नारायण राणे ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने साल 2020 में कोविड के दौरान उन्हें दो बार कॉल करके अनुरोध किया था कि वो प्रेस के सामने उनके बेटे आदित्य ठाकरे का नाम न लें।
दो साल में ये तीसरी बार हुआ, जब मंदिर के आसपास ऐसी हरकत हुई। लोगों का कहना था कि अप्रैल 2024 में गाय पर चाकू से हमला हुआ था और डेढ़ साल पहले मीट फेंका गया था, लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया।