इस्लामी आतंकी समूहों की मदद करने वाला ये संगठन दावा करता था कि ये विभिन्न देशों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम चलाते हैं।
केरल में साल 2016 से अब तक में 44 पीड़ितों ने यौन उत्पीड़न का शिकार होने के बाद आत्महत्या कर ली। केरल में यह स्थिति कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकाल में पैदा हुई है।