Homeविविध विषयमनोरंजनXXX सीरीज में फँसीं एकता कपूर: नग्नता, अश्लीलता और राष्ट्रीय प्रतीकों के अनुचित उपयोग...

XXX सीरीज में फँसीं एकता कपूर: नग्नता, अश्लीलता और राष्ट्रीय प्रतीकों के अनुचित उपयोग के खिलाफ कोर्ट गए सिंगर

ऑल्ट बालाजी एंटरटेनमेंट नग्नता के साथ-साथ अश्लीलता फैला रही है। कंपनी राष्ट्रीय प्रतीक के चिन्हों का अनुचित उपयोग भी कर रही है। पंजाब के मशहूर सिंगर द्वारा दायर किए गए सिविल सूट की अगली सुनवाई...

बालाजी टेलीफिल्म्स, एकता कपूर और ऑल्ट बालाजी एंटरटेनमेंट के खिलाफ चंडीगढ़ जिला न्यायालय में एक सिविल सूट दायर किया गया है। कोर्ट से ऑल्ट बालाजी एंटरटेनमेंट कंपनी और चैनल पर किसी भी टीवी धारावाहिक या वेब सीरीज को बनाने या उसके प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने की माँग की गई है।

चंडीगढ़ स्थित पब्लिक जागृति मिशन ने यह सिविल सूट दायर किया है। इनके अनुसार ऑल्ट बालाजी एंटरटेनमेंट नग्नता के साथ-साथ अश्लीलता फैला रही है। इसके अलावा कंपनी राष्ट्रीय प्रतीक के चिन्हों का अनुचित उपयोग भी कर रही है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।

पब्लिक जागृति मिशन के अध्यक्ष बलजीत सिंह (जो खुद एक गायक हैं) के हवाले से याचिकाकर्ता ने कहा है, “ऑल्ट बालाजी ने एक्सएक्सएक्स सीजन -2 (XXX Season-2) नाम से एक वेब सीरीज शुरू की है। इसमें सेना के जवानों को बहुत गलत तरीके से दिखाया गया है।”

इस मामले के वकील प्रकाश दीप कौर ने बताया कि उनके मुवक्किल बलजीत सिंह ने एकता कपूर, उनके पिता जितेन्द्र कपूर और माँ शोभा कपूर के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एकता कपूर को बालाजी प्रोडक्शन का नाम बदल लेना चाहिए। इसके पीछे तर्क दिया गया कि बालाजी का मतलब हनुमान जी है और इस नाम के बैनर तले अश्लीलता फैलाना समाज के खिलाफ है।

इसके पहले हिंदुस्तानी भाऊ ने आरोप लगाया था कि एकता कपूर ने अपनी एक वेब सीरीज में देश के जवान और उसकी वर्दी का मजाक बनाया है। इसके खिलाफ उन्होंने शिकायत भी दर्ज करवाई थी। तब सोशल मीडिया पर हिंदुस्तानी भाऊ का वीडियो वायरल भी हुआ था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -