2 दिन में 8 घटनाएँ: दुर्गा मूर्ति तोड़ी, विसर्जन पर किया पथराव – आरोपित मुसलमान, ईसाई…

कहीं मूर्ति तोड़ी गई तो कहीं देवी का आभूषण ले भागा कोई। कहीं विसर्जन के दौरान मार्ग पर मांस के टुकड़े तक बिखेरे गए। और यह सब हुआ सिर्फ 2 दिनों में वो भी 8 जगहों पर!

हमारे देश में दुर्गा पूजा का उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जहाँ एक तरफ़ भक्तजन आस्था के इस पर्व में सराबोर दिखते हैं, वहीं दूसरी तरफ़ मुस्लिम समुदाय ने आस्था के इस पर्व पर हिंसात्मक गतिविधियोंं को अंजाम देकर न सिर्फ़ हिन्दुओं की आस्था को तार-तार किया बल्कि उनके धार्मिक अनुष्ठानों में कई तरह के व्यवधान भी डाले। इस लेख में हम आपको बताएँगे कि महज़ 2 दिनों में हिन्दुओं के धार्मिक पर्व पर ईंट-पत्थर, तलवार और हथियार से कितने बार हमले किए गए, कितनी मूर्तियाँ तोड़ी गईं। इतना ही नहीं, विसर्जन के दौरान मार्ग पर मांस के टुकड़े तक बिखेरे गए।

बलरामपुर में दुर्गा पूजा पर हमला कर ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे लगाए, 8 गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में एक मुस्लिम इलाक़े से गुज़र रहे दुर्गा विसर्जन जुलूस पर पत्थरबाज़ी की घटना सामने आई। कथित तौर पर तलवार समेत अन्य हथियार भी चलाए गए, जिसके कारण विसर्जन को जा रहे हिन्दू घायल भी हुए। हमले की शुरुआत हिन्दुओं पर, देवी के विग्रह पर कचरा फेंक कर अपवित्र करने से हुई। उसके बाद मस्जिद और आस-पास की छतों से हिन्दुओं पर ईंट-पत्थर से हमला होने लगा, जिसके बाद मुस्लिम लाठी-डंडों के इस्तेमाल पर उतर आए। हमले के समय मुस्लिम ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी लगा रहे थे। कुछ मुसलमान दुर्गा पूजा के जुलूस में सुबह ही शामिल हो गए थे। वो लोग जुलूस के साथ चलते हुए मस्जिद वाली गली आए और फिर पथराव करने वाले अन्य मुस्लिमों की भीड़ का हिस्सा बन गए। इस पूरे घटनाक्रम के चश्मदीद और पीड़ित सूरज मुख्य दंगाई के तौर पर हाजी मकबूल, ‘लंगड़’, और नाजिम का नाम लेते हैं।

इस घटना एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें देखा जा सकता है कि दुर्गा पूजा के बाद देवी-विसर्जन के लिए जा रहे जुलूस पर भारी पत्थरबाजी की गई। यूपी पुलिस ने इस वीडियो के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।

बस्ती में विसर्जन के रास्ते में मांस के टुकड़े बिखेरे गए, 400 लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज

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उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के बस्ती ज़िले में मूर्ति विसर्जन जुलूस के रास्ते पर कथित तौर पर मांस के टुकड़े मिलने से तनाव की स्थिति बन गई। इस मामले में 400 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। इस मामले पर डीआईजी आशुतोष कुमार ने बताया कि जब एक जुलूस रामजानकी मार्ग होते हुए विसर्जन के लिए निकला तो रास्ते में मांस के टुकड़े मिले, जिससे जुलूस में शामिल लोग नाराज़ हो गए।

पुलिस ने मौक़े पर पहुँचकर मामले को शांत कराया, लेकिन जैसे ही जुलूस शांति से आगे बढ़ा कि तभी कुछ उपद्रवियों ने अफ़वाह फैलाकर लोगों को भड़का दिया। इस दौरान मीट की तीन दुकानों और एक बाइक को जला दिया गया। डीआईजी के मुताबिक़, हिंसा को बढ़ने से पहले ही मौक़े पर पहुँचकर भारी पुलिस फ़ोर्स तैनाती कर दी गई। फ़िलहाल, वीडियो क्लिप के ज़रिए दंगाईयों की पहचान की जा रही है।

बदायूँ के मंदिर में मूर्ति तोड़ी गई, अज्ञात के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के बदायूँ के उघैती में नवरात्रि के आख़िरी दिन रविवार की देर रात कुछ अराजक तत्वों ने इलाक़े में स्थित शिव मंदिर में तोड़फोड़ करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही इलाक़े में तनाव बढ़ गया। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि रविवार (6 अक्टूबर) की रात को लोग मंदिर में पूजा-अर्चना करके अपने घर जा रहे थे, उस समय तक मंदिर की सभी प्रतिमाएँ सुरक्षित थीं, लेकिन अगले दिन सुबह-सुबह के समय सभी प्रतिमाएँ क्षतिग्रस्त मिलीं।

मौक़े पर पहुँची पुलिस ने वीडियोग्राफ़ी करवाते हुए लोगों को शांत करवाया और उन्हें आश्वस्त किया कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पुलिस ने मंदिर का जायजा लिया और मीडिया को बताया कि उघैती में शिव मंदिर में मूर्ति क्षतिग्रस्त की गई है। इस पर पुलिस ने अज्ञात के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर लिया।

असम में रफ़ीकुल अली ने तिलक लगा कर लक्ष्मी मंदिर की मूर्ति तोड़ी, आभूषण चुराए

असम के बारपेटा में मंगलवार (8 अक्टूबर) को हिन्दू मंदिर पर हमले की ख़बर सामने आई। मुस्लिम हमलावर रफ़ीकुल अली ने माँ लक्ष्मी के मंदिर में घुसकर आग लगा दी। उस पर देवी के सोने-चाँदी के आभूषण चुराने, मन्दिर की फ़र्श तोड़ने और मन्दिर में लगे आगामी लक्ष्मी पूजन की जानकारी संबंधी पोस्टर को फाड़ने का भी आरोप हैस्थानीय मीडिया के अनुसार लोगों ने हमलावर को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। मंदिर में घुसकर हमले की इस घटना को अंजाम देने के लिए उसने माथे पर तिलक लगाया था, जिससे उसके मुस्लिम होने का भेद न खुल सके।

अरुणाचल के दोईमुख बाज़ार में माँ दुर्गा समेत कई मूर्तियाँ तोड़ी गईं

अरुणाचल प्रदेश के दोईमुख में नवरात्रि के दौरान मॉं दुर्गा की प्रतिमाओं को तोड़ने की घटना सामने आई थी। तोड़-फोड़ दोईमुख बाजार वेलफेयर कमिटी के पूजा पंडाल में की गई। कमिटी के अध्यक्ष डोबम रोबी ने घटना की निंदा करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। दोईमुख बाज़ार राज्य की सबसे पुरानी टाउनशिपों में से एक है। गिरफ़्तार आरोपित नबाम अचुमा, नबाम सोनाम और ताना चांगरिआंग सोशल मीडिया पर ईसाई समुदाय से ताल्लुक़ रखने वाले बताए गए। कहा जा रहा है कि मज़हबी द्वेष के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया।

बंगाल के केतुग्राम में दुर्गा की मूर्ति का सर तोड़ा, वेदी का ढाँचा गिराया, एक गिरफ़्तार

बंगाल के केतुग्राम स्थित श्रीरामपुर गाँव में लोगों ने दशमी के अगले दिन (9 अक्टूबर) देखा कि सरकारबाड़ी मंदिर के ‘पूजो मंडप’ में प्रतिष्ठित दुर्गा मूर्ति का सिर ग़ायब है और उनके आभूषण भी ग़ायब थे। कुछ समय बीत जाने के बाद मूर्ति का सिर क्षत-विक्षत अवस्था में एक तालाब में पाया गया। पुलिस ने इस मामले में शक़ के आधार पर एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में मंदिर का दरवाज़ा बंद किया गया था, लेकिन सुबह खिड़की टूटी मिली।

गया में मुसलमानों ने किया मूर्ति विसर्जन पर पथराव, 12 गिरफ़्तार

बिहार के गया में मूर्ति विसर्जन के लिए भक्तजनों की भीड़ एक स्थल पर पहुँची तो पाकिस्तान के ख़िलाफ़ नारेबाजी शुरू हो गई। यह नारेबाजी एक समुदाय विशेष के लोगों को इतनी नागवार गुज़री कि उन्होंने भक्तों की भीड़ से नारेबाजी के ख़िलाफ़ अपनी आपत्ति दर्ज कराई। लेकिन, पड़ोसी देश के ख़िलाफ़ नारेबाजी जारी रही। स्थिति को संभालने के लिए कोतवाली थानाध्यक्ष संजय कुमार ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, जिससे वहाँ मौजूद लोगों के बीच ग़ुस्सा भड़क गया। इस बीच दो पक्षों के बीच ईंट-पत्थर से हमले किए गए।

इस दौरान दुखहरणी चौक रोड पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। ज़िला पुलिस बल, वरिष्ठ अधिकारी, दंगा नियंत्रण वाहन सहित अन्य सुरक्षा बल भी घटना स्थल पर मौजूद थे। भारी तनाव की सूचना मिलते ही डीएम अभिषेक सिंह एवं एसएसपी राजीव मिश्रा मौक़े पर पहुँचे और हालात का मुआयना किया। एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के दौरान जामा मस्जिद के पास पत्थरबाज़ी मामले में FIR की जाएगी। पुलिस पर पथराव के मामले में कई युवकों को गिरफ़्तार किया गया है। इनमें एक पुलिस जवान के सिर पर चोट लगी थी। इन युवकों ने मंगलवार की रात से सुबह तीन बजे तक लगातार पुलिस पर पथराव किया। जवाब में पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

जहानाबाद में मूर्ति विसर्जन पर हुई पत्थरबाज़ी

बिहार के जहानाबाद शहर में मूर्ति विसर्जन के दौरान मंदिर के पास पत्थरबाज़ी की गई। पत्थरबाज़ी के दौरान चार पुलिसकर्मी और 10 लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल दो पुलिसकर्मियों और छ: अन्य लोगों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई जगहों पर आगजनी भी की गई। खबर लिखे जाने तक देवी की सभी मूर्तियाँ पंचमहला के पास हैं। डीएम, एसपी ने मूर्तियों को संगम घाट पर पहुँचाने के लिए लोगों से बातचीत की है।

मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे जुलूस पर पत्थरबाज़ी के बाद पीड़ित लोगों ने हमलावरोंं के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई किए जाने की माँग की है, इसके लिए उन्होंने शहर के सभी चौक को जाम भी कर दिया है।   

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