राहुल की पोस्ट के बाद उनकी जमकर आलोचना हो रही है। कुछ यूजर्स ने तो उनके पोस्ट में आँकड़ों के स्क्रीशॉट भी लगा दिए और बताया कि उनका डेटा बिल्कुल अलग है।
राहुल गाँधी दशरथ माँझी मेमोरियल पहुँचे। वहाँ माउंटेन मैन की मूर्ति पर माला चढ़ाई। लेकिन जिस तरह से उन्होंने ये किया, वो देखकर किसी का भी मन खट्टा हो जाए।
IPL में 18 वर्षों में पहली बार RCB के जीतने की खुशी में बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में जश्न मना। ज्यादा लोगों के आने से वहाँ भगदड़ हुई जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई।
साल 1990 के बाद अमरनाथ यात्रा के दौरान 36+ आतंकी हमले हुए हैं। हर साल हिंदू अपने ही तीर्थस्थानों पर जाते समय असुरक्षित महसूस करता था.. लेकिन इस वर्ष सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हुए हैं।
चीन के प्रतिबंध के कदम ने दुनिया भर में आपूर्ति शृंखला को प्रभावित किया है। भारत की EV इंडस्ट्री भी पूरी तरह से चीन पर ही पृथ्वी के दुर्लभ चुंबकीय तत्वों के लिए निर्भर करता है।
दुखद बात ये है कि पुलिस प्रशासन द्वारा ये मना करने के बावजूद कॉन्ग्रेस ने अपनी वाह-वाही के लिए इस कार्यक्रम को आयोजित करवाया। और जब भगदड़ मच गई तो सफाई देने लगे कि सिर्फ 10 मिनट में कार्यक्रम पूरा करवा दिया गया था।
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में कॉन्ग्रेस के पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद के निजी सहायक शकूर खान को 28 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया था। जाँच में कई बातें सामने आई हैं।
बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश पर से प्रतिबंध हटा दिया है। देश के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों को खुले तौर पर नकारने के कारण करीब 1 दशक से पार्टी पर प्रतिबंध लगा हुआ था।
लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी की है। उन्होंने भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर दावा किया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आते ही 'नरेंद्र' ने सरेंडर कर दिया।
एमपी की बीजेपी सरकार ने पंचमढ़ी में कैबिनेट की बैठक की। पंचमढ़ी में बैठक करने का मकसद नर्मदांचल के शिवाजी कहलाने वाले राजा भभूत सिंह को सम्मानित करना था
विशालगढ़ किला लगभग 1000 साल पुराना है। यह किला छत्रपति शिवाजी महाराज के वीरतापूर्ण जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। किले में मुस्लिम समुदाय ने अवैध अतिक्रमण कर लिए हैं।
राष्ट्र विरोधी या हिंदू-विरोधी, मसला कोई भी हो, कोर्ट में कपिल सिब्बल जरूर खड़े दिख जाते हैं। अब सिब्बल एक बार फिर ऑपरेशन पुश-बैक पर सवाल खड़े करने को लेकर सुर्खियों में हैं।