Thursday, July 25, 2024
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कुत्ते भौंकते हैं, हाथी मस्त होकर बढ़ता चला जाता है… बिहार में शुरू हुआ बागेश्वर बाबा का कथा आयोजन: विरोधियों के भी लगवाए जयकारे, BJP नेताओं का जमघट

कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि बिहार के लोग धन्य हैं जहाँ माँ जानकी ने जन्म लिया। उन्होंने कहा कि इसी धरती पर आर्यभट्ट ने शून्य का अविष्कार किया था।

बिहार के पटना में बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमंत चरित्र कथा का वाचन शुरू कर दिया है। शनिवार (13 मई 2023) को कथा का पहला दिन था। पाँच दिनों तक होने वाली कथा के पहले दिन पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हरि के नाम के साथ कथा आरंभ की। कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री बिहार की धरती का गुणगान करते रहे। उन्होंने अपने अंदाज में विरोधियों को भी जवाब दिया।

कथा स्थल पर पहुँचने से पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री राघवेंद्र मठ पहुँचे। यहाँ उन्होंने राम जानकी मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद बागेश्वर वाले बाबा पटना के नौबतपुर स्थित तरेत पाली मठ पहुँचे। मठ के विशाल क्षेत्र को पंडाल से सजाया गया है। बागेश्वर सरकार को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति थी। भीड़ की वजह से विशाल पंडाल भी छोटा पड़ रहा था। पंडाल में प्रवेश करते ही भक्तों ने जय श्री राम, जय हनुमान और बागेश्वर सरकार की जय के नारे लगाए। अपने चिरपरिचित अंदाज में बागेश्वर बाबा ने कथा में आने वालों, कथा में न आने वालों और विरोधियों सबके जयकारे लगवाए।

कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि बिहार के लोग धन्य हैं जहाँ माँ जानकी ने जन्म लिया। उन्होंने कहा कि इसी धरती पर आर्यभट्ट ने शून्य का अविष्कार किया था। बागेश्वर बाबा ने बिहार के लोगों के भी जयकारे लगवाए। बागेश्वर वाले बाबा ने हनुमान कथा के दौरान लोगों को व्यवधानों से निपटने का मार्ग सुझाया। उन्होंने उदाहरण दिया कि हाथी जब गाँव में निकलता है तो लोग उसे केला, पूरी और पकवान खिलाते हैं। बच्चे हाथी को गणेश जी मानकर प्रणाम करते हैं। वहीं कुत्ते हाथी को देखकर भौंकना शुरू कर देते हैं। ऐसे में हाथी यदि कुत्तों को प्रतिउत्तर देने लगे तो लोग हाथी को पागल ठहरा देंगे। इसलिए हाथी अपनी चाल में मस्त होकर आगे बढ़ता रहता है।

व्यवधानों पर बात करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान जी का वह प्रसंग भी सुनाया जब वे माता सीता की खोज के लिए लंका पहुँचते हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हनुमान के मार्ग में कई बाधाएँ आईं लेकिन उन्होंने सबको पार कर अपना लक्ष्य प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कई गीत भी गुनगुनाए। बागेश्वर सरकार ने लोगों को विचार करने के बाद कर्म करने की शिक्षा दी। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद अश्विनी चौबे, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, सांसद राम कृपाल यादव, मनोज तिवारी बिहार बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी और बिहार में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा खास तौर पर मौजूद रहे।

बता दें धीरेंद्र शास्त्री 13 मई 2023 से 17 मई 2023 तक 5 दिवसीय हनुमंत चरित्र सुनाएँगे। 5 दिवसीय कार्यक्रम में हर दिन शाम को 4 बजे से लेकर 7 बजे तक कथा का आयोजन होगा। 15 मई को धीरेंद्र शास्त्री दिव्य दरबार लगाएँगे। इसमें बिना टोकन और नंबर के भक्तों की अर्जी सुनी जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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