Saturday, January 23, 2021
Home विविध विषय धर्म और संस्कृति BHU में मशाल जुलूस के बाद आज भिक्षाटन कर 'धर्म विज्ञान संकाय' के छात्रों...

BHU में मशाल जुलूस के बाद आज भिक्षाटन कर ‘धर्म विज्ञान संकाय’ के छात्रों ने फिरोज की नियुक्ति का किया विरोध

"हर बार परीक्षा से सनातन धर्म गुजरा है और विजयी रहा है, इस बार भी विजय धर्म की होगी, सत्य की होगी, इसके लिए हम सभी संघर्ष के लिए तैयार हैं।"

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धार संकाय के छात्रों द्वारा डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति का विरोध जारी है। एक ओर इस आंदोलन के तहत एक ओर छात्र कक्षाओं का बहिष्‍कार कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो दूसरी ओर विवि प्रशासन की ओर से किसी नतीजे पर नहीं पहुँचने से संकाय में पठन-पाठन पूरी तरह प्रभावित है।

बीएचयू प्रशासन द्वारा अब तक छात्रों की माँग पूरी न होने पर यहाँ तक कि क़ानूनी लड़ाई लड़ने और महामना के सम्मान की रक्षा के लिए संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्रों द्वारा संचालित आंदोलन के अगले क्रम में आज गुरुवार को सामान्य जनता का समर्थन लेने के लिए दोपहर दो बजे से ही लंका सिंह द्वार से भिक्षाटन किया जा रहा है।

संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रदर्शनकारी छात्रों से ऑपइंडिया ने बात कि तो शशिकांत मिश्र ने बताया कि विवि की ओर से कोई हल न निकाले जाने की वजह से छात्र अब भिक्षाटन कर आम जनता को इस पूरे प्रकरण के बारे में अवगत करा रहे हैं ताकि आम लोग भी हमारे धर्म की रक्षार्थ चलाए जा रहे आंदोलन को समझे और खुद को जोड़ सकें। वहीं छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शन से BHU परिसर का माहौल एक बार फ‍िर से गरम होने लगा है। क्योंकि अब प्रशासन द्वारा माँगे गए 10 दिन में से मात्र 2 दिन शेष हैं।

भिक्षाटन करते SVDV के छात्र

बता दें कि संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में डॉ. फ़िरोज़ की नियुक्ति के विरोध में 15 दिन तक चले धरने के बाद कार्यवाही के लिए BHU प्रशासन द्वारा माँगे गए 10 दिन के समय मे से आंदोलन के कल सातवें दिन छात्रों द्वारा मशाल जुलूस निकाला गया था। जुलूस में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्रों का समर्थन करने के लिए कला संकाय व सामाजिक विज्ञान संकाय के भी छात्र और SVDV के पूर्व छात्र भी बड़ी पहुँचे थे। मशाल जुलूस सिंह द्वार से जयघोष करते हुए रविदास गेट तक गया और पुनः वहाँ से सिंहद्वार पर आकर सभा के बाद समाप्त हुआ।

सभा में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र व डॉ. अरविंद शुक्ल ने कहा, “महामना के मूल्यों व उनके सपनों को कभी मिटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि BHU के छात्रों के दिल में महामना के प्रति कितना सम्मान है, इसका इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहाँ से पढ़े हुए लगभग हर छात्र चाहे वह जहाँ हो ऑफिस या घर में महामना की प्रतिमा अवश्य रखता है।”

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मुनीश मिश्र ने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा, “अगर प्रशासन ने छात्रों की बात नहीं मानी और अपना वादा पूरा नहीं किया तो धर्म की रक्षा के लिए काशी विद्वत परिषद, शंकराचार्यों, पूर्व प्रोफेसरों, आचार्यों सहित देश के कोने-कोने में रह रहे संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के पूर्व छात्र भी विशाल आंदोलन में शामिल होने को तैयार हैं।”

कला संकाय के इतिहास विभाग के अभिषेक सिंह ने कहा, “हमारे इतिहास में शिलालेख के आधार पर ही संस्कृति व सभ्यता का प्रमाणीकरण किया जाता है। महामना के शिलालेख को फर्जी कहने वाले उसकी जाँच करा लें, खुद ही पता चल जाएगा, कितना पुराना है। उसको न मानना महामना का अपमान है और महामना के सम्मान के लिए पूरा कला संकाय जरूरत पड़ने पर साथ खड़े होने के लिए तैयार है।”

बता दें कि धर्म विज्ञान के छात्रों के समर्थन में अब तमाम विद्वानों के साथ ही अयोध्या के साधु-संत, आचार्य भी समर्थन में आ गए हैं। काशी विद्वत परिषद, शंकराचार्यों और पूर्व प्रोफेसरों आचार्यों के साथ काशी के कई सनातन धर्म संरक्षकों का साथ भी छात्रों को मिला है। काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष और SVDV के पूर्व प्रोफ़ेसर आचार्य रामयत्न शुक्ल के नेतृत्व में कई विद्वानों ने संघ कार्यवाहक भैया जी जोशी से मिलकर इस बात पर आवश्यक कार्रवाई और उनको पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने कहा, “कुलपति (VC) राकेश भटनागर ने मालवीय मूल्यों और धर्म विज्ञान संकाय के नियमों का ध्यान नहीं रखा, जिससे आज विश्विद्यालय का माहौल ख़राब हो गया है।”

बता दें कि कुछ दिन पहले ही संघ के वाराणसी मंडल के एक प्रचारक की तरफ से फिरोज खान के समर्थन में बयान आया था जिसे मीडिया ने संघ का बयान कहकर चलाया था क्योंकि वहाँ भी उन्हें पूरा मुद्दा न बताकर मीडिया ने ‘संस्कृत भाषा’ को लेकर प्रश्न किया गया था। जिसका छात्रों ने विरोध करते हुए संघ के पदाधिकारियों से पूरे मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया था।

आज अयोध्या में स्वामी राघवचार्य जी की अध्यक्षता में अनेको मंदिरों के महंतों व लगभग 30 संस्कृत विद्यालयों के अध्यापकों ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और कहा, “यदि प्रशासन निर्धारित समय के अंदर आवश्यक निर्णय नहीं लेता है तो एक बड़े आंदोलन के लिए हम संत समाज के लोग भी आपके साथ हैं।”

पिछले दिनों संत समाज के कई लोगों ने भी मामले की जानकारी न होने के कारण मीडिया द्वारा संस्कृत भाषा को लेकर सवाल पूछने पर उसी सन्दर्भ में बयान दे दिया था। आज जब सुबह छात्र उनसे मिलाने गए थे तो स्वामी राघवाचार्य ने कहा कि संयोग वश धर्म विज्ञान संकाय के एक महत्त्वपूर्ण इतिहास व परम्परा से परिचय हुआ। उन्होंने एक सस्मरण सुनते हुए कहा, “तोताद्री मठ के पीठाधीश्वर स्वामी अनन्ताचार्य जी से ज्ञात हुआ था कि तोताद्री मठ के द्वितीय पीठाधीश्वर स्वामी राम प्रपन्नाचार्य जी संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के ही छात्र रहे हैं। मिथिला में कभी शास्त्रार्थ हुआ था, महामना जी निर्णायक थे उस सभा मे निर्णय की स्थिति नहीं हो पाई तब प्रपन्नाचार्य जी ने कहा कि काशी स्वयं में प्रमाण है, काशी के व्यक्ति का वक्तव्य ही निर्णय व प्रमाण है। जिसकी सहमति स्वयं महामना ने ही की।”

छात्रों को भिक्षा देते हुए स्वामी राघवाचार्य

शशिकांत मिश्र ने बताया, “स्वामी जी ने आज उनसे मिलाने गए चक्रपाणि ओझा, कृष्ण, डॉ. मुनीश मिश्र सहित सभी छात्रों से आंदोलन की सारी जानकारी ली और भावुक हो गए। उनको जब पता लगा कि आज आंदोलन में भिक्षाटन है तो स्वयं ही वह भिक्षा देने के लिए तैयार हो गए। भिक्षा देते समय उनका दर्द उनकी आंखों से छलक गया।” स्वामी जी ने कहा, “हर बार परीक्षा से सनातन धर्म गुजरा है और विजयी रहा है, इस बार भी विजय धर्म की होगी, सत्य की होगी, इसके लिए हम सभी संघर्ष के लिए तैयार हैं।”

आंदोलन के तहत भिक्षाटन करते छात्र

ये भी पढ़ें:

फिरोज खान काण्ड पर तथाकथित बुद्धिजीवियों द्वारा उठाए गए हर प्रश्न का BHU के विद्वानों ने दिया उत्तर

SVDV के प्रोफेसरों ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र: कहा- ‘फिरोज की नियुक्ति BHU एक्ट के खिलाफ’, कार्यकारिणी करेगी पुनर्विचार

चाँद से सब कुछ देखने वाले, मूर्तिपूजा को हराम कहने वाले सूर्य सिद्धांत पढ़ाएँगे: BHU के प्रोफ़ेसरों का प्रश्न

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

रवि अग्रहरि
अपने बारे में का बताएँ गुरु, बस बनारसी हूँ, इसी में महादेव की कृपा है! बाकी राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी नामचीन परम्परा का विशेषज्ञ नहीं हूँ!

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पवन पुत्र की तस्वीर साझा कर ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत को कहा Thank You, बोले- हम सम्मानित महसूस कर रहे

कोरोना वैक्सीन देने के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो ने पवन पुत्र हनुमान की तस्वीर साझा कर भारत का आभार जताया है।

लगातार तीसरे साल सबसे लोकप्रिय CM योगी आदित्यनाथ, चौथे नंबर पर फिसलीं ममता बनर्जी: इंडिया टुडे ने बताया देश का मूड

इंडिया टुडे के 'Mood of the Nation' सर्वे में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ तीसरी बार देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री चुने गए हैं।

बायकॉट, ब्लैकआउट और अब ट्रैक्टर परेड: 26 जनवरी पर अराजकता फैलाने का लिबरल-कट्टरपंथियों का पैंतरा पुराना

दिल्ली पुलिस की इजाजत नहीं मिलने के बावजूद किसान संगठनों की 26 जनवरी को ट्रैक्टरों संग परेड निकालने की जिद के क्या मायने हैं?
01:00:09

रूस में हिन्दू धर्म: इतिहास, रूसी समाज में स्वीकार्यता और कट्टरपंथी ईसाई द्वोरकिन के हमले

क्या है रूस का श्री प्रकाश धाम? अलेक्ज़ेंडर द्वोरकिन क्यों पड़ा है हिन्दुओं के पीछे? मॉस्को में रह रहे प्रसून प्रकाश से बातचीत

जून डो हजार इख्खीस टक लोखटांट्रिक टरीखे से चूना जाएगा खाँग्रेस पारटी का प्रेसीडेंट….

राहुल गाँधी ने लिखा था: तारीख पे तारीख देना स्ट्रैटेजी है उनकी। सोनिया गाँधी दे रहीं, कॉन्ग्रेसियों को बस तारीख पर तारीख।

JNU के ‘पढ़ाकू’ वामपंथियों को फसाद की नई वजह मिली, आइशी घोष पर जुर्माना; शेहला भी कूदी

जेएनयू हिंसा का चेहरा रही आइशी घोष और अन्य छात्रों पर ताले तोड़ हॉस्टल में घुसने के लिए जुर्माना लगाया गया है।

प्रचलित ख़बरें

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।

मटन-चिकेन-मछली वाली थाली 1 घंटे में खाइए, FREE में ₹1.65 लाख की बुलेट ले जाइए: पुणे के होटल का शानदार ऑफर

पुणे के शिवराज होटल ने 'विन अ बुलेट बाइक' नामक प्रतियोगिता के जरिए निकाला ऑफर। 4 Kg की थाली को ख़त्म कीजिए और बुलेट बाइक घर लेकर जाइए।

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

मंदिर की दानपेटी में कंडोम, आपत्तिजनक संदेश वाले पोस्टर; पुजारी का खून से लथपथ शव मिला

कर्नाटक के एक मंदिर की दानपेटी से कंडोम और आपत्तिजनक संदेश वाला पोस्टर मिला है। उत्तर प्रदेश में पुजारी का खून से लथपथ शव मिला है।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।
- विज्ञापन -

 

पवन पुत्र की तस्वीर साझा कर ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत को कहा Thank You, बोले- हम सम्मानित महसूस कर रहे

कोरोना वैक्सीन देने के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो ने पवन पुत्र हनुमान की तस्वीर साझा कर भारत का आभार जताया है।

लगातार तीसरे साल सबसे लोकप्रिय CM योगी आदित्यनाथ, चौथे नंबर पर फिसलीं ममता बनर्जी: इंडिया टुडे ने बताया देश का मूड

इंडिया टुडे के 'Mood of the Nation' सर्वे में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ तीसरी बार देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री चुने गए हैं।

राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि और दीपोत्सव के दीये… गणतंत्र दिवस पर यूपी की झाँकी में दिखेगी अयोध्या की धरोहर

गणतंत्र दिवस परेड में इस बार उत्तर प्रदेश की झाँकी में राम मंदिर की महिमा और भव्यता का प्रदर्शन किया जाएगा।

बायकॉट, ब्लैकआउट और अब ट्रैक्टर परेड: 26 जनवरी पर अराजकता फैलाने का लिबरल-कट्टरपंथियों का पैंतरा पुराना

दिल्ली पुलिस की इजाजत नहीं मिलने के बावजूद किसान संगठनों की 26 जनवरी को ट्रैक्टरों संग परेड निकालने की जिद के क्या मायने हैं?

हाथी पर जलता कपड़ा फेंका, दर्द से छटपटाया फिर तोड़ दिया दम: Video वायरल

तमिलनाडु के नीलगिरी में एक हाथी की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि किसी शख्स ने जलते कपड़े को हाथी के ऊपर फेंक दिया था।

कोरोना की वैक्सीन बनाने वाली सीरम को आग से ₹1000 करोड़ का नुकसान, उद्धव बोले- चल रही जाँच

पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की इमारत में लगी आग के बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने प्लांट का दौरा किया।

बातचीत फिर बेनतीजा, किसान संगठनों पर सरकार सख्त: जानिए, क्यों ट्रेंड कर रहा है #खालिस्तानी_माँगे_कुटाई

केंद्र सरकार और कथित किसान संगठनों के बीच 11वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। इस बीच ट्विटर पर #खालिस्तानी_माँगे_कुटाई ट्रेंड कर रहा है।
01:00:09

रूस में हिन्दू धर्म: इतिहास, रूसी समाज में स्वीकार्यता और कट्टरपंथी ईसाई द्वोरकिन के हमले

क्या है रूस का श्री प्रकाश धाम? अलेक्ज़ेंडर द्वोरकिन क्यों पड़ा है हिन्दुओं के पीछे? मॉस्को में रह रहे प्रसून प्रकाश से बातचीत

मंदिर की दानपेटी में कंडोम, आपत्तिजनक संदेश वाले पोस्टर; पुजारी का खून से लथपथ शव मिला

कर्नाटक के एक मंदिर की दानपेटी से कंडोम और आपत्तिजनक संदेश वाला पोस्टर मिला है। उत्तर प्रदेश में पुजारी का खून से लथपथ शव मिला है।

जून डो हजार इख्खीस टक लोखटांट्रिक टरीखे से चूना जाएगा खाँग्रेस पारटी का प्रेसीडेंट….

राहुल गाँधी ने लिखा था: तारीख पे तारीख देना स्ट्रैटेजी है उनकी। सोनिया गाँधी दे रहीं, कॉन्ग्रेसियों को बस तारीख पर तारीख।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
385,000SubscribersSubscribe