Monday, April 6, 2020
होम देश-समाज असलम ने प्रमोद को क्रूरता से मार डाला, दो को जख्मी किया लेकिन उर्दू...

असलम ने प्रमोद को क्रूरता से मार डाला, दो को जख्मी किया लेकिन उर्दू मीडिया मॉनिटर ने कहा ‘वो खुद को बचा रहा था’

निजी रंजिश के इस मामले को मॉब-लिंचिंग और हिन्दू-मुस्लिम एंगल से प्रस्तुत करना साफ़ तौर पर साम्प्रदायिक तनाव फ़ैलाने का प्रयास है। और इसमें गुना निवासी अंसार मिर्ज़ा को आईपीसी की धारा 550(2) के तहत गिरफ्तार भी किया गया 17 अगस्त को, इसके बावजूद.....

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

मध्य प्रदेश के असलम ने समीर खान के साथ मिलकर मध्य प्रदेश में एक की जान ले लेता है और दो को घायल कर देता है, वो भी बकरे हलाल करने वाले हथियारों से, और पत्रकारिता के समुदाय विशेष द्वारा इसमें ज़बरदस्ती ‘मॉब-लिंचिंग’ का एंगल निकाल लिया जाता है।

मध्य प्रदेश के चंदेरी थाना क्षेत्र के डुंगासरा गाँव में राखी वाले दिन शाम को चार युवक गोविंद कुशवाह, जानू उर्फ प्रमोद, नंदलाल कोली और संजू परमार सोनाई गाँव जा रहे थे। अधिकाँश मीडिया आउटलेट्स के अनुसार डुंगासरा गाँव के पास सड़क किनारे स्थित दुकान पर पर वे जब गुटखा लेने के लिए रुके तो वहीं पर मुंगावली निवासी असलम और पुरा निवासी समीर खान भी खड़े थे जिन्होंने इन चारों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। एक की मौके पर मौत हो गई, दो को अस्पताल में पहुँचाया गया, और एक गोविन्द किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा। हमले का कारण लल्लनटॉप जैसे बड़े समाचार पोर्टलों, पत्रिका और भास्कर जैसे बड़े समाचारपत्रों से लेकर स्थानीय मीडिया तक निजी रंजिश ही बता रहे हैं।

लेकिन इस बीच उर्दू मॉनिटर नामक (नाम से ही झुकाव समझा जा सकता है) अख़बार और कारवाँ डेली नामक पोर्टल (जिसका कारवाँ मैगज़ीन से कोई सरोकार नहीं है) मामले को नया ‘एंगल’ देने के लिए ज़बरदस्ती मारे गए युवकों पर ही पकड़े गए आरोपित असलम और फ़रार समीर पर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं। उनके अनुसार जिन युवकों की हत्या हुई, उनमें से एक ने असलम की बहनों को छेड़ा था, जिसके चलते कहासुनी हुई, और उसका बदला बाद में लेने के लिए तीनों पीड़ितों और गोविन्द ने असलम पर टेम्पो में हमला कर दिया। ‘सेल्फ़-डिफेंस’ में असलम को उन्हें मारना और घायल करना पड़ा, और ग्रामीणों ने पहले तो असलम की मॉब-लिंचिंग की कोशिश की और बाद में उसे हत्या के झूठे आरोप में पुलिस के सामने फँसा दिया।

फेक न्यूज़ फ़ैलाने में एक हो चुका है गिरफ़्तार

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

निजी रंजिश के इस मामले को मॉब-लिंचिंग और हिन्दू-मुस्लिम एंगल से प्रस्तुत करना साफ़ तौर पर साम्प्रदायिक तनाव फ़ैलाने का प्रयास है। और इसमें गुना निवासी अंसार मिर्ज़ा को आईपीसी की धारा 550(2) के तहत गिरफ्तार भी किया गया 17 अगस्त को। इसके बावजूद इसी महीने की 21 तारीख को कारवाँ डेली में उर्दू मॉनिटर के हवाले से यही चीज़ प्रकाशित की गई है।

‘निजी रंजिश; बेवजह फैलाई जा रही कम्युनल एंगल की बात’

ऑपइंडिया ने इस मामले में मध्य प्रदेश पुलिस में इस मामले की जाँच कर रहे इन्वेस्टीगेशन ऑफिसर से बात की है। उन्होंने ऑपइंडिया से यह साफ कहा कि मामला किसी प्रकार की साम्प्रदायिकता या भीड़-हत्या का नहीं है, और यह बातें ज़बरदस्ती फैलाई जा रहीं हैं। मामला निजी रंजिश का है, जिसमें मृतक प्रमोद रायकवार और आरोपित के घर आगे-पीछे ही हैं। यही नहीं, डेली कारवाँ की मृतकों की संख्या भी गलत है। उन्होंने तीन मृतक बताए थे, जबकि पुलिस ने जो ऑपइंडिया को बताया, उसके अनुसार मृतक फ़िलहाल केवल प्रमोद है। बाकी दोनों में एक ठीक हो गया है और उसे अस्पताल से भी छुट्टी मिल गई है, और एक अभी भी अस्पताल में है।

नोट- स्टोरी पुलिस के जाँच अधिकारी से बात करने के बाद अपडेट की गई है।

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ताज़ा ख़बरें

वो 20 खबरें जो ‘नौ बजे नौ मिनट’ के बाद लिब्रान्डू-वामपंथी मीडिया फैला सकती है

सोशल मीडिया समेत ऑपइंडिया के भी कुछ सुझाव हैं कि आने वाले समय में 'नौ बजे नौ मिनट' के नाम पर कैसी दर्द भरी कहानियाँ आ सकती हैं। हमने ये सुझाव वामपंथियों की कम होती क्रिएटिविटी के कारण उन पर तरस खाकर दिए हैं।

4.1 दिन में ही दोगुनी हो गई कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या, तबलीगी जमात नहीं होता तो लगते 7.1 दिन

कल से आज तक 472 नए मामले सामने आए हैं, जिससे देश में कोरोना संक्रमित कुल मामलों की संख्या अब 3374 तक पहुँच चुकी है। अग्रवाल ने यह भी बताया कि अब तक देश के 274 जिलों से कोरोना संक्रमण के केसेस आ चुके हैं। जबकि भारत में अब तक कोरोना के कारण मरने वालों की संख्या 79 हो चुकी है, जिसमें से 11 शनिवार और रविवार को मिलाकर हुई हैं।

तबलीगी कारनामे की लीपापोती में जुटा ध्रुव राठी और गैंग, फैलाया 8 फैक्ट चेक (फर्जी) का प्रोपेगेंडा

जब 50 करोड़ हिन्दुओं को कोरोना से खत्म करने की दुआ करता मौलवी गिरफ्तार होता है, या फिर TikTok पर युवक इसे अल्लाह का कहर बताते नजर आते हैं, तो लोगों की जिज्ञासा एक बार के लिए मुस्लिम समुदाय पर सवाल खड़े जरूर कर देती है। ऑल्ट न्यूज़ जैसे फैक्ट चेकर्स के कंधे पर बंदूक रखकर दक्षिणपंथियों के दावों को खारिज करने का दावा करने वाला ध्रुव राठी यहाँ पर एक बार फिर सस्ती लोकप्रियता जुगाड़ते व्यक्ति से ज्यादा कुछ भी नजर नहीं आते।

राहुल-थरूर को ठेंगा दिखा इस कॉन्ग्रेसी नेता ने कर दिया PM मोदी का समर्थन, MP कॉन्ग्रेस में एक और फूट!

ग्वालियर से कॉन्ग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने प्रधानमंत्री मोदी के रात नौ बजे नौ मिनट पर 'दिया जलाने' की मुहिम का समर्थन करने का एलान कर दिया। ट्विटर पर पूर्व प्रधानंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता "आओ फिर से दिया जलाएँ" के जरिए उन्होंने कहा कि यही एकता प्रदर्शित करने का समय है और...

AIMIM के नहीं हैं 5 सांसद, इसके लिए मोदी जिम्मेदार: मीटिंग का बुलावा न मिलने पर ओवैसी ने बताया अपमान

ओवैसी के ये सारे आरोप महज राजनीति से ही प्रेरित नजर आते हैं क्योंकि प्रधामंत्री कार्यालय की तरफ से इस संदर्भ में जो प्रेस रिलीज जारी की गई है, उसमें यह स्पष्ट तौर पर रेखांकित है कि प्रधामंत्री इस विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली मीटिंग में सिर्फ उन्हीं राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से बात करेंगे, जिनके सदस्यों की संख्या दोनों सदनों में मिलाकर कम से कम 5 है।

सरकार जान से मार देगी, नहीं लेंगे दवा-सूई: जमातियों का हॉस्पिटल में हँगामा, DM ने मुस्लिम डॉक्टर को बुलाकर समझाया

26 तबलीगी जमात के सदस्यों को दरियापुर से लाकर सोला के सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया था। जब मेडिकल टीम ने उनकी जाँच करने की कोशिश की, तो उन्होंने जाँच करवाने से मना करते हुए हँगामा खड़ा कर दिया। इनका आरोप था कि सरकार इन्हें जान से मारने की कोशिश कर रही है।

प्रचलित ख़बरें

फलों पर थूकने वाले शेरू मियाँ पर FIR पर बेटी ने कहा- अब्बू नोट गिनने की आदत के कारण ऐसा करते हैं

फल बेचने वाले शेरू मियाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था, जिसमें वो फलों पर थूक लगाते हुए देखे जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन पर कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनकी बेटी फिजा का कुछ और ही कहना है।

वैष्णो देवी गए 145 को हुआ कोरोना: पत्रकार अली ने फैलाया झूठ, कमलेश तिवारी की हत्या का मनाया था जश्न

कई लोग मीडिया पर आरोप लगा रहे थे कि जब किसी हिन्दू धार्मिक स्थल में श्रद्धालु होते हैं तो उन्हें 'फँसा हुआ' बताया जाता है जबकि मस्जिद के मामले में 'छिपा हुआ' कहा जाता है। इसके बाद फेक न्यूज़ का दौर शुरू हुआ, जिसे अली सोहराब जैसों ने हज़ारों तक फैलाया।

नर्सों के सामने नंगे हुए जमाती: वायर की आरफा खानम का दिल है कि मानता नहीं

आरफा की मानें तो नर्सें झूठ बोल रही हैं और प्रोपेगेंडा में शामिल हैं। तबलीगी जमात वाले नीच हरकत कर ही नहीं सकते, क्योंकि वे नि:स्वार्थ भाव से मजहब की सेवा कर रहे हैं। इसके लिए दुनियादारी, यहॉं तक कि अपने परिवार से भी दूर रहते हैं।

मधुबनी, कैमूर, सिवान में सामूहिक नमाज: मस्जिद के बाहर लाठी लेकर औरतें दे रही थी पहरा

अंधाराठाढ़ी प्रखंड के हरना गॉंव में सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। यहॉं से तबलीगी जमात के 11 सदस्य क्वारंटाइन में भेजे गए हैं। बताया जाता है कि वे भी नमाज में शामिल थे। पुरुष जब भीतर नमाज अदा कर रहे थे दर्जनों औरतें लाठी और मिर्च पाउडर लेकर बाहर खड़ी थीं।

जो लाइट्स ऑफ करेगा, उनके दरवाजे पर चॉक से निशान बनेगा: TMC अपनाएगी हिटलर वाला तरीका

पीएम मोदी ने लोगों से 5 अप्रैल की रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घर की सभी लाइटें बंद कर दीया, मोमबत्ती या टॉर्च जलाने की अपील कर रखी है। टीएमसी से जुड़े प्रसून भौमिक ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि जो ऐसा करेंगे उनके घरों के दरवाजे पर निशान लगा कर चिह्नित किया जाएगा।

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

172,802FansLike
53,692FollowersFollow
213,000SubscribersSubscribe
Advertisements