2 मिनट 18 सेकेंड के इस वीडियो में क्या-क्या झूठ फैलाया गया था - 1) ईवीएम के गायब होने का दावा किया गया। 2) दिल्ली के कबीरनगर की गली नंबर 4 पर SVN पब्लिक स्कूल के इम्प्लॉयज भाजपा के साथ मिलकर ईवीएम चोरी करते पकड़ा गया।
कर्नाटक कॉन्ग्रेस सोशल मीडिया सेल के अध्यक्ष श्रीवत्स ने लिखा कि उस फैजान का क्या, जिसे दिल्ली पुलिस ने 'लाठी से पीट-पीट कर मार डाला?' उन्होंने दावा किया कि बाकी के 40 पीड़ित परिवारों को यूँ ही छोड़ दिया गया है। इसी तरह बाकी इस्लामी कट्टरपंथी भी गुस्से में नज़र आए।
माँ-बहन की गाली से लेकर वेश्या, सेक्स में भी हिंदू-मुस्लिम के एंगल को घुसेड़ कर फेसबुक पर एक महिला को तंग किया जाता है। जिसने ऐसा किया है, उनके नाम हैं - तनवीर और अरशद। ये दोनों इतने 'डरे हुए' हैं कि गालियों की बौछार के बाद किडनैप कर रेप की भी धमकी देते हैं।
इवांका ट्रम्प ने ताजमहल के आगे बैठकर यह फोटो अपने पिता डोनाल्ड ट्रंप और पति जेरेड कुशनर के साथ 24 फरवरी को क्लिक करवाई थी। इस पर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसाँझ ने इवांका के साथ फोटोशॉप की हुई एक तस्वीर शेयर की।
तस्वीर में दिख रहा है कि एनडीटीवी के पत्रकार विष्णु सोम के टेबल पर एक ऐसा डॉल रखा हुआ है, जिसकी शक्ल आतंकी ओसामा बिन लादेन से मिलती-जुलती है। ओसामा को अमेरिका ने पाकिस्तान में मार गिराया था।
कार्टूनिस्ट अमोल अपने कार्टूनों के माध्यम से लगातार वामपंथियों के प्रोपेगेंडा की पोल खोलते रहते हैं। आप अमोल के उन 9 कार्टून्स को देखिए, समझिए और सतर्क रहिए, जो मुस्लिम भीड़ के इस तांडव की पोल खोलते हैं।
उत्तर-पूर्वी इलाकों में जारी हिंसा के बीच NDTV की जर्नलिस्ट निधि राजदान ने ट्वीट शेयर करते हुए लिखा कि उसके कुछ सहकर्मियों को दंगाइयों की एक भीड़ ने बुरी तरह से पीटा और तभी छोड़ा जब उन्होंने अपनी पहचान 'हिन्दू' के रूप में बताई।
दिल्ली दंगों के दौरान केजरीवाल सरकार पर बहुत सवाल उठे। जाने-माने पत्रकारों से लेकर कई बड़ी हस्तियों ने उनसे इस मामले पर बोलने की गुहार लगाई। लेकिन अपनी मनमानी चलाने के विख्यात केजरीवाल को ये आलोचना रास नहीं आई और उन्होंने फौरन उन्हें अनफॉलो कर दिया।
"सवर्ण हिंदुओं के बार-बार वारिस पठान की आलोचना करने में शर्म आनी चाहिए, जबकि वे जिस पार्टी को सीधे-सीधे या परोक्ष रूप से सत्ता सौंपी थी। वह खुले तौर पर नरसंहार की धमकी देते थे। बाहर सड़कों पर आने और आरएसएस को उखाड़ फेंकने के बजाय, ट्विटर और फेसबुक पर बकोली करवा लो बस इनसे।"
एक यूजर ने तो पूरे गैंग की ही पोल खोल दी और लिखा, "JNU वालों में ये ख़ास खूबी है कि ये जो चीज नहीं होती उसे भी देख लेते हैं, जैसे नकाब के पीछे ABVP 'गुंडे', बिना ड्राफ्ट के NRC...।"