जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक सुरंग में काम कर रहे लोगों के कैंप पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं जिसके बाद हमले में 7 लोगों की मौत हो गई। इनमें कई गैर-कश्मीरी और एक डॉक्टर भी शामिल हैं।
70 साल के विनोद मिश्रा उस इस्लामी भीड़ की हिंसा के पीड़ित हैं, जिसने रामगोपाल मिश्रा की हत्या की। लेकिन बहराइच पुलिस उन जैसे चश्मदीदों के कहे की जाँच करने की जगह मीडिया संस्थानों को धमकाने पर उतारू है।
RCMP के ये बयान तब आए जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था।
स्कूल, कॉलेजों में लड़कियों को यूनिफॉर्म की जगह बुर्का पहनाने की माँग करने वाली फर्जी फेमिनिस्टों को करवा चौथ त्योहार का मनाया जाना महिलाओं का शोषण लगता है...
चंचल त्यागी ने बताया कि महजबीन ने मुस्लिम स्टाफ को दिन में 5 बार नमाज पढ़ने की अनुमति दी है, लेकिन जब चंचल अपनी सनातन परंपरा के अनुसार तिलक लगाकर आती हैं, तो उन्हें इसके लिए सजा दी जाती है।
प्रकाश अंबेडकर ने बताया 1988-91 में जब शरद पवार मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने दुबई में दाऊद इब्राहिम से मुलाकात की थी। वह पूछते हैं कि क्या केंद्र ने ऐसा करने की मंजूरी दी थी।
कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित अजय उर्फ राघव खुश तो हैं लेकिन उन्हें यही लग रहा है कि ऐसे इल्जाम अदालतों में खत्म हो जाते हैं लेकिन समाज उन्हें उसी नजर से देखता रहता है।
कनाडा में खालिस्तानी भारत के खिलाफ जहर ट्रूडो की शह पर उगल रहे हैं। ट्रूडो ने हाल ही में खालिस्तानियों के भारत तोड़ने के अभियान को 'बोलने की आजादी' करार दिया था।
अमृता देवी समेत 363 बिश्नोइयों का बलिदान देख महाराजा अभय सिंह ने आदेश जारी किया कि बिश्नोइयों के ग्रामों के आसपास न पेड़ काटे जाएँगे और न जानवर मारे जाएँगे।
अजहान ने कमेंट वायरल होने के बाद एक वीडियो अपलोड की है। कैप्शन में लिखा है- "मुझसे गलती हो गई, मैं सभी हिंदुओं से माफी माँगता हूँ, मेरा करियर बर्बाद हो जाएगा।"
किशन ने बताया कि जब वो रामगोपाल का शव लेने गए तो सरफराज ने उनपर भी गोली चलाई, अगर वो गोली निशाने पर लगती तो शायद उनका भी शव अब्दुल हमीद के घर में मिलता।
शाकिब के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का अंत अब बिना आखिरी टेस्ट खेले ही हो सकता है। उनके देश वापसी को लेकर फिलहाल कोई स्पष्टता नहीं है, और वे दुबई से अमेरिका लौट सकते हैं।
अजमेर में खादिमों की संस्था के सचिव सरवर चिश्ती ने कहा, "घर पर चढ़कर हरा झंडा उतारकर धर्म विशेष का झंडा लहराया जा रहा है। तो फिर फूल तो बरसेंगे नहीं, जो हुआ यही होना था।"