन्म दिए जाने के बाद ससुराल वालों ने उसके घर से और 5 लाख रुपए की माँग की। रहमान ने इस राशि के भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद उसकी बेटी के साथ ससुराल वालों ने मार-पिटाई शुरू कर दी।
इस साल मई में मलेशिया पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने इस्लामिक स्टेट के विघटन के बाद अलग हुए तीन 'लोन वुल्फ़' जिहादियों को गिरफ़्तार कर लिया है। मलेशिया पुलिस के अनुसार इस गुट के बाकी जिहादियों को उन्होंने पहले ही धर-दबोचा था
रमादान एक शादीशुदा आदमी है और उसके चार बच्चे भी हैं। साल 2017 तक वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हुआ करता था। लेकिन मीटू मूवमेंट के दौरान 2 महिलाओं ने उस पर रेप का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसे वहाँ से निकाल दिया गया।
पुलिस अधिकारी इस शर्मनाक कृत्य को अंजाम देने वाले लोगों के बारे में जानकारी साझा करने से बच रही है। पुलिस का कहना है कि सभी ऐंगल से जॉंच जारी है। बताया जाता है कि कालिख पोतने वालों ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए थे।