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हिन्दुओं को कलमा पढ़वा गोमांस खिलाता था छांगुर पीर, वीडियो भी बनाता था: रिपोर्ट, नेपाल बॉर्डर से सटे इलाकों की बदलना चाहता था डेमोग्राफी, इस्लामी धर्मांतरण गैंग के 5000+ शिकार

छांगुर ने सऊदी अरब से भी बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धर्मांतरण का नेटवर्क फैला रखा था। जाँच एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय कट्टरपंथी संगठनों से नेटवर्क जुड़े होने का शक है।

छांगुर पीर नेपाल से सटे जिलों में धर्मांतरण का अड्डा स्थापित करने में जुटा था। इसके लिए ₹10 करोड़ खर्च करने की तैयारी थी। 46 गाँवों के हिंदू युवाओं को टारगेट बनाने वाला था। छांगुर तकरीर के बहाने जलसों में पर्चे बाँटकर इन युवाओं की जिहाद के प्रति सोच जानने की कोशिश करता था। इन युवाओं को पैसों से मजबूत कर इस्लाम में परिवर्तन करने की साजिश रची थी।

खलिहान, तालाब और चारगाह की जमीन पर छांगुर का कब्जा

छांगुर की धर्मांतरण नेटवर्क को बढ़ाने के लिए सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की प्लानिंग थी। साल 2022 से ही उसकी नजर विवादित और सरकारी जमीनों पर थी। इन जमीनों पर मजार और मदरसा खोलने की तैयारी थी। इसके लिए सरकारी प्रशासनिक अधिकारियों की मदद ले हा था।

ऐसे ही छांगुर ने बलरामपुर के उतरौला में दो जमीनों पर कब्जा किया। इनमें एक जमीन पर आलीशान कोठी बनाई, जिसे प्रशासन ने ध्वस्त करवा दिया है। वहीं दूसरी जमीन पर भी कोठी बनाई है, जिसकी तलाश अभी जारी है। इसके अलावा छांगुर की नजर लालगंज, रेहरामाफी, चपरहिया, बनघुसरा की सरकारी जमीनों पर थी।

उधर, उतरौला में छांगुर ने तहसील अधिकारियों की मिलीभगत से एक बड़े तालाब की जमीन को अपने नाम दर्ज करा लिया। इसी जमीन को 12 नवंबर 2023 को नीतू उर्फ नसरीन के नाम बेच भी दिया। जमीन की खरीद-फरोख्त में ₹1 करोड़ का भुगतान नसरीन से लिए जाने को भी बैनामें में दिखाया गया है।

सामने आईं और पीड़िताएँ

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छांगुर पीर के धर्मांतरण नेटवर्क में 5000 से अधिक पीड़ित हैं। इनमें से एक लखनऊ की 31 साल की युवती हैं। युवती से 2015 में अमित नाम से अबू अंसारी ने उससे दोस्ती की। छांगुर ने साल 2020 में युवती का निकाह अबू अंसारी से कराकर धर्म परिवर्तन करवा दिया। इसके बाद से युवती के परिवार और दोस्तों ने उससे दूरी बना ली। युवती ने ही सबसे पहले छांगुर के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी।

बेंगलुरु की रहने वाली एक युवती ने बताया 2021 में राजू राठौर नाम के युवक से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई। उसका असली नाम वसीम था। वसीम ने नौकरी का लालच दिया और कहा कि करोड़पति शेख से निकाह कराएगा। फिर फर्जी पासपोर्ट बनवाकर सऊदी अरब बुला लिया। यहाँ छांगुर पीर से वीडियो कॉल पर बात हुई, जिसने धर्म परिवर्तन के लिए ब्रेनवॉश किया। मना करने पर वसीम ने अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। युवती ने 2023 में वापस आकर बेंगलुरु में वसीम के खिलाफ FIR दर्ज कराई।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, बलरामपुर जिले का चौधरीडीह गाँव का युवक भी छांगुर पीर के जाल में फँस गया। युवक ने बताया कि साल 2024 में छांगुर पीर ने धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। विरोध किया तो गुर्गों से जान से मार देने की धमकी दी। इसके बाद से युवक और उसका परिवार छिपकर रह रहा है। युवक ने बताया कि छांगुर ने ₹15 से ₹16 लाख देने का लालच भी दिया। युवक ने आगे बताया कि छांगुर हिंदुओं से कलमा पढ़वाता था और गोमांस भी खिलाता था। इसका वीडियो भी बनाता था।

गल्फ के अल नाहदा और एमिरेट्स NBD बैंकों में छांगुर के खाते

छांगुर ने सऊदी अरब से भी बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धर्मांतरण का नेटवर्क फैला रखा था। जाँच एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय कट्टरपंथी संगठनों से नेटवर्क जुड़े होने का शक है। छांगुर के करीबी नीतू उर्फ नसरीन और नवीन रोहरा के नाम पर विदेशों से फंडिंग की जाती थी। इससे जुड़े 8 विदेशी बैंकों में खाते मिले हैं।

ATS के अधिकारियों ने बताया कि अल नाहदा, एमिरेट्स NBD, मसरफ बैंक, अल अंसारी एक्सचेंज और वोस्ट्रो बैंक में भी छांगुर के सहयोगियों के खाते हैं। ATS अब पता लगाने में जुटी हैं कि इन खातों में कहाँ से पैसे भेजे जा रहे थे और इनका किस काम के लिए इस्तेमाल होना था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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