रहमान मलिक जाल में फँस गए और उन्होंने इस झूठी कहानी को सच मान लिया। उन कथित 'क्षेत्रीय अभिनेत्रियों' में मिया खलीफा की फोटो भी थी, जिसे मलिक पहचान ही नहीं पाए। पोर्न स्टार मिया खलीफा के लिए लिखा- "गॉड ब्लेस हर।"
पाकिस्तान की अनीला एहसान ने पैगंबर मुहम्मद पर सवाल उठाकर वहाँ के कट्टरपंथियों को बैठे-बिठाए एक मुद्दा दे दिया। अब उन्हें इस्लामिक क़ानून के अनुसार, 'ईशनिंदा' के आरोप का सामना करना पड़ सकता है।
"सैल्यूट है मेरठ के सिटी एसपी अखिलेश नारायण सिंह को, पाकिस्तान ज़िंदाबाद और भारत मुर्दाबाद के नारे लगा रहे उपद्रवियों को करारा जवाब देने के लिए। अब कुछ तथाकथित प्रबुद्धों को अफ़सोस है कि भारत मुर्दाबाद और पाकिस्तान ज़िंदाबाद बोलने वाले गद्दारों को पाकिस्तान जाने को क्यों कहा।"
ऑल इंडिया महिला कॉन्ग्रेस के ट्विटर अकॉउंट पर पोस्ट इस आपत्तिजनक कार्टून में योगी आदित्यनाथ की छवि धूमिल करने के प्रयास के अलावा सबसे विवादस्पद था कि जिस नक्शे को कार्टून में दर्शाया गया, उससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ही गायब था।
“आपने मुझसे बातचीत बंद क्यों कर दी?” इसके जवाब में मंत्री कहते हैं, “नहीं कुछ नहीं जी, अल्लाह मालिक है।” यहाँ तक बात बड़े रोमांटिक टोन में हो रही थी। लेकिन अचानक से TikTok स्टार ने अपना टोन कड़ा कर बोला, "क्या अल्लाह मालिक है, आप नंगा होके मुझे दिखाते थे, तब..." इतना सुनते ही मंत्री के तोते उड़ गए।
CAA विरोध में सिर्फ़ तिरंगा और महात्मा गाँधी की तस्वीर लेकर लोग चल रहे? सब कुछ शांति से हो रहा? देश में कहीं कोई दंगा नहीं? प्रोपेगेंडा पत्रकार राजदीप ने तो यही कहा है। लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें उनकी औकात बता दी गई - फोटो, वीडियो के साथ, प्रमाण देकर।
ऐसे समय में जब विश्व के लगभग सभी देशों ने पाकिस्तान का साथ छोड़ दिया है। उस समय चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा साझेदार है और शाहिद अफरीदी का चीन के खिलाफ़ बोलना और प्रधानमंत्री इमरान खान को इस मुद्दे पर बोलने के लिए उकसाना उन्हें महंगा पड़ सकता है।
#shameonbolllywood को सही बताते हुए कंगना ने बॉलीवुड कलाकारों पर निशाना साधा और कहा कि उनकी नजर में सभी सेलेब्रिटीज डरे हुए इंसान हैं, वे हर चीज से डरते हैं, वे डरपोक हैं, कायर हैं और बिना रीढ़ के लोग हैं।
जामा मस्जिद का शाही इमाम होने के नाते अहमद बुखारी का ये फर्ज था कि वो अपने समुदाय के लोगों को समझाएँ। नए कानून पर उनके भ्रम को दूर करें। लेकिन जैसे ही उन्होंने ऐसा किया, कौमी ठेकेदार उन पर टूट पड़े। उन्हें 'जमीरफरोश' करार दिया।
"जब जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाए गए और उसके बाद देश के अन्य शिक्षण संस्थानों को अस्थिर और देशद्रोह के विष से व्याप्त करने की कोशिश की गई तब BHU के छात्रों ने तय किया कि एक ऐसा छात्र समूह बनाया जाए जो कि शिक्षण संस्थानो में जेहादी, नक्सली और देशद्रोही प्रवृत्ति का विरोध हर स्तर पर कर सके।"