गोधरा के तहसीलदार ने बताया, “हम इस बात की जाँच कर रहे हैं कि कितने लोग पाकिस्तान गए हैं और उन्हें कब वापस आना था। सारी जानकारी एकत्र कर ज़िलाधिकारी को दी जाएगी। इसके बाद इस संबंध में केंद्र सरकार को अनुरोध भेजा जाएगा।”
जम्मू-कश्मीर के अधिकांश लोग आर्टिकल 370 हटाए जाने की सराहना कर रहे हैं। लेकिन घाटी में मौजूद कुछ अराजक तत्व लगातार माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इन पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा बल लगातार प्रयासरत है।
मायावती ने आगे कहा कि इस स्थिति में, कॉन्ग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के लिए कश्मीर जाना और स्थिति का राजनीतिकरण करने का प्रयास करना उचित नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि पार्टियों को कश्मीर जाने से पहले थोड़ा इंतज़ार करना चाहिए।
2015 में मदरसों ने यह कहकर भोजन लेने से इनकार कर दिया था कि भोजन बनाने वाली संस्था इस्कॉन हिन्दुओं का धार्मिक संगठन है। उन्होंने आरोप लगाया था कि भोजन बनाने के बाद भगवान को भोग लगाया जाता है और गंगाजल मिलाकर स्कूलों में भेजा जाता है।
प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा है कि 5 साल तक मोदी का विरोध करने वाले थरूर बताएँ कि अचानक से उनके सुर क्यों बदल गए हैं। वहीं केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नितला ने कहा है कि मोदी का गुणगान करने की जरूरत नहीं है।
बंगाल के उपभोक्ता मामलों के मंत्री साधन पांडे ने हत्या के पीछे भाजपा का हाथ बताया। इसके बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं ने मनगड़िया की ओर आने वाली सड़कों पर आगजनी की। बराकर बाज़ार बंद करवा दिया।
इमरान के मंत्री बोले, "मोतीलाल नेहरू के परपोते, जवाहरलाल नेहरू के पोते, कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को उनके पूर्वजों के यहाँ नहीं जाने दिया गया। यह दिखाता है कि किस तरह आरएसएस और नाजी विचारधारा ने इंडिया पर कब्जा कर लिया है।"
"मनमपति में मंदिर के पास एक टैंक से गाद निकाला जा रहा था। इसी दौरान वहाँ के मजदूरों को एक अज्ञात वस्तु मिली। उन्होंने उसे खोलने की कोशिश तो वह फट गया, जिसमें के. सूर्या नामक एक शख्स की मौत हो गई और 5 अन्य लोग घायल हो गए।"
सुरभि ने ट्विटर पर लिखा कि सावरकर की प्रतिमा उन स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा के साथ नहीं लगाई जानी चाहिए, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी। सुरभि ने लिखा कि सावरकर अंग्रेजों को क्षमा याचिकाएँ लिखा करते थे।