पत्रकारों का एक संगठन है प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI)। इस संस्था का एक बार फिर से 'दर्द' प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उभर आया है।
नब्बे के दशक में भी देश में तीन-तीन बार SIR किया जा चुका है, फिर हंगामा सिर्फ़ अभी क्यों? 1957 और 1961 में जब SIR हुआ था, तब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे।
छांगुर पीर नेपाल से सटे जिलों में धर्मांतरण का नेटवर्क स्थापित करने में जुटा था। इसके लिए ₹10 करोड़ खर्च करने की तैयारी थी। 46 गाँवों के हिंदू युवाओं को टारगेट बनाने वाला था।
ये बात भी गौर करने वाली है कि कॉन्ग्रेस का लाया ये एक्ट सिर्फ कर्नाटक के साथ साथ हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना जैसे कॉन्ग्रेस शासित राज्यों तक भी पहुँच सकता है।
मद्रास हाईकोर्ट ने ए.ए. फातिमा नाचिया की याचिका को खारिज कर दी है। याचिका में चन्नमल्लेश्वर और चन्न केशवरपेरुमल देवस्थानम को पट्टे पर उन्हें वापस देने की माँग की थी।
सावन के महीने को इस सदी के किसी गाने से वर्णित करना बड़ा मुश्किल होगा, क्योंकि बड़े-बड़े दिग्गजों का करियर इस महीने ने बनाया है। आइए, उदाहरणों से समझते हैं, कैसे।
उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में हिंदू युवती से दुष्कर्म करने वाले नावेद उर्फ कासिब पठान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नावेद ने अब तक 18 हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फँसाया है।
अहमदाबाद विमान दुर्घटना को लेकर बोइंग ने कहा है कि फ्यूल स्विच लॉक सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है। एफएए ने कहा कि एयरवर्थिनेस डायरेक्टिव जारी करने की जरूरत नहीं है।
छांगुर पीर और उसके करीबियों से धर्मांतरण के साथ साथ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी पूछताछ होगी। ईडी ने 32 खातों की जानकारी जुटाई है जिसमें लेन-देन को लेकर उनसे पूछताछ होगी
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में कचरा फेंकने से शुरू हुए विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया। यहाँ संजय चौधरी ने सड़क पर कचरा फेंका, तो पड़ोसी राजेश तिवारी ने इसका विरोध किया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार का कहना है कि यह सिर्फ जंगल बचाने का मामला नहीं है, बल्कि यह असम की पहचान और जनसंख्या संतुलन को बचाने की लड़ाई है।
छांगुर ने उतरौला में कई लोगों के नाम पर पहले जमीन खरीदी और फिर सरकारी जमीनों पर कब्जा जमा लिया। इसके लिए जमीनों पर गरीबों का नाम दिखा कर कागजों में हेर-फेर भी की।