1. तुम्हारे पाँव के नीचे कोई ज़मीन नहीं, कमाल है कि फ़िर भी तुम्हें यक़ीन नहीं 2. हम बुरे ही ठीक हैं, जब अच्छे थे तब कौन सा मेडल मिल गया था… ऐसे ही 17 शायरी-नुमा ट्वीट कर संजय राउत ने रायता फैला दिया था। लोग कह रहे हैं कि आज रायता महक गया 🙂
सोशल मीडिया पर जहाँ इस वीडियो को देखने के बाद लोग रेखा देवी का तरह-तरह से मजाक उड़ा रहे हैं तो वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में इसे रेखा देवी पर हुए हमला बताया जा रहा है।
वायरल हुए वीडियो में, महिला को अरबी भाषा में बोलते हुए सुना और देखा जा सकता है। एक जगह वो यह कहती हुई नज़र आती है, "अगर उसका अबाया सुंदर होता, तो मैं उसके साथ छेड़खानी करती।"
"प्रिय विशाल मोदी के प्रति घृणा ने आपको अंधा कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप आप हिदू विरोधी, हिंदुओं से घृणा करने वाले बन गए हैं, जिस वजह से आपको सुप्रीम कोर्ट का राम मंदिर पर फैसला असंतोषजनक लग रहा है। शर्म आनी चाहिए आपको।"
मीडिया के इस वर्ग की सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि इसके लोग अपने से भिन्न विचार वाले इंसान को देखना तक नहीं चाहते। इनके मुताबिक मुख्यधारा की चर्चाओं में एक आम नागरिक के लिए कोई जगह नहीं है, चर्चा का यह मंच सिर्फ और सिर्फ इलीट क्लब के लोगों का एकाधिकार है। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट में ऑपइंडिया की खबर का ज़िक्र हुआ- यह सुनकर उनके कान खड़े हो गए।
हरिद्वार में एक कव्वाली आयोजन के दौरान एक अजीब वाकया हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग सीट पाने के लिए एक दूसरे को बेहरमी से...
हिन्दुओं के प्रति घृणित रुख रखने वाले 'जिहादी काका' अली सोहराब ने कमलेश तिवारी की हत्या के बाद जश्न मनाया था। उसने उनकी हत्या के बाद ट्विटर पर उन्हें दीवाली की बधाई दी थी। अपने इस कृत्य से उसने हिन्दुओं को चिढ़ाने का प्रयास किया था।
"100 दिन से ज्यादा हो गए, जब कश्मीरी को इंटरनेट की सेवा नहीं दी जा रही है। इसलिए हमें इस बात का पता लगाना है कि क्या सैटेलाइट के जरिए हम कश्मीर में लोगों को इंटरनेट सुविधा दे सकते हैं। और अगर ऐसा किया जा सकता है तो उसकी तकनीकी संभावनाएँ क्या हैं?"
यह 'ऐतिहासिक तथ्य' है कि महात्मा गाँधी के उत्तराधिकारी होने के चलते नेहरू जी बड़े ही सात्विक और सरल व्यक्ति थे। इसके बावजूद प्रियंका गाँधी को कई एक ट्विटर यूज़र ने यह पूछ दिया कि प्रधानमंत्री आवास में उन दिनों कोई दूसरा कमरा, या कोई और बिस्तर ही नहीं था क्या।
दिलीप सी मंडल ने आरोप लगाया था कि ट्विटर दलितों को ब्लू टिक नहीं देता है। इसके बाद कथित दलित कार्यकर्ता और वामपंथी गिरोह सक्रिय हो गया और मंडल जी को ब्लू टिक मिल गया। अब इसी नुस्खे के साथ शाहिद सिद्दीकी ब्लू टिक मॉंग रहे हैं।