Homeराजनीतिराहुल, प्रियंका और सोनिया गाँधी सबका हटाया गया SPG कवर: 1991 से मिली हुई...

राहुल, प्रियंका और सोनिया गाँधी सबका हटाया गया SPG कवर: 1991 से मिली हुई थी यह सुविधा

अब गाँधी परिवार के सदस्‍य सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के लिए भी यही सीआरपीएफ कमांडो जेड प्लस का सुरक्षा कवर मुहैया कराई जाएगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गाँधी, राहुल और प्रियंका गाँधी की सुरक्षा की समीक्षा करते हुए SPG कवर को वापस लेने की सिफारिश की है। ऐसा ख़ुफ़िया इनपुट के आधार पर उन्हें कम खतरा देखते हुए किया जा रहा है। साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि गाँधी परिवार की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। गाँधी परिवार को अभी भी जेड प्‍लस सुरक्षा दी जाएगी।

बता दें कि सितंबर में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की विशेष सुरक्षा कवर को हटाए जाने के कुछ दिनों बाद उन्हें भी जेड प्लस वर्ग के तहत सीआरपीएफ कमांडो का सुरक्षा कवर मुहैया करा दिया गया था। सिंह और उनकी पत्नी गुरशरण कौर के पास उनके मोतीलाल नेहरू रोड स्थित आवास और देशभर में कहीं भी जाने के दौरान उनके साथ हमेशा सीआरपीएफ के 35 जवान सुरक्षा घेरे में रहते हैं। 10 NSG कमाण्डो के साथ कुल मिलाकर, उनकी सुरक्षा के लिए 55 सशस्त्र सुरक्षा कर्मी होते हैं, जिन्‍हें अलग-अलग शिफ्टों में तैनात किया जाता है।

मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि अब गाँधी परिवार के सदस्‍य सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के लिए भी यही सीआरपीएफ कमांडो जेड प्लस का सुरक्षा कवर मुहैया कराई जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने खतरे का आकलन करने के बाद पाया कि गाँधी परिवार को किसी तरह का सीधा खतरा नहीं है। बता दें कि राजीव गाँधी की 1991 में हत्‍या के बाद फैसला किया गया था कि पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी एसपीजी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। यहाँ यह भी जानना जरुरी है कि, पूर्व प्रधानमंत्रियों के सुरक्षा इंतजामों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है और जरूरत के मुताबिक उसे घटाया जाता है। इसी साल अगस्‍त में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भी एसपीजी सुरक्षा भी हटा ली गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, एसपीजी सुरक्षा हटाने के साथ ही प्रियंका गाँधी को नोटिस भेजकर उनके बंगले को लेकर भी सवाल पूछा गया था। इस पर उन्‍होंने कहा था कि उन्‍हें बंगला छोड़ने में कोई दिक्‍कत नहीं है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कॉन्ग्रेस की कार्यकारी अध्‍यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गाँधी और महासचिव प्रियंका गाँधी को एसपीजी सुरक्षा दी जाती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -