सॉल्ट न्यूज़ MEME चेकर ने किया खुलासा, ‘नहीं, देश में नहीं मोदी लहर’, लिबरल गिरोह ने ली राहत की साँस

फ्री-ड्रिंकर और चिड़ियाघर के भालू नाम के इन दो कुख्यात फैक्ट चेकर्स की जोड़ी का सोशल मीडिया पर बहुत क्रेज है। कई लोगों का तो यहाँ तक मानना है कि दंत कथाओं में जिन अतापि-वतापि भाइयों का जिक्र मिलता है ये दोनों उन्हीं का पुनर्जन्म है।

देश में मोदी लहर के रुझान के बाद आदर्श लिबरल गिरोह और पत्रकारिता के समुदाय विशेष के बीच डर का माहौल देखने को मिला है। EVM हैक होने की ख़बरों से भी खुद को और अपने जैसे ही अन्य लगभग लिबरल्स को हौसला दिला पाने में नाकाम रहे मीडिया गिरोह प्रमुखों ने आखिरकार एक बड़ा फैसला लिया है।

मीडिया गिरोह प्रमुखों ने चुनाव नतीजों के इकतरफा होने के कारण देश में होती लोकतंत्र की हत्या को देखकर कमर कसने का फैसला लिया और तुरंत एक उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में रुझान देखकर बदहवास हालात में यहाँ-वहाँ एक-दूसरे को चूंटियाँ काटकर यकीन दिलाते आदर्श लिबरल को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले लिए गए हैं।

बिकाऊ मीडिया और बिक चुकी संस्थाओं में यकीन ना करने वाले कॉन्ग्रेस के पार्टी प्रवक्ता कुणाल कामरा फैन क्लब ने चुनाव के नतीजों का फैक्ट चेक करने का फैसला लिया है और इस फैक्ट चेक का ठेका उन्होंने MEME और फेकिंग न्यूज़ की ख़बरों का फैक्ट चेक कर के जीवनयापन करने वाले विश्वस्तरीय फैक्ट चेकर्स को देने का निर्णय लिया है। फ्री-ड्रिंकर और चिड़ियाघर के भालू नाम के इन दो कुख्यात फैक्ट चेकर्स की जोड़ी का सोशल मीडिया पर बहुत क्रेज है। कई लोगों का तो यहाँ तक मानना है कि दंत कथाओं में जिन अतापि-वतापि भाइयों का जिक्र मिलता है ये दोनों उन्हीं का पुनर्जन्म है।

सोशल मीडिया पर लोगों की जासूसी करने वाले इस फैक्ट चेक गिरोह ने आदर्श लिबरल्स की भावनाओं को 2 कौड़ी का भाव देते हुए तत्परता से चुनाव के वास्तविक रुझान का फैक्ट चेक करने की जिम्मेदारी अपने कन्धों पर ली है। चूँकि इन चुनावी नतीजों के बाद ही आदर्श लिबरल्स अपने नेता को स्वीकारेंगे, इसलिए इस बड़ी जिम्मेदारी को निभाने के लिए सॉल्ट न्यूज़ ने हिटलर के अंग विशेष की नाप छाप करने वाले मीडिया के नाम पर संक्रामक रोग की भी मदद माँगी है। हालाँकि, एग्जिट पोल के दिन से ही नरेंद्र मोदी की यात्रा और गुफा वाली तस्वीरों को छोड़कर इस संक्रामक मीडिया गिरोह की एक टुटपुँजिया टुकड़ी को गोभी के पत्तों में कीड़े होने की जाँच करते हुए देखा गया है। नाम न बताने की शर्त पर कुछ सूत्रों ने बताया है कि आज चुनाव के नतीजों के बाद ‘छी खल्लनखोट’ नामक यह मीडिया गिरोह अपने नाम के आगे ‘चौकीदार दी खल्लनखोट’ लगाने पर भी विचार कर रहा है।

नहीं, फैक्ट चेक में नहीं नजर आई कोई मोदी लहर

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सॉल्ट न्यूज़ ने फैक्ट चेक करने के बाद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आदर्श लिबरल गिरोह और क्रांति के चितेरों में यह देख कर उत्साह का माहौल है। मीडिया गिरोह के कुलपति ने यह चौंकाने वाला फैक्ट चेक सुनते ही खुद को रोक नहीं पाए और अपने विशेष शो में तुरंत नागिन डाँस कर के दिखा दिया। उन्होंने इसके बाद स्पष्टीकरण दिया कि जिस प्रकार बनारस में किए गए सर्वे में नरेंद्र मोदी जी द्वारा किए गए कार्यों को वो नहीं मानते हैं, उसी प्रकार चुनाव आयोग और गोदी मीडिया द्वारा दिखाए जा रहे चुनाव के नतीजों को वो नहीं मानते हैं।

आदर्श लिबरल्स ने भी तुरंत ट्रोलाचार्य निष्पक्ष पत्रकार द्वारा दिए गए ‘इनपुट’ को लोल सलाम करते हुए साथी-शपथ ली कि अब वो भी उसी चुनावी नतीजों को मानेंगे, जो सॉल्ट न्यूज़ द्वारा प्रमाणित है। इसी बीच आदर्श लिबरल्स को ख़ुशी से झूमता देख सॉल्ट न्यूज़ के अतापि-वतापि ब्रदर्स ने लगे हाथ चुपके से 2 और MEME के फैक्ट चेक कर के उन्हें पढ़वाकर शाम को अपनी दुकान बढ़ाई।

वरिष्ठ पत्रकार सागरिका घोष ने इन नतीजों के बाद अपनी ख़ुशी प्रकट करने से खुद को नहीं रोक पाई और उन्होंने बेहद सुंदर शब्दों में दिल्ली के नागरिकों की हालत पर ट्वीट करते हुए बताया कि सॉल्ट न्यूज़ के नतीजों के बाद दिल्ली में बहुत ही सुंदर माहौल है, लोग एक-दूसरे को गले लगा रहे हैं। और उम्मीद जताई है कि यह चलता रहे।

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