Thursday, January 28, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया हिंदुओं से आजादी, हिंदुत्व की कब्र, अल्लाहू अकबर याद नहीं... राजदीप को भगवा झंडा...

हिंदुओं से आजादी, हिंदुत्व की कब्र, अल्लाहू अकबर याद नहीं… राजदीप को भगवा झंडा देख लगा डर, फैलाई घृणा

राजदीप अपने चैनल में भले ही मठाधीश होंगे, सोशल मीडिया पर तो बिल्कुल नहीं। सो हुआ वही, जो होना था। इनके ट्वीट के नीचे उन तस्वीरों-वीडियो की बाढ़ आ गई, जहाँ CAA के विरोध की आड़ में दंगाई कहीं मंदिर तोड़ रहे तो कहीं पुलिस वालों को मार रहे, कहीं बस जला रहे।

नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग अब दंगाईयों का रूप ले चुके हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होती अनेकों तस्वीरें और करोड़ों रुपयों की नष्ट हुई सार्वजनिक सम्पत्ति, इस बात का प्रमाण है। लेकिन, इतने पर भी मीडिया गिरोह के कुछ लोगों का मानना है कि सीएए के ख़िलाफ़ सड़कों पर दंगा मचा रहे लोग सही हैं और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। जबकि उन्हें रोकने के लिए सामने खड़ी पुलिस अत्याचारी है और सरकार के इशारों पर जनता पर जुल्म ढा रही है। इसी क्रम में अपनी प्रोपेगेंडा पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले राजदीप सरदेसाई ने भी आज एक ट्वीट किया है।

दरअसल, राजदीप सरदेसाई का कहना है कि वे अभी तक जितने भी सीएए के ख़िलाफ़ हो रही रैलियों में गए हैं, उन्होंने वहाँ केवल तिरंगा और महात्मा गाँधी की तस्वीरों को ही देखा है। जबकि सीएए की समर्थन वाली रैलियों में उन्होंने तिरंगे के साथ-साथ भगवा रंग का झंडा फहरते भी देखा।

अपने ट्वीट के माध्यम से राजदीप चाहते हैं कि उनके फॉलोवर्स इस तथ्य पर गौर फरमाएँ कि कौन लोग CAA के विरोध में हैं और कौन उसके साथ? साथ ही वे चाहते हैं कि दोनों रैलियों को करने वाले लोगों के मूल उद्देश्यों को भी उनके फॉलोवर्स पहचानें।

यहाँ गौर करने वाली बात है कि पिछले दो हफ्तों में सबसे अधिक दंगे भड़कने की खबरें शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद ही आई हैं और राजदीप का इस तरह का ट्वीट भी शुक्रवार की सुबह-सुबह ही आया है। ऐसे में दंगों के भड़कने के पीछे जुमे की नमाज के बाद का समय और ट्वीट करने के लिए शुक्रवार का दिन… क्यों चुना जाता है? क्या महज संयोग है? लेकिन राजदीप संयोग में तो यकीन नहीं ही करते होंगे!

राजदीप अपने मालिक की चैनल में भले ही मीडिया मठाधीश होंगे, सोशल मीडिया पर तो सबकी ‘औकात’ टाइमलाइन या वॉल तक ही सीमित होती है। सो हुआ वही, जो होना था। इनके ट्वीट के नीचे उन तस्वीरों की बाढ़ आ गई, जहाँ CAA के विरोध की आड़ में दंगाई कहीं मंदिर तोड़ रहे तो कहीं पुलिस वालों को मार रहे, कहीं बस जला रहे।

राजदीप के ट्विटर वॉल पर तरह-तरह की तस्वीर और वीडियो आए। लेकिन सीएए के विरोध प्रदर्शनों में न महात्मा गाँधी दिखे और न ही तिरंगा। बल्कि दिखा तो सिर्फ़ ‘फक हिंदुत्व’ के पोस्टर और ‘हिंदुत्व से आजादी’ के नारे, पुलिस को मारते दंगाई, आग में लिपटी देश की संपत्ति। इसके अतिरिक्त ऊँ के चिह्न का अपमान और नारा-ए-तकबीर की गूँज।

राजदीप को आईना दिखाने के लिए कानून का समर्थन कर रही रैलियों की भी तस्वीरें लोगों ने शेयर की। जिनमें भगवा रंग से कई गुणा ज्यादा तिरंगा फहरते दिखा। लोग राजदीप को कहने लगे कि जिन लोगों ने तिरंगे के साथ भगवा उठा रखा है, उन्होंने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि इस देश में भगवा रंग ने ही तिरंगे का सम्मान किया है और भगवा तिरंगे का ही एक रंग है, तो क्या वो इसे उससे अलग कर सकते हैं? इसके अलावा लोग राजदीप से ये भी पूछने लगे कि हफ्ते में और भी दिन होते हैं किंतु उन्हें सिर्फ जुमे का दिन ही याद रहता है?

वहीं, कुछ लोगों ने राजदीप के प्रोपेगेंडे को ध्वस्त करते हुए उन्हें मौलाना भी बताया है और कहा है कि वे हमेशा आतंकियों का ही समर्थन करेंगे। लोगों का कहना है कि राजदीप ही ऐसे दंगाईयों के लिए जनसंपर्क का काम कर रहे हैं। क्योंकि वे दंगाई, पत्थरबाज, गोली चलाने वालों पर एक शब्द भी नहीं बोल रहे।

बता दें कि सोशल मीडिया यूजर्स राजदीप से इतना ज्यादा नाराज हो चुके हैं कि उन्हें कह रहे हैं कि राजदीप का ट्वीट देखकर उनका पूरा दिन खराब हो गया। लोगों का पूछना है कि ‘हिंदुत्व की कब्र खुदेगी’ का क्या मतलब होता है और आखिर वे महात्मा गाँधी का नाम दंगाइयों के साथ क्यों जोड़ रहे। सीएए के खिलाफ़ प्रदर्शन पर उतरे लोग जो आज कर रहे, वो महात्मा गाँधी का दिखाया रास्ता नहीं हैं। उनके नाम पर सिर्फ़ बस, कार, बाइक जलाई जा रही है। लेकिन जहाँ भगवा झंडा है, वहाँ शांति मार्च निकल रहा है।

गौरतलब है कि बीते दिनों जुमे की नमाज के बाद हुए दंगों के कारण यूपी और दिल्ली जैसे राज्यों को काफी नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों की आड़ में दंगाइयों ने पुलिस पर पेट्रोल बम तक फेंकने का काम किया और उन पर गोलियाँ भी चलाई गईं। इस कारण कई पुलिस वाले घायल हुए और कई की जान जाते-जाते बची। लेकिन इतना सब होने के बाद भी अगर राजदीप जैसा कोई पत्रकार अपना प्रोपगेंडा साधने के लिए लोगों को बरगलाए और निष्पक्ष होने के बजाए एकतरफा बातें करें, तो फिर जाहिर है कि उन्हें ऐसी लताड़ लगनी जरूरी है। ताकि उन्हें समझ आ सके कि जिस जनता को वे अपने झूठ पर विचार करने के लिए कह रहे हैं, वो जनता मूर्ख नहीं है।

मुस्लिम मॉब ने मंदिर में की तोड़-फोड़ और आगजनी: पटना में स्थानीय लोग और पुलिस इनके सामने असहाय

कत्लेआम और 1 लाख हिन्दुओं को घर से भगाने वाले का समर्थन: जामिया की Shero और बरखा दत्त की हकीकत

जामिया में लगे ‘हिंदुओं से आजादी’ के नारे; AAP विधायक अमानतुल्लाह कर रहा था हिंसक भीड़ की अगुवाई

…जो सीलमपुर बवाल में बम फेंक भी नहीं पाया, हाथ भी गँवाया, उस रईस को पुलिस ने धर दबोचा

डाक्यूमेंट्स जला दो पर सरकार को मत दिखाओ, रोज़ 10 मुस्लिमों को बताओ: हिंसक प्रदर्शन में ‘ISIS का हाथ’

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Searched termsराजदीप सरदेसाई CAA, राजदीप सरदेसाई नागरिकता कानून, राजदीप सरदेसाई भगवा झंडा, राजदीप सरदेसाई CAA तिरंगा, नागरिकता कानून मीडिया, वामपंथी सेकुलर मीडिया का अफवाह, नागरिकता कानून सेक्युलर, CAA NRC राजनीति, cab and nrc hindi, CAA मुसलमान, नागरिकता कानून मुसलमान, नागरिकता संशोधन कानून, नागरिकता संशोधन कानून क्या है, नागरिकता संशोधन कानून 2019, नागरिकता हिंसा, भारत विरोधी नारे, citizenship amendment act, CAA, कौन बन सकता है भारतीय नागरिक, कैसे जाती है नागरिकता, कैसे खत्म होती है भारतीय नागरिकता, हिन्दू मुस्लिम दंगे, मुस्लिम हरामी क्यो होते है, nrc ke bare mein muslim mulkon ki rai, मुसलमान डरे हुए हैं या डरा रहे हैं, हिंसा में शामिल pfi और सीमी मुसलमान
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

घायल पुलिसकर्मियों ने बयान किया हिंसा का आँखों देखा मंजर: लाल किला, ITO, नांगलोई समेत कई जगहों पर थी तैनाती

"कई हिंसक लोग अचानक लाल किला पहुँच गए। नशे में धुत किसान या वे जो भी थे, उन्होंने हम पर अचानक तलवार, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया।"

योगेन्द्र यादव, राकेश टिकैत सहित 37 किसान नेताओं पर FIR: गिरफ्तारी पर कोई बात नहीं

राजधानी में हुई हिंसा के बाद एक्शन मोड में आई दिल्ली पुलिस ने 37 नेताओं पर एफआईआर दर्ज की है। इनमें राकेश टिकैत, डाॅ दर्शनपाल, जोगिंदर सिंह, बूटा, बलवीर सिंह राजेवाल और राजेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं।

डर के मारे पड़ी फूट या समझदारी: दो ‘किसान’ संगठन हुए आंदोलन से अलग

भारतीय किसान यूनियन 'भानु' के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह और राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के वीएम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना आंदोलन खत्म करने का एलान किया है।

प्रचलित ख़बरें

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

लाइव TV में दिख गया सच तो NDTV ने यूट्यूब वीडियो में की एडिटिंग, दंगाइयों के कुकर्म पर रवीश की लीपा-पोती

हर जगह 'किसानों' की थू-थू हो रही, लेकिन NDTV के रवीश कुमार अब भी हिंसक तत्वों के कुकर्मों पर लीपा-पोती करके उसे ढकने की कोशिशों में लगे हैं।
- विज्ञापन -

 

किसान नहीं बल्कि पुलिस हुई थी हिंसक: दिग्विजय सिंह ने दिल्ली पुलिस को ही ठहराया दंगों का दोषी

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली में किसान उग्र नहीं हुए थे बल्कि दिल्ली पुलिस उग्र हुई थी।

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

ट्रैक्टर रैली में हिंसा के बाद ट्विटर ने किया 550 अकाउंट्स सस्पेंड, रखी जा रही है सबपर पैनी नजर

ट्विटर की ओर से कहा गया है कि इसने उन ट्वीट्स पर लेबल लगाए हैं जो मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए पाए गए। इन अकाउंट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है।

वीडियो: खालिस्तान जिंदाबाद कहते हुए तिरंगा जलाया, किसानों के ‘आतंक’ से परेशान बीमार बुजुर्ग धरने पर बैठे

वीडियो में बुजुर्ग आदमी सड़क पर बैठे हैं और वहाँ से उठते हुए कहते हैं, "ये बोलते है आगे जाओगे तो मारूँगा। अरे क्या गुनाह किया है? हम यहाँ से निकले नहीं? हमारे रास्ते में आ गए।"

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

घायल पुलिसकर्मियों ने बयान किया हिंसा का आँखों देखा मंजर: लाल किला, ITO, नांगलोई समेत कई जगहों पर थी तैनाती

"कई हिंसक लोग अचानक लाल किला पहुँच गए। नशे में धुत किसान या वे जो भी थे, उन्होंने हम पर अचानक तलवार, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया।"

बिहार में टेंपो में सवार 2-3 लोगों ने दिनदहाड़े बीजेपी प्रवक्ता को मारी दो गोली: स्थिति नाजुक

कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य ललन प्रसाद सिंह से प्रभार को लेकर डॉ शम्शी का विवाद चल रहा था। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है।

महाराष्ट्र-कर्नाटक के बीच मराठी भाषी क्षेत्र घोषित हो केंद्र शासित प्रदेश: उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने कहा कि कर्नाटक के कब्जे वाले मराठी-भाषी क्षेत्रों को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाना चाहिए, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट अपना अंतिम फैसला नहीं दे देता।

हिंदू लड़की ने माता-पिता पर लगाया जबरन ईसाई बनाने का आरोप: 9 लोग गिरफ्तार, 2 की तलाश जारी

इंदौर से एक बेहद ही सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है, जहाँ एक लड़की ने अपने ही माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है कि वे उसका जबरन धर्मांतरण करवा रहे थे।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
387,000SubscribersSubscribe