विषय: SVDV

BHU SVDV मामले में छात्रों की जीत, धरना समाप्त: डॉ फिरोज के इस्तीफे के साथ ही मीडिया गिरोह की खुली पोल

आधिकारिक रूप से BHU प्रशासन द्वारा SVDV से डॉ. फिरोज खान के इस्तीफे की पुष्टि करते ही छात्रों ने इसे धर्म, सत्य और मालवीय मूल्यों की जीत बताया है। अब उसी BHU के कला संकाय के संस्कृत विभाग में डॉ. फिरोज खान पढ़ाएँगे जिसका यही छात्र तहे-दिल से स्वागत करेंगे।

BHU के छात्रों ने किया परीक्षा का बहिष्कार, प्रशासन ने अंतिम निर्णय फिरोज पर छोड़ा, आमरण अनशन की तैयारी

"BHU प्रशासन छात्रों को गुमराह कर रहा है। पहले तो जिस दिन फिरोज खान मौखिक परीक्षा हुई, उसके दूसरे दिन ही ज्वाइन करा दिया गया रातो रात रजिस्ट्रार के ऑफिस में ही विरोध करने के बाद भी। परंतु अब उनको 1 महीने का टाइम दिया जा रहा है।, कहीं न कहीं ये आंदोलन को ख़त्म करने की साजिश के साथ, छात्रों के सब्र का इम्तिहान भी लिया जा रहा है।"

BHU प्रशासन का सफ़ेद झूठ: क्या VC गैर-हिन्दुओं से जुड़े इन ‘संवैधानिक बिंदुओं’ का जवाब दे पाएँगे?

बीएचयू प्रशासन को उस ऑर्डिनेंस को देश के सामने प्रस्तुत करना चाहिए जिसके जरिए बीएचयू में धार्मिक शिक्षा बीएचयू एक्ट-1951 में संशोधन के पूर्व से दी जा रही थी, इसीलिए संसद को संशोधन के समय लिखना पड़ा कि "religious instruction being given." अर्थात दी जा रही धार्मिक शिक्षा रोकी नहीं जाएगी।

BHU में अगर गैर हिन्दू कुलपति नहीं हो सकता तो ‘धर्म विज्ञान संकाय’ में ही बदलाव क्यों: छात्रों ने पूछे कई गंभीर सवाल

"अगर ग़ैर-हिन्दू BHU का कुलपति नहीं हो सकता और यह वर्तमान एक्ट में है, तो धर्म विज्ञान संकाय के लिए बनाए विशेष अधिनियम एक्ट से बाहर कैसे हो गए? 1904, 1906, 1915, 1951 और 1969 के BHU के एक्ट में अगर धर्म विज्ञान संकाय के लिए विशेष अधिनियम बनाये गए थे तो उसको महामना के उद्देश्यों के विपरीत क्यों बदला गया?"

BHU की परम्पराओं को ख़त्म करने की साजिश: प्रशासन ने दिए आधे-अधूरे जवाब तो फिर से धरने पर बैठे छात्र

"उपेक्षा का एकमात्र कारण ऐसे कुलपतियों का यहाँ आना भी रहा जो वामपंथी विचारधारा से प्रेरित थे। जिनकी हिन्दू धर्म और सनातन परम्पराओं में कोई रूचि नहीं रही। कॉन्ग्रेस के शासन के दौरान जब वामपंथ का बोलबाला रहा तभी BHU के संविधान से काफी छेड़छाड़ हुआ।"

BHU प्रशासन को दी गई मुहलत समाप्त: उच्च स्तरीय जाँच की माँग के साथ छात्रों ने लगाए ये आरोप

"संविधान भी धर्म विशेष संस्थानों के लिए विशेष अधिकार प्रदान करता है और वह अधिकार सभी को मिलना चाहिए। संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय को भी विशेष अधिकार प्राप्त हैं किन्तु जानकारी के अभाव में प्रशासन द्वारा भूल हुई है इसलिए अपनी गलती स्वीकार करते हुए उसे सुधार करने का प्रयास करना चाहिए।"
BHU, SVDV, फिरोज खान

PM मोदी के नाम धर्म विज्ञान संकाय के छात्रों ने लिखा पत्र: कुलपति की निकाली शवयात्रा, आज ग्राम देवता पूजन

अब दूसरे संकाय के छात्र भी संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्रों के समर्थन में आ गए हैं। प्रतीकात्मक रूप से कला संकाय के बिरला छात्रावास के छात्रों ने BHU प्रशासन की शव यात्रा निकाल कर अपना मुखर विरोध दर्ज कराया। कला संकाय के छात्र अभिषेक सिंह ने ऑपइंडिया को बताया कि...

छात्रों के विरोध के बीच डॉ. फिरोज ने दिया BHU आयुर्वेद संकाय में गुपचुप तरीके से इंटरव्यू

"फिरोज खान की SVDV छोड़कर कहीं भी नियुक्ति हो हम उनका स्वागत करेंगे। हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है हमारा विरोध सिर्फ उनके संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में पढ़ाने से है। हम उन्हें अपना आचार्य नहीं मान सकते, यहाँ उनकी नियुक्ति पूरी तरह से मालवीय मूल्यों, BHU संविधान और धर्म के संरक्षण के खिलाफ है।"

BHU में मशाल जुलूस के बाद आज भिक्षाटन कर ‘धर्म विज्ञान संकाय’ के छात्रों ने फिरोज की नियुक्ति का किया विरोध

"अगर प्रशासन ने छात्रों की बात नहीं मानी और अपना वादा पूरा नहीं किया तो धर्म की रक्षा के लिए काशी विद्वत परिषद, शंकराचार्यों, पूर्व प्रोफेसरों, आचार्यों सहित देश के कोने-कोने में रह रहे संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के पूर्व छात्र भी विशाल आंदोलन में शामिल होने को तैयार हैं।"

फिरोज खान काण्ड पर तथाकथित बुद्धिजीवियों द्वारा उठाए गए हर प्रश्न का BHU के विद्वानों ने दिया उत्तर

"संस्कृत पढ़ना कोई कौतूहल की बात नहीं है पर संस्कृत प्रेमी कहना पूर्ण सत्य नहीं है यदि फिरोज संस्कृत प्रेमी होते तो दूसरे के धर्म पर आघात नहीं करते मुझे लगता है ये केवल व्यवसायिक तौर पर ही संस्कृत को पढ़ें है यदि ये तीन पीढ़ी से संस्कृत ही पढ़ रहे हैं, भजन-श्लोक गाने में ही रूचि है तथा वैचारिक रूप से सनातनी ही है तो फिर इन्होंने अबतक सनातन धर्म क्यों नहीं अपना लिया?"

अगर वीसी ने धर्म संकाय में नियुक्ति नियमों का ध्यान रखा होता तो BHU की बदनामी नहीं होती: प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी

"जब कोई ऐसा कुलपति (VC) हो जिसे न उस संस्थान और उसके संस्थापक के मूल्य पता हों, न हिन्दू धर्म में आस्था तो ऐसा अनर्थ होना स्वाभाविक हो जाता है। सरकार को सोचना चाहिए जब वो कुलपति का चुनाव करती है कि कहाँ के लिए कैसा कुलपति उपयुक्त है।"

BHU में फिरोज का विरोध जारी: रुद्राभिषेक के बाद काशी विद्वत परिषद ने किया समर्थन, आज अस्सी पर सभा

"आप जज क्यों बन जाते हो, 'संस्कृत विभाग और मुस्लिम विरोध लिखकर' पूरे देश को गुमराह कर दिया। आप बताओ तो सही कि मामला क्या है? नियुक्ति संस्कृत विभाग में नहीं बल्कि 'संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय' में हुई है और ये मुस्लिम विरोध नहीं बल्कि सनातन धर्म की रक्षा का प्रश्न है। बाकी निर्णय क्या होगा ये आप छोड़ दीजिए, पहले सही मुद्दा तो सामने आए।"

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