Homeदेश-समाजहिन्दुओं ने माहौल बिगाड़ा, मुस्लिमों के साथ अन्याय हुआ: सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद...

हिन्दुओं ने माहौल बिगाड़ा, मुस्लिमों के साथ अन्याय हुआ: सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद के पैरोकार रहे राजीव धवन

राजीव धवन के बयान पर बिफ़रे भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने बयान जारी कर बार काउंसिल से धवन के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की है। स्वामी की इस मुकदमे के निपटारे में अहम भूमिका रही है।

राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की पैरोकारी करने वाले वकील राजीव धवन ने एक बार फिर विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले में विवादित रहे 2.77 एकड़ समेत पूरी 67 एकड़ भूमि हिन्दुओं को रामलला का मंदिर बनाने के लिए दिए जाने को मुस्लिम पक्ष के साथ अदालत का अन्याय करार दिया है। साथ ही दावा किया कि हिन्दुओं ने माहौल खराब किया और मुस्लिम पक्ष शांत रहा। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी ऐसे ही आरोप लगाए।

गौरतलब है कि 9 नवंबर, 2019 के अपने ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यों वाली संविधान बेंच ने राम जन्मभूमि स्थल का पूरा मालिकाना हक हिन्दुओं दिया था। साथ ही मस्जिद बनाने के लिएसमुदाय विशेष को अलग से 5 एकड़ ज़मीन देने के निर्देश केंद्र सरकार को दिए थे। इस पीठ की अध्यक्षता तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई ने की थी और इसमें मुस्लिम जज जस्टिस अब्दुल नज़ीर भी शामिल थे। पीठ ने अपना फैसला सर्वसम्मति से दिया था।

राजीव धवन के बयान पर बिफ़रे भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने बयान जारी कर बार काउंसिल से धवन के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की है। गौरतलब है कि डॉ. स्वामी की इस मुकदमे के निपटारे में अहम भूमिका रही है। उनकी जन्मभूमि स्थल पर आस्था के आधार पर पूजा के संवैधानिक अधिकार की माँग वाली याचिका के ही कुछ समय बाद शीर्ष अदालत ने दशकों से न्यायपालिका में लटके पड़े इस मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाई थी।

एडवोकेट धवन की इस मुकदमे से जुड़ी यह पहली अशोभनीय हरकत नहीं है। इसके पहले मुकदमे की सुनवाई के आखिरी दिन उन्होंने अदालत में दस्तावेजी साक्ष्य के रूप में पेश की गई किताबों, कागजों, नक्शों आदि को फाड़ दिया था– वह भी सीजेआई गोगोई के सामने। उनके सामने वह साक्ष्य हिन्दू महासभा ने पेश किए थे। तब उनकी इस हरकत से गोगोई बेहद नाराज़ हुए थे और चेतावनी दी थी कि ऐसी हरकतें अदालत में हुईं तो वह उठ कर चले जाएँगे। तब धवन को माफ़ी माँगनी पड़ी थी।

अयोध्या में राम मंदिर: 75 साल बाद वक्फ बोर्ड के दस्तावेजों से हटेगा बाबरी मस्जिद का नाम

‘शरीयत के ख़िलाफ़ है सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला, मुस्लिम समर्थन भी करें तो फर्क़ नहीं पड़ता’

अयोध्या अधिनियम 1993 की वो धारा, जिसके तहत बनेगा राम मंदिर के लिए ट्रस्ट

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

₹15 लाख करोड़ के संदिग्ध रेवेन्यू से SEBI की कार्रवाई तक: जानिए कौन हैं राजेश मेहता और क्यों घिरी उनकी कंपनी Rajesh Exports

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक राजेश मेहता के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंजाब के ‘शिक्षा सुधारों’ का श्रेय लेने पर कॉन्ग्रेस और AAP में जंग, पढ़े- जब दिल्ली में केजरीवाल पर शीला दीक्षित के काम को...

पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में नंबर-1 बनने के दावे पर विवाद। जानिए AAP और कॉन्ग्रेस के दावों के बीच पूरा रियलिटी चेक और शिक्षा सुधार की टाइमलाइन।
- विज्ञापन -