Monday, May 25, 2020
होम फ़ैक्ट चेक मीडिया फ़ैक्ट चेक सोनिया गाँधी की खास रहीं IAS के दावे पर द वायर ने गढ़ा झूठ:...

सोनिया गाँधी की खास रहीं IAS के दावे पर द वायर ने गढ़ा झूठ: PIB ने वेंटिलेटर रिपोर्ट पर कारस्तानी पकड़ी

द वायर की रिपोर्ट का लब्बोलुआब ये था कि खराब वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनी के प्रमोटर भाजपा नेताओं के करीबी हैं। पीआईबी ने कहा है कि खराब पाए गए वेंटिलेटर न तो घटिया थे और न खरीदे गए थे। असल में ये दान में दिए गए थे, जो आवश्यक चिकित्सा मानकों पर खरे उतरते थे।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

द वायर की रिपोर्टों का विश्वसनीयता से कोई सरोकार नहीं होता। अहमदाबाद वेंटिलेटर मामले में भी उसने अपना यह ट्रैक रिकॉर्ड कायम रखा है। इस संबंध में प्रोपेगेंडा पोर्टल की रिपोर्ट में परोसे गए झूठ की पोल खुद पीआईबी ने फैक्टचेक कर खोली है।

दरअसल, बीते दिनों खराब वेंटिलेटर्स को लेकर अहमदाबाद चर्चा का विषय रहा था। इसके बाद द वायर की पत्रकार रोहिणी सिंह ने इस मामले पर एक रिपोर्ट लिखी। रिपोर्ट का लब्बोलुआब ये था कि खराब वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनी के प्रमोटर भाजपा नेताओं के करीबी हैं।

रिपोर्ट में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया था कि गुजरात सरकार ने जिस कंपनी द्वारा ‘दस दिनों’ में कोविड मरीज़ों के लिए वेंटिलेटर्स बनाने का दावा किया था, उसके राज्य के डॉक्टरों ने मानकों पर खरा न उतरने की बात कही है। यह भी दावा किया गया था कि इस कंपनी के प्रमोटर्स उसी उद्योगपति परिवार से जुड़े हैं, जिन्होंने साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनका नाम लिखा सूट तोहफ़े में दिया था।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

पूरी रिपोर्ट को सोनिया गाँधी की करीबी व वर्तमान में राज्य की प्रमुख स्वास्थ्य सचिव जयंती रवि के बयान के आधार पर इस तरह से गढ़ा गया कि ये सवाल खड़ा हुआ कि क्या खराब वेंटिलेटर का ऑर्डर सरकार ने दिया था? क्या इसके लिए राशि पीएम केयर्स फंड से दी गई थी?

रिपोर्ट में ये एंगल भी रखा गया कि अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल में 100 मेड इन इंडिया वेंटिलेटर्स सप्लाई करने को लेकर ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन लिमिटेड के कार्य को सरकार ने बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया था, वो वास्तविकता में मरीजों के अनुकूल ही नहीं थी। लेकिन, चूँकि कंपनी के प्रमुख मैनेजिंग डायरेक्टर पराक्रम सिंह जडेजा मुख्यमंत्री विजय रुपानी के करीबी थे, इसलिए ये सब सरकार द्वारा किया गया।

इसी रिपोर्ट के संज्ञान में आने के बाद पीआईबी ने फैक्ट चेक किया है। पीआईबी ने पत्रकार रोहिणी सिंह के इस दावे को खारिज किया है कि अहमदाबाद सिविल अस्पताल में खराब पाए गए वेंटिलेटर घटिया और खरीदे गए थे।

पीआईबी ने बताया है कि गुजरात सरकार के अनुसार, जिन वेंटिलेटर्स को खराब बताया गया, वो खरीदे नहीं गए थे। असल में ये दान में दिए गए थे, जो आवश्यक चिकित्सा मानकों पर खरे उतरते थे।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

इस पर, द वायर के संपादक एस वरदराजन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अपने ट्वीट में उन्होंने रोहिणी सिंह की स्टोरी को सही साबित करने के लिए पीआईबी को कहा है कि क्या बस यही उनका फैक्टचेक है? वरदराजन ने खुद अपने ट्वीट में माना है कि पूरी रिपोर्ट में दावा जयंती रवि के बयान के आधार पर किया गया था।

गौरतलब है कि IAS अधिकारी डॉ. जयंती रवि कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गॉंधी की खास रहीं हैं। साल 2004 में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने उन्हें अपने राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में नियुक्त किया था। बीते दिनों गुजरात सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेट्री डॉ. जयंती रवि को कोरोना के गंभीर संकट को देखते हुए किनारे लगा दिया था। उनपर अपनी पति के कंपनी की ऐप को प्रमोट करने का भी आरोप लगा था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

अब नहीं ढकी जाएगी ‘भारत माता’, हिन्दुओं के विरोध से झुका प्रशासन: मिशनरियों ने किया था प्रतिमा का विरोध

कन्याकुमारी में मिशनरियों के दबाव में आकर भारत माता की प्रतिमा को ढक दिया गया था। अब हिन्दुओं के विरोध के बाद प्रशासन को ये फ़ैसला...

‘दोबारा कहूँगा, राजीव गाँधी हत्यारा था’ – छत्तीसगढ़ में दर्ज FIR के बाद भी तजिंदर बग्गा ने झुकने से किया इनकार

तजिंदर पाल सिंह बग्गा के खिलाफ FIR हुई है। इसके बाद बग्गा ने राजीव गाँधी को दोबारा हत्यारा बताया और कॉन्ग्रेस के सामने झुकने से इनकार...

पिंजरा तोड़ की दोनों सदस्य जमानत पर बाहर आईं, दिल्ली पुलिस ने फिर कर लिया गिरफ्तार: इस बार हत्या का है मामला

हिंदू विरोधी दंगों को भड़काने के आरोप में पिंजरा तोड़ की देवांगना कालिता और नताशा नरवाल को दिल्ली पुलिस ने फिर गिरफ्तार कर...

जिन लोगों ने राम को भुलाया, आज वे न घर के हैं और न घाट के: मीडिया संग वेबिनार में CM योगी

"हमारे लिए राम और रोटी दोनों महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार ने इस कार्य को बखूबी निभाया है। जिन लोगों ने राम को भुलाया है, वे घर के हैं न घाट के।"

Covid-19: 24 घंटों में 6767 संक्रमित, 147 की मौत, देश में लगातार दूसरे दिन कोरोना के रिकॉर्ड मामले सामने आए

इस समय देश में संक्रमितों की संख्या 1,31,868 हो चुकी है। अब तक 3867 लोगों की मौत हुई है। 54,440 लोग ठीक हो चुके हैं।

केजरीवाल सरकार जो बता रही उससे तीन गुना ज्यादा दिल्ली में कोरोना से मरे: MCD नेताओं ने आँकड़े छिपाने का लगाया आरोप

"MCD के आँकड़े मिला दिए जाए तो 21 मई तक कोरोना से दिल्ली में 591 मौतें हो चुकी थी। यह दिल्ली सरकार के आँकड़ों का तीन गुना है।"

प्रचलित ख़बरें

गोरखपुर में चौथी के बच्चों ने पढ़ा- पाकिस्तान हमारी प्रिय मातृभूमि है, पढ़ाने वाली हैं शादाब खानम

गोरखपुर के एक स्कूल के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बने व्हाट्सएप ग्रुप में शादाब खानम ने संज्ञा समझाते-समझाते पाकिस्तान प्रेम का पाठ पढ़ा डाला।

‘न्यूजलॉन्ड्री! तुम पत्रकारिता का सबसे गिरा स्वरुप हो’ कोरोना संक्रमित को फ़ोन कर सुधीर चौधरी के विरोध में कहने को विवश कर रहा NL

जी न्यूज़ के स्टाफ ने खुलासा किया है कि फर्जी ख़बरें चलाने वाले 'न्यूजलॉन्ड्री' के लोग उन्हें लगातार फ़ोन और व्हाट्सऐप पर सुधीर चौधरी के खिलाफ बयान देने के लिए विवश कर रहे हैं।

रवीश ने 2 दिन में शेयर किए 2 फेक न्यूज! एक के लिए कहा: इसे हिन्दी के लाखों पाठकों तक पहुँचा दें

NDTV के पत्रकार रवीश कुमार ने 2 दिन में फेसबुक पर दो बार फेक न्यूज़ शेयर किया। दोनों ही बार फैक्ट-चेक होने के कारण उनकी पोल खुल गई। फिर भी...

राजस्थान के ‘सबसे जाँबाज’ SHO विष्णुदत्त विश्नोई की आत्महत्या: एथलीट से कॉन्ग्रेस MLA बनी कृष्णा पूनिया पर उठी उँगली

विष्णुदत्त विश्नोई दबंग अफसर माने जाते थे। उनके वायरल चैट और सुसाइड नोट के बाद कॉन्ग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया पर सवाल उठ रहे हैं।

तब भंवरी बनी थी मुसीबत का फंदा, अब विष्णुदत्त विश्नोई सुसाइड केस में उलझी राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार

जिस अफसर की पोस्टिंग ही पब्लिक डिमांड पर होती रही हो उसकी आत्महत्या पर सवाल उठने लाजिमी हैं। इन सवालों की छाया सीधे गहलोत सरकार पर है।

हमसे जुड़ें

206,713FansLike
60,071FollowersFollow
241,000SubscribersSubscribe
Advertisements