Sunday, January 24, 2021
Home विविध विषय धर्म और संस्कृति हाथी-मगरमच्छ की कहानी से समझें कश्मीरियत का दर्द सुनाने वालों ने लद्दाख जाना क्यों...

हाथी-मगरमच्छ की कहानी से समझें कश्मीरियत का दर्द सुनाने वालों ने लद्दाख जाना क्यों उचित नहीं समझा

विकट परिस्थितियों में फँसे लोगों को अक्सर “गजेन्द्र मोक्ष” पढ़ने की सलाह दी जाती है। मेरे विचार से धर्म को आम भारतीय लोगों की तरह राजनीति को दिशा-निर्देश करते रहना चाहिए।

सुदूर केरल अपने वनों के सौन्दर्य के लिए प्रसिद्ध है और आम तौर पर पर्यटन विभाग भी इसे “गॉड्स ओन कंट्री” के तौर पर प्रचारित करते दिखते हैं। कुछ सौ साल पहले जब त्रावनकोर राजवंश शासन में था, तब यहाँ एक छोटा सा महल बनवाना शुरू किया गया था। समय बीतने के साथ-साथ (संभवतः 1728 से 1758 के बीच) केरल के कायमकुलम में स्थित ये कृष्णापुरम महल अपने पूरे स्वरूप में आया।

आजकल इस महल का इस्तेमाल संग्रहालय के तौर पर होता है। संग्रहालय की प्रसिद्धि यहाँ के “कायामकुलम वाळ” (दोधारी तलवार/खांडा) और इसी जिले में पाई गई एक बुद्ध की मूर्ति के यहाँ होने की वजह से भी है। इसकी असली प्रसिद्धि यहाँ मौजूद “गजेन्द्र मोक्ष” की मुरल पेंटिंग की वजह से है। ये अपने तरीके की सबसे बड़ी पेंटिंग है।

दक्षिण भारत के ही तमिलनाडु में “गजेन्द्र मोक्ष” से जुड़ा गजेन्द्र वर्धा पेरूमल मंदिर भी है। इस मंदिर के बारे में ऐसा माना जाता है कि एक बार हनुमान जी ने यहाँ भगवान विष्णु की उपासना की ताकि वो “गजेन्द्र मोक्ष” का दृश्य देख सकें। उनके यहाँ “गजेन्द्र मोक्ष” का दर्शन करने के कारण इस जगह को “कबीस्थलम” भी कहा जाता है। छठी से नौवीं शताब्दी के बीच के तमिल संतों ने “दिव्य प्रबंध” में इस मंदिर की काफी प्रशंसा की है। आजकल ये दूसरे कई मंदिरों की ही तरह, ‘सेक्युलर सरकार बहादुर’ के नियंत्रण में है, इसलिए इसकी अभी की दशा पर चर्चा जाने देते हैं। जुलाई-अगस्त के समय तमिल मास “आदि” चल रहा होता है और इसी समय इस मंदिर में कुछ विशेष अनुष्ठान भी होते हैं।

अब वापस अगर इन स्थलों से जुड़ी कहानी, यानी “गजेन्द्र मोक्ष” पर चलें तो ये कई जन्मों की कहानी है। जैसा कि गजेन्द्र नाम से ही जाहिर है, कथा में एक हाथी है। अपने पूर्व जन्म में ये हाथी, इंद्रदयुम्न नाम के एक विष्णु भक्त राजा थे। एक बार जब इनके दरबार में अगस्त्य ऋषि आए तो ये उनके स्वागत में उठकर खड़े नहीं हुए। इस पर क्रुद्ध ऋषि ने उन्हें शाप दे डाला कि अगर इतने भारी हो गए हो कि उठ भी नहीं सकते तो अगले जन्म में तुम हाथी के रूप में ही पैदा हो और फिर समझो कि शरीर का बोझ कैसा होता है। कहानी के दूसरे मुख्य किरदार मगरमच्छ भी पिछले जन्म में हुहू नाम के एक गंधर्व राजा थे। एक बार ऋषि देवल के साथ स्नान करते समय उन्हें ठिठोली सूझी।

जैसे ही ऋषि देवल नदी में स्नान करते समय सूर्य को जल अर्पण करने लगे, हुहू पानी के अन्दर घुसकर उनका पैर कुछ ऐसे खींचने लगे जैसे कोई मगरमच्छ हो! इससे क्रुद्ध देवल ऋषि ने उन्हें मगरमच्छ हो जाने का शाप दिया। काफी अनुनय विनय के बाद जब देवल ऋषि माने तो उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु आकर तुम्हें इस शाप से मुक्ति दिलाएंगे। शापों के मुताबिक, हाथी और मगरमच्छ अपना जीवन-यापन कर रहे होते हैं।

एक दिन जब हाथी पानी पीने आता है तो मगरमच्छ उसे दबोचकर पानी के अन्दर खींचने लगता है। हाथी अपने आप को छुड़ाने का खूब प्रयास करता है, मगर वो पानी में मगरमच्छ से जीत नहीं पाता। आख़िरकार वहीं के एक कमल के फूल को भगवान विष्णु को अर्पित करते हुए वो उनसे मदद मांगता है। इस वैष्णव कथा के मुताबिक भक्त की पुकार पर भगवान फ़ौरन दौड़े आते हैं और सुदर्शन चक्र चलाकर भक्त को बचाते हैं।

वैष्णव मान्यताओं में इस कहानी की प्रतीकों के रूप में मान्यता भी है। ऐसा माना जाता है कि हाथी यहाँ जीव का स्वरूप है, मगरमच्छ उसके पाप और माया हैं, जिस नदी के कीचड़ जैसे स्थान में हाथी मगरमच्छ के जबड़े में फँसा है, वो कीचड़ संसार है। विकट परिस्थितियों में फँसे लोगों को अक्सर “गजेन्द्र मोक्ष” पढ़ने की सलाह दी जाती है।

शुक्लांबरधरं विष्णुं शशि वर्णं चतुर्भुजं ।
प्रसन्न वदनं ध्यायेत सर्व विघ्नोपशान्तये ।।

बाकी हालिया राजनीति में रूचि रखने वालों के लिए शायद लद्दाख का कश्मीरियत के जबड़े से छूटना कुछ ऐसा ही दृश्य उपस्थित करता होगा। जामयांग सृंग नामग्याल द्वारा लद्दाखी जनता की ओर से दिया गया आभार भी मिलता-जुलता लगता है। आप ये मान सकते हैं कि भगवान हैं, तो “भक्तों” की पुकार भी सुनते होंगे। कश्मीरियत का दर्द सुनाने वालों ने लद्दाख जाना क्यों उचित नहीं समझा, ये भी एक बड़ा सवाल हो सकता है। मेरे विचार से धर्म को आम भारतीय लोगों की तरह राजनीति को दिशा-निर्देश करते रहना चाहिए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

5-10-100 रुपए वाले पुराने नोट अगले महीने से बंद, RBI ने खुद बताया, मीडिया में भी छपी खबर – Fact Check

RBI अधिकारियों के हवाले से कई मीडिया संस्थानों ने खबर चलाई कि अब 100, 10 और 5 रुपए के पुराने नोट चलन में नहीं रहेंगे और बंद हो जाएँगे।

जो बायडेन के राष्ट्रपति बनते ही कैपिटल हिल के सामने हजारों मुस्लिमों ने पढ़ी जुमे की नमाज, फोटो वायरल – Fact Check

सोशल मीडिया पर कैपिटल हिल के सामने जुमे की नमाज पढ़ते हजारों मुस्लिमों की तस्वीरें वायरल हो गईं। इस तस्वीर की सच्चाई क्या है, आइए जानते हैं।

‘शबरी के राम’ से लेकर ट्रांसजेंडर समुदाय की कलाओं तक: UP दिवस में इस बार ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’

4 वर्ष पूर्व 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार ने निर्णय लिया कि जनवरी 24 को उत्तर प्रदेश दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 3 दिनों का होगा कार्यक्रम।

घोटालेबाज लालू के लिए लिबरल गैंग का रूदन चालू, पेड ट्वीट्स की बाढ़: सैकड़ों चंदा बाबू जैसे पीड़ितों का दोषी ‘मसीहा’ कैसे?

अब सजायाफ्ता लालू यादव के बीमार होने पर उसे 'सामाजिक न्याय' का मसीहा बताने वाले फिर से सामने आ गए हैं। ट्वीट पर ट्वीट किए जा रहे हैं।

नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या, उनके कुत्ते भी घायल: 25 वर्ष की आयु में लिया था संन्यास

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। ये घटना दियोरिया कला थाना क्षेत्र के सिंधौरा गाँव में हुई।

‘जिस लिफ्ट में ऑस्ट्रेलियन, उसमें हमें घुसने भी नहीं देते थे’ – IND Vs AUS सीरीज की सबसे ‘गंदी’ कहानी, वीडियो वायरल

भारतीय क्रिकेटरों को सिडनी में लिफ्ट में प्रवेश करने की अनुमति सिर्फ तब थी, अगर उसके अंदर पहले से कोई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी न हो। एक भी...

प्रचलित ख़बरें

नकाब हटा तो ‘शूटर’ ने खोले राज, बताया- किसान नेताओं ने टॉर्चर किया, फिर हत्या वाली बात कहवाई: देखें Video

"मेरी पिटाई की गई। मेरी पैंट उतार कर मुझे पीटा गया। उलटा लटका कर मारा गया। उन्होंने दबाव बनाया कि मुझे उनका कहा बोलना पड़ेगा। मैंने हामी भर दी।"

मदरसा सील करने पहुँची महिला तहसीलदार, काजी ने कहा- शहर का माहौल बिगड़ने में देर नहीं लगेगी, देखें वीडियो

महिला तहसीलदार बार-बार वहाँ मौजूद मुस्लिम लोगों को मामले में कलेक्टर से बात करने के लिए कह रही है। इसके बावजूद लोग उसकी बात को दरकिनार करते हुए उसे धमकाते हुए नजर आ रहे हैं।

मटन-चिकेन-मछली वाली थाली 1 घंटे में खाइए, FREE में ₹1.65 लाख की बुलेट ले जाइए: पुणे के होटल का शानदार ऑफर

पुणे के शिवराज होटल ने 'विन अ बुलेट बाइक' नामक प्रतियोगिता के जरिए निकाला ऑफर। 4 Kg की थाली को ख़त्म कीजिए और बुलेट बाइक घर लेकर जाइए।

‘नकाब के पीछे योगेंद्र यादव’: किसान नेताओं को ‘शूट करने’ आए नकाबपोश की कहानी में लोचा कई

किसान नेताओं ने एक नकाबपोश को मीडिया के सामने पेश किया, जिसने दावा किया कि उसे किसान नेताओं को गोली मारने के लिए रुपए मिले थे।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।
- विज्ञापन -

 

जाह्नवी कपूर की फिल्म की शूटिंग में ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ का फिर अड़ंगा, कहा- बाहर निकलो और हमारा समर्थन करो

किसान प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर पंजाब में जाह्नवी कपूर की फिल्म 'गुड लक जेरी' की शूटिंग में व्यवधान डाला है।

5-10-100 रुपए वाले पुराने नोट अगले महीने से बंद, RBI ने खुद बताया, मीडिया में भी छपी खबर – Fact Check

RBI अधिकारियों के हवाले से कई मीडिया संस्थानों ने खबर चलाई कि अब 100, 10 और 5 रुपए के पुराने नोट चलन में नहीं रहेंगे और बंद हो जाएँगे।

’69 साल की महिला सेक्स कर सकती है, लेकिन शादी नहीं’ – जज ने सुनाया फैसला, लेकिन क्यों?

जज ने कहा, "इस मुद्दे पर फैसला सुनाने में देरी अफ़सोसजनक है क्योंकि महिला उस युवक के साथ प्रेम संबंध नहीं बना पा रही।"

जो बायडेन के राष्ट्रपति बनते ही कैपिटल हिल के सामने हजारों मुस्लिमों ने पढ़ी जुमे की नमाज, फोटो वायरल – Fact Check

सोशल मीडिया पर कैपिटल हिल के सामने जुमे की नमाज पढ़ते हजारों मुस्लिमों की तस्वीरें वायरल हो गईं। इस तस्वीर की सच्चाई क्या है, आइए जानते हैं।

‘शबरी के राम’ से लेकर ट्रांसजेंडर समुदाय की कलाओं तक: UP दिवस में इस बार ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’

4 वर्ष पूर्व 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार ने निर्णय लिया कि जनवरी 24 को उत्तर प्रदेश दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 3 दिनों का होगा कार्यक्रम।

इमरान की अवन्तिका से शादी और बेटी भी… अब दोस्त की बीवी लेखा से ‘रिश्ते’ के लिए किराए का घर: आमिर की राह पर...

इमरान और लेखा के रिश्ते की भनक मीडिया रिपोर्टों में छप गई है। अवन्तिका ने घर छोड़ दिया। ने लेखा का परिचय अपने जान-पहचान वालों से...

घोटालेबाज लालू के लिए लिबरल गैंग का रूदन चालू, पेड ट्वीट्स की बाढ़: सैकड़ों चंदा बाबू जैसे पीड़ितों का दोषी ‘मसीहा’ कैसे?

अब सजायाफ्ता लालू यादव के बीमार होने पर उसे 'सामाजिक न्याय' का मसीहा बताने वाले फिर से सामने आ गए हैं। ट्वीट पर ट्वीट किए जा रहे हैं।

‘पूजा भारती ने खुद बाँध लिए हाथ-पैर, डैम में कूद कर ली आत्महत्या’: झारखंड पुलिस के बयान से गहराया सस्पेंस

झारखंड पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के बताया कि पूजा भारती ने आत्महत्या की थी, ऐसा अब तक की जाँच में सामने आया है।

नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या, उनके कुत्ते भी घायल: 25 वर्ष की आयु में लिया था संन्यास

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। ये घटना दियोरिया कला थाना क्षेत्र के सिंधौरा गाँव में हुई।

‘जिस लिफ्ट में ऑस्ट्रेलियन, उसमें हमें घुसने भी नहीं देते थे’ – IND Vs AUS सीरीज की सबसे ‘गंदी’ कहानी, वीडियो वायरल

भारतीय क्रिकेटरों को सिडनी में लिफ्ट में प्रवेश करने की अनुमति सिर्फ तब थी, अगर उसके अंदर पहले से कोई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी न हो। एक भी...

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
385,000SubscribersSubscribe