Thursday, August 13, 2020
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BHU के छात्रों ने किया परीक्षा का बहिष्कार, प्रशासन ने अंतिम निर्णय फिरोज पर छोड़ा, आमरण अनशन की तैयारी

"छात्रों के भविष्य की प्रशासन को कोई चिंता नहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से आंदोलन को नजरअंदाज कर रही है अगर प्रशासन फिरोज खान प्रकरण में कोई ठोस कदम नहीं उठाता है तो छात्र आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे जिसका जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन खुद होगा।"

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में छात्रों को डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करते हुए आज 33 दिन बीत चुके हैं। प्रशासन द्वारा फिरोज खान की SVDV में नियुक्ति के विरोध का हल ढूँढने के लिए माँगी गई गई 10 दिन की समय सीमा भी 30 नवंबर को ही समाप्त हो गई। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने कोई हल न देकर आधे-अधूरे जवाब दिए, जिससे असंतुष्ट छात्र फिर से अपनी माँगों को लेकर पिछले 9 दिन से धरने पर हैं। छात्रों का कहना है कि हम यहाँ पढ़ने आए हैं आंदोलन करने नहीं लेकिन प्रशासन समाधान न ढूँढकर छात्रों के धैर्य की परीक्षा लेते हुए उन्हें कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर कर रहा है।

बता दें कि प्रशासन द्वारा इस पूरे प्रकरण में कोई निर्णय न लेने के कारण आज भारी संख्या में छात्र SVDV में धरनास्थल पर इकट्ठे हुए। छात्रों की माँगों और अनिश्चित कालीन धरना को देखते हुए आज एक बार फिर BHU प्रशासन की तरफ से BHU के चीफ प्राक्टर ओपी राय, संकाय पहुँचे थे। जहाँ पहले तो उन्होंने SVDV के छात्रों को मनाने की कोशिश की, लेकिन जब छात्र नहीं माने और अंतिम परिणाम तक अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प दोहराया तो चीफ प्रॉक्टर प्रशासन द्वारा अब तक उठाए गए कदमों को बताने लगे जिस पर छात्रों ने हंगामा किया कि वास्तविक तौर पर अभी कुछ नहीं किया गया है।

प्रशासन की तरफ से छात्रों को समझाते चीफ प्रॉक्टर

इस पर चीफ प्रॉक्टर ने छात्रों से बात करते हुए कहा कि संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्त डॉ. फिरोज खान को आयुर्वेद और कला संकाय के संस्कृत विभाग में भी चुन लिया गया है और उन्हें ज्वाइन करने के लिए सोमवार को नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि बीएचयू प्रशासन ने फिरोज खान को स्वतः संकाय चुनने की छूट दे दी है। वहीं, आंदोलन करने वाले छात्रों का कहना है कि अगर वो खुद चुनेगे तो इसमें प्रशासन ने क्या किया?

SVDV के छात्र शशिकांत मिश्र ने ऑपइंडिया को बताया, “महामना जी द्वारा स्थापित इस संकाय में महामना की इच्छा संकल्पना एवं विधि द्वारा स्थापित परंपरा के संरक्षण हेतु छात्र आज भी धरनारत हैं काशी हिंदू विश्वविद्यालय संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के छात्रों का संकाय में चल रहे आंदोलन का आज 33वां दिन है। BHU प्रशासन द्वारा लिया गया समय भी बहुत पहले ही पूरा हो चुका है, दिल्ली में कार्यकारिणी कमेटी की बैठक पूरी हो चुकी है, लिफाफा खुल चुका है उसके बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को गुमराह कर रहा है। पहले तो जिस दिन उनकी मौखिक परीक्षा हुई थी उसके दूसरे दिन ही ज्वाइन करा दिया गया रातो रात रजिस्ट्रार के ऑफिस में ही विरोध करने के बाद भी। परंतु अब उनको 1 महीने का टाइम दिया जा रहा है।, कहीं न कहीं ये आंदोलन को ख़त्म करने की साजिश के साथ, छात्रों के सब्र का इम्तिहान भी लिया जा रहा है।”

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आंदोलन का नेतृत्व कर रहे चक्रपाणि ओझा ने कहा, “छात्रों का एग्जाम है, लेकिन छात्रों के भविष्य की प्रशासन को कोई चिंता नहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से आंदोलन को नजरअंदाज कर रही है अगर प्रशासन इस प्रकरण में कोई ठोस कदम नहीं उठाता है तो छात्र आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे जिसका जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन खुद ही होगा।”

बता दें कि एसवीडीवी के बाद डॉ. फिरोज खान का आयुर्वेद और कला संकाय के संस्कृत भाषा विभाग में भी चयन हुआ है। अब वह संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में ही रहते है या नए विभागों में से किसी एक को चुनते हैं, यह फैसला उन्हें एक महीने के अंदर करना होगा। नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही एक महीने की डेडलाइन भी शुरू हो जाएगी।

इस बीच छात्रों ने संकाय में कल 10 दिसंबर से आयोजित होने वाली परीक्षा का बहिष्कार कर दिया है जिसे देखते हुए BHU प्रशासन ने संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में होने वाली सेमेस्टर एग्जाम को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। जिसके बाबत प्रशासन द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।

प्रशासन द्वारा जारी नोटिस

गौरतलब है कि एसवीडीवी में 5 नवंबर को साक्षात्कार के बाद छह को जारी परिणाम में डॉ. फिरोज खान को असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त कर दिया गया था। 6 नवम्बर को उन्हें नियुक्ति पत्र मिला और 7 नवंबर को ही वह SVDV संकाय में ज्वाइन करने वाले थे, तभी छात्रों को किसी गैर हिन्दू के संकाय में नियुक्ति की खबर लगते है छात्रों ने फिरोज की SVDV में नियुक्ति के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

बता दें कि डॉ. फिरोज खान 29 नवंबर को आयुर्वेद संकाय के संहिता एवं संस्कृत विभाग और 4 दिसंबर को कला संकाय के संस्कृत विभाग में उन्होंने साक्षात्कार दिया और वह वहाँ भी चयनित हुए। जिसका लिफाफा दिल्ली में BHU के कार्यकारिणी की बैठक में खुला। हालाँकि, फिरोज को लेकर कार्यकारिणी में क्या बात हुई इसका खुलासा प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है। आंदोलन की अगली कड़ी में छात्र बड़े पैमाने पर आमरण अनशन करने की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण छात्रों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा।

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