प्रियंका गाँधी ने ‘मनरेगा’ पर बोले लगातार झूठ, ये रहे सही आँकड़े

कॉन्ग्रेस और प्रियंका को इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि मनरेगा से मोदी सरकार ने जिन 1 करोड़ फ़र्ज़ी जॉब कार्ड और 3 करोड़ फ़र्ज़ी लाभार्थियों को हटा दिया, आख़िर वो पैसा कौन ले रहा था?

अभी-अभी राजनीति में क़दम रखने वाली प्रियंका गाँधी को राजनीति की इतनी समझ नहीं है जिसका वो दिखावा करती हैं। इसी दिखावे का प्रचार करने आज वो अयोध्या पहुँची जहाँ उन्होंने मोदी सरकार की जमकर आलोचना की।

अयोध्या से अपनी प्रत्याशी निर्मल खत्री के समर्थन में पहुँची प्रियंका ने अपने तंज भरे शब्दों से मोदी सरकार की एक के बाद एक मनगढ़ंत कमियों का बखान किया, इसमें उन्होंने कहा कि ये लोग संविधान, लोकतंत्र और संस्थाओं को नष्ट कर देना चाहते हैं। जबकि संविधान औऱ लोकतंत्र, जनता को मज़बूत बनाते हैं। चूँकि मोदी सरकार काम करने की बजाए सिर्फ़ बातें करती है इसलिए आपको मज़बूत नहीं होने देना चाहते। मोदी सरकार को निशाना बनाते हुए प्रियंका ने कहा कि देश में वर्तमान सरकार से दुर्बल सरकार और कोई सरकार नहीं रही है।

वर्तमान सरकार को दुर्बल सरकार बताने वाली प्रियंका गाँधी अपने इन कथनों से केवल और केवल पीएम मोदी को घेरने का प्रयास करती नज़र आईं। जबकि सच्चाई यह है कि इस समय कॉन्ग्रेस ख़ुद दुर्बलता की कगार तक पहुँच चुकी है। यह कॉन्ग्रेस की लाचारी और बेबसी ही है जो रह-रह कर इस रूप में बाहर आती है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

अपने भाषण में प्रियंका ने कई ऐसे मुद्दे उठाए जिनका सच्चाई से कोई लेना-देना ही नहीं था। अपने भाषण में प्रियंका ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने पाँच साल के कार्यकाल में चीन, अमेरिका, जापान और अफ्रीका समेत बाकी सारी दुनिया का भ्रमण करते हैंं लेकिन अपने संसदीय क्षेत्र और ग्रामीण इलाक़ों में नहीं जाते। इसके पीछे वजह यह है कि गाँव में उन्हें सच्चाई दिखाई देती है।

प्रियंका गाँधी की इस तरह की बचकानी बातों को उनका कोरा ज्ञान ना कहा जाए तो भला और क्या कहा जाए। वाराणसी का कायाकल्प आज की तारीख़ में जगज़ाहिर है। उनके लगभग साढ़े चार साल के कार्यकाल में वहाँ 126 प्रोजेक्ट को पूरा करवाया गया। कुल 4679.79 करोड़ रुपए की लागत से वाराणसी के कायाकल्प में वे सभी आधारभूत सुधार शामिल हैं जिनसे आम जन-जीवन लाभान्वित हुआ।

वाराणसी में विकास के तहत नगर के इंफ्रास्ट्रकचर में ज़बरदस्त सुधार, मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का भव्य पुनर्निर्माण, सड़कों का निर्माण, गलियों-चौराहों की बेहतरी, अंडरग्राउंड वायरिंग से बिजली के तारों को व्यवस्थित करना, पेयजल की व्यवस्था, सीवरेज व्यवस्था, नगर पहले से अधिक साफ़-सुथरा है, बीएचयू ट्रामा सेंटर, बुनकरों के लिए ट्रेड फेसिलिटेशन सेंटर, अस्सी घाटों की सफ़ाई, बैटरी रिक्शों का वितरण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, गंगा सफ़ाई परियोजना, गंगा में सीवर जाना बंद किया गया, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए और वंदे भारत एक्सप्रेस और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने से लेकर तमाम ढाँचागत परियोजनाओं को समय पर पूरा किया गया।

कॉन्ग्रेस को यह बख़ूबी मालूम है कि पीएम मोदी ने पिछले पाँच साल में न सिर्फ़ अपने संसदीय क्षेत्र में विकास किया बल्कि समूचे भारत में विकास की नींव को मज़बूत भी किया।

आगे बढ़ते हैं और आपको बताते हैं कि प्रियंका गाँधी जब मंच से बोलती हैं तो झूठ बोलने की हद से भी गुज़र जाती हैं। अयोध्या के ही मंच से उन्होंने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ग्रामीण इलाक़ों में हर परिवार को 100 दिन के रोज़गार की गारंटी देने वाली मनरेगा योजना को वो ख़त्म कर देना चाहते हैं और साथ ही आरोप लगाया कि पिछले छह महीने से भुगतान नहीं किया जा रहा है। मनरेगा का पैसा ठेकेदारों को दिया जा रहा है और वे ठेकेदार क्षेत्र के ग्रामीणों के बजाय मज़दूरों से काम करा रहे हैं। उनका यह कथन इतना बेबुनियादी है इसका जवाब तो सोशल मीडिया पर लोगों ने खरी-खोटी सुनाकर दिया।

एक यूज़र ने ट्वीट किया कि प्रियंका गाँधी झूठी हैं और 2017-18 में मनरेगा का 85% भुगतान 15 दिनों के भीतर किया गया जबकि कॉन्ग्रेस के शासनकाल में 15 दिनों के भीतर केवल 34% भुगतान किया गया। सवालिया होते हुए लिखा कि मोदी सरकार ने 1 करोड़ फ़र्ज़ी जॉब कार्ड और 3 करोड़ फ़र्ज़ी लाभार्थियों को हटा दिया, आख़िर वो पैसा कौन ले रहा था?

एक अन्य ट्विटर यूज़र ने लिखा कि 2013-14 के बीच 34%, 2017-18 के बीच 85% और 2018-19 के बीच 93% भुगतान किया गया, बावजूद इसके कोई न्यूट्रल पत्रकार गाँधी परिवार से सवाल नहीं करेगा।

ट्विटर पर ही अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करते हुए एक यूज़र ने लिखा कि कॉन्ग्रेस केवल झूठ बोलना जानती है, इससे ज़्यादा की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। 2013-14 के बीच वो (प्रियंका गाँधी) वाड्रा के पैसे गिनने में व्यस्त थीं। इसके जवाब में एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया कि प्रियंका गाँधी का भाई झूठ बोलता है, मम्मी झूठ बोलती हैं, उनका पति झूठ बोलता है और वो ख़ुद भी झूठ बोलती हैं…पूरा परिवार झूठा है।

इन सभी प्रतिक्रियाओं से यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि गाँधी-वाड्रा परिवार के कारनामें लोगों को ज़ुबानी याद हैं जिसे वो खुलकर उजागर भी करते हैं। बावजूद इसके कॉन्ग्रेस झूठ की चरस बोने से कभी बाज नहीं आती। यह जानते हुए कि पिछले पाँच वर्षों में मोदी सरकार द्वारा किया गया विकास उसकी सोचने से भी परे है। लेकिन कॉन्ग्रेस की सच से मुँह फ़ेरने की आदत पुरानी है जिसे वो चाहे भी तो भी नहीं छोड़ सकती।

बता दें कि 2014 के बाद से एक आम जन के जीवन में जो सुधार आया है वो पहले लोगों की सोच से भी परे था। देश के भीतर तो तमाम योजनाओं के माध्यम से विकास किया ही गया साथ ही वैश्विक स्तर पर भारत ने अपने संबंधों की बुनियाद को भी मज़बूत  किया गया। लेकिन अफ़सोस इस बात का है कि कॉन्ग्रेस अपने ख़ुद के दु:खों से पार ही नहीं पा रही है, जिसकी वजह से ले-देकर उसे एक मोदी ही दिखते हैं जिनपर वो अपनी भड़ास निकालकर ख़ुश होने के नए आयाम तलाशती है। सच पूछो तो कॉन्ग्रेस की बेबसी अब किसी से छिपी नहीं है लेकिन सत्ता की भूख और लालसा उसे इस हद तक गिरने पर मजबूर कर रही है, जिसका प्रदर्शन आए दिन इन्हीं मंचो से होता रहता है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

"पाकिस्तानी सेना अभी कश्मीर मसले पर भारत से युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है। सुस्त होती अर्थव्यवस्था और बढ़ती महँगाई का आम आदमी के जीवन पर त्रासद असर पड़ा है।"- ये शब्द किसी भारतीय नेता या अधिकारी के नहीं हैं। ये बयान है पाकिस्तान की सैन्य वैज्ञानिक आयशा सिद्दीका के।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

अमानुल्लाह जेहरी

PAk से आज़ादी माँग रहे बलूचिस्तान में बीएनपी नेता और उनके 14 साल के पोते को गोलियों से छलनी किया

पाकिस्तान को अपने स्वतन्त्रता दिवस (14 अगस्त) के दिन तब शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा जब ट्विटर पर बलूचिस्तान के समर्थन में BalochistanSolidarityDay और 14thAugustBlackDay हैशटैग ट्रेंड करने लगा था। इन ट्रेंडों पर तकरीबन क्रमशः 100,000 और 54,000 ट्वीट्स हुए।

राजस्थान: मुसलमानों के हाथों मारे गए हरीश जाटव के नेत्रहीन पिता के शव के साथ सड़क पर उतरे लोग, पुलिस से झड़प

हरीश जाटव की बाइक से एक मुस्लिम महिला को टक्कर लग गई थी। इसके बाद मुस्लिम महिला के परिजनों ने उसकी जमकर पिटाई की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस मॉब लिंचिंग के मामले को एक्सीडेंट साबित करने पर तुली हुई है।
चापेकर बंधु

जिसके पिता ने लिखी सत्यनारायण कथा, उसके 3 बेटों ने ‘इज्जत लूटने वाले’ अंग्रेज को मारा और चढ़ गए फाँसी पर

अंग्रेज सिपाही प्लेग नियंत्रण के नाम पर औरतों-मर्दों को नंगा करके जाँचते थे। चापेकर बंधुओं ने इसका आदेश देने वाले अफसर वॉल्टर चार्ल्स रैंड का वध करने की ठानी। प्लान के मुताबिक जैसे ही वो आया, दामोदर ने चिल्लाकर अपने भाइयों से कहा "गुंडया आला रे" और...
शाजिया इल्मी

भारत विरोधी नारे लगा रहे लोगों से सियोल में अकेले भिड़ गईं BJP नेता शाजिया इल्मी

शाजिया इल्मी को भारत विरोधी नारों से आपत्ति हुई तो वह प्रदर्शनकारियों के बीच पहुँच गईं और उन्हें समझाने की कोशिश की। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो वे भी इंडिया जिंदाबाद के नारे लगाने लगीं।
कविता कृष्णन

कविता कृष्णन का ईमेल लीक: देश विरोधी एजेंडे के लिए न्यायपालिका, सेना, कला..के लोगों को Recruit करने की योजना

वामपंथियों की जड़ें कितनी गहरी हैं, स्क्रीनशॉट्स में इसकी भी नज़ीर है। कविता कृष्णन पूर्व-सैन्यकर्मी कपिल काक के बारे में बात करतीं नज़र आतीं हैं। वायुसेना के पूर्व उप-प्रमुख यह वामपंथी प्रोपेगंडा फैलाते नज़र आते हैं कि कैसे भारत ने कश्मीर की आशाओं पर खरा उतरने में असफलता पाई है, न कि कश्मीर ने भारत की
कपिल काक

370 पर सरकार के फैसले के खिलाफ SC पहुॅंचे पूर्व एयर वाइस मार्शल कपिल काक, कविता कृष्णन के लीक ईमेल में था नाम

वामपंथी एक्टिविस्ट कविता कृष्णन ने सोशल मीडिया में वायरल हुए अपने लीक ईमेल में भी कपिल काक, जस्टिस शाह के बारे में बात की है। लीक मेल में जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 से मिला विशेष दर्जा हटने के विरोध की रणनीति का ब्यौरा मौजूद है।
जनसंख्या नियंत्रण

‘धर्मांध मुस्लिम ‘हम 2, हमारे 25′ की मानसिकता से बाहर निकलने को तैयार ही नहीं’

“मुस्लिम समाज में एक से अधिक पत्नी रखने की धार्मिक ‘छूट’ है। इसलिए ‘हम पाँच हमारे पच्चीस’ की जनसंख्या बढ़ाने वाली जो फैक्ट्री शुरू थी, उस फैक्ट्री पर ‘तालाबंदी’ घोषित कर दी गई।”

कश्मीर पर The Wire की कवरेज घटिया हिन्दूफ़ोबिक प्रोपेगंडा के अलावा कुछ नहीं है

वायर की पूरी कश्मीर रिपोर्टिंग केवल और केवल झूठ और प्रोपेगंडा पर ही आधारित है। यही नहीं, इसका मकसद भी केवल भारत की बुराई नहीं, बल्कि 'हिन्दू फ़ासीवाद', 'डरा हुआ मुसलमान' के दुष्प्रचार से हिन्दुओं को बदनाम करने के साथ दबाए रखना, और 'इस्लाम खतरे में है' के हौव्वे को भड़काकर जिहाद को बढ़ावा देना है।
राम मंदिर

राम मंदिर के लिए हलचल तेज़: ‘पत्थर तराशने के काम में तेज़ी, राजस्थान से पहुँचेंगे कारीगर’

"जब से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तेज हुई है, राम भक्त भी उत्साह में हैं। मंदिर के लिए नक्काशीदार पत्थर की शीट्स और खम्भों की सफाई चालू है। पत्थरों को तेजी से तराशने का फैसला अयोध्या और अन्य स्थानों के संतों के सुझावों के अनुसार होगा और इस सम्बन्ध में बातचीत चालू है।"
आलिया अब्दुल्ला

खुश हूँ कि 370 के विरोध में कश्मीरी लड़के सड़क पर नहीं उतरे, हमारे पास और रास्ता है: शेख अब्दुल्ला की पोती

आलिया अब्दुल्ला ने बोलने के संवैधानिक अधिकार को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार को घाटी के राजनेताओं से अपनी भाषा बोलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए और उनके (घाटी के नेताओं) विचारों का सम्मान करना चाहिए।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

82,036फैंसलाइक करें
11,531फॉलोवर्सफॉलो करें
89,260सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: