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कॉलोनी में रहना है, तो असलम भाई कहना है, समझ गए ना, यहाँ मोदी जी नहीं आएँगे: बंद कराया भजन

इस वीडियो को देखकर आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि इलाक़े के लोगों पर असलम का काफ़ी दबदबा है क्योंकि जैसे ही उसने भजन बंद करने को कहा तो उन्होंने बज रहे भजन को डरकर तुरंत बंद कर दिया। और यह पूछे जाने पर कि क्या कहना तो डरकर जवाब दिया कि 'असलम भाई-असलम भाई कहना है'।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो बड़ी तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो है महाराष्ट्र के मलाड का, जहाँ एक मुस्लिम युवक असलम अपने कुछ साथियों के साथ दुर्गा पंडाल में बज रहे भजन को न सिर्फ़ बंद करने का हुक़्म दिया बल्कि पंडाल में मौजूद लोगों को धमकीभरे लहज़े में चेतावनी देते हुए कहा, “कॉलोनी में रहना है, तो असलम भाई-असलम भाई कहना है, समझ गए ना। यहाँ मोदी जी नहीं आएँगे, यहाँ असलम भाई ही आएँगे…बस।”

महज़ 37 सेकंड के इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि असलम नाम का यह शख़्स पंडाल के लोगों पर किस तरीक़े से अपनी धौंस जमाता है। इस वीडियो को देखकर आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि इलाक़े के लोगों पर असलम का काफ़ी दबदबा है क्योंकि जैसे ही उसने भजन बंद करने को कहा तो उन्होंने बज रहे भजन को डरकर तुरंत बंद कर दिया। और यह पूछे जाने पर कि क्या कहना तो डरकर जवाब दिया कि ‘असलम भाई-असलम भाई कहना है’।

ख़बर के अनुसार, इस वीडियो को विश्व हिन्दू परिषद् के नेता ने भी शेयर किया और लिखा कि कुछ शांतिप्रिय गुंडों ने गरबा पंडाल में भक्ति गीत बंद कर दिए, यह मुंबई का मलाड क्षेत्र है। लेकिन, यह धर्मनिरपेक्षता है और हमारे लिबरल्स को यह ग़लत नहीं लगा।

यह सर्वविदित है कि हमारे देश में दुर्गा पूजा का उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जहाँ एक तरफ़ भक्तजन आस्था के इस पर्व में सराबोर दिखते हैं, वहीं दूसरी तरफ़ मुस्लिम समुदाय ने आस्था के इस पर्व पर हिंसात्मक गतिविधियों को अंजाम देकर न सिर्फ़ हिन्दुओं की आस्था को तार-तार किया बल्कि उनके धार्मिक अनुष्ठानों में कई तरह के व्यवधान भी डाले। कहीं ईंट-पत्थर, तलवार और हथियार से हमले किए गए। कितनी ही मूर्तियाँ तोड़ी गईं। इतना ही नहीं, विसर्जन के दौरान मार्ग पर मांस के टुकड़े तक बिखेरे गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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