‘The Tashkent Files की रिलीज रोक रही कॉन्ग्रेस की सुप्रीम फैमिली’, विवेक अग्निहोत्री को नोटिस और धमकी

"ये सब कॉन्ग्रेस की सुप्रीम फैमिली द्वारा करवाया जा रहा है। उन्हें ऐसा करने के लिए मज़बूर किया जा रहा है। शास्त्रीजी के पोतों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, शीर्ष परिवार द्वारा। आख़िर कॉन्ग्रेस नेता ऐसा क्यों कर रहे हैं?"

12 अप्रैल को रिलीज हो रही फ़िल्म ‘द ताशकंद फाइल्स’ को रोकने के लिए कॉन्ग्रेस पूरी जद्दोजहद कर रही है। इसके लिए निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को लीगल नोटिस भी भेजा गया है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री और उनके नाती संजय नाथ सिंह फ़िल्म के समर्थन में खड़े हैं। ट्रेलर लॉन्च के मौके पर संजय नाथ सिंह ने कहा भी था कि लाल बहादुर शास्त्री का पार्थिव शरीर जब दिल्ली लाया गया था तब किसी ने आकर उनके मुँह पर चन्दन मल दिया था। विवेक अग्निहोत्री और उनकी पत्नी अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने इस पर कुछ सुलगते हुए सवाल भी दागे थे। विवेक अग्निहोत्री ने ऑपइंडिया को इंटरव्यू देते हुए कई सवालों के जवाब दिए थे। उसमें उन्होंने कहा था कि वामपंथियों को ‘द ताशकंद फाइल्स’ ज़रूर देखनी चाहिए।

ट्रेलर लॉन्च के मौके पर पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के बड़े बेटे अनिल शास्त्री ने अपने पिता की तुलना वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुलना की थी। हाल ही में ऑपइंडिया ने ‘द ताशकंद फाइल्स’ का रिव्यु भी प्रकाशित किया था, जिसमें फ़िल्म के सभी आयामों की समीक्षा करते हुए बताया गया था कि ये वास्तविकता पर आधारित फ़िल्म है जिसमें तथ्यों से छेड़छाड़ नहीं की गई है। फ़िल्म में इंदिरा गाँधी का नाम नहीं लिया गया है और तथ्यों को दर्शकों के समक्ष रखते हुए चीजें उनके विवेक पर छोड़ दी गई हैं। लेकिन, बेचैन कॉन्ग्रेस इसकी रिलीज रुकवाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। ऊपर आप निर्देशक अग्निहोत्री को भेजी गई लीगल नोटिस को डाउनलोड कर के पढ़ सकते हैं।

लीगल नोटिस मिलने के बाद विवेक अग्निहोत्री ने ऑपइंडिया को एक्सक्लूसिव बयान देते हुए कहा:

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“जैसा कि आप जानते हैं, हमारी फ़िल्म ‘द ताशकंद फाइल्स’ 12 अप्रैल को रिलीज होने वाली है। कल रात हमें एक क़ानूनी नोटिस भेजा गया है, जिसमें प्रमुख कॉन्ग्रेस सदस्य और पार्टी के पूर्व सचिव द्वारा फ़िल्म की रिलीज रोकने की माँग की है। नोटिस भेजने वाले कॉन्ग्रेस के सुप्रीम गाँधी परिवार के सहयोगी हैं और रिश्ते में दिवंगत प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पोते हैं। ये आश्चर्य की बात है क्योंकि 7 अप्रैल को पीवीआर में आयोजित फ़िल्म के दिल्ली प्रीमियर में उन्होंने ‘द ताशकंद फाइल्स’ देखी थी और फ़िल्म की प्रशंसा भी की थी।

उन्होंने मेरे से मुलाक़ात कर व्यक्तिगत रूप से फ़िल्म ‘द ताशकंद फाइल्स’ को सराहा था। मुझे पता चला है कि ये सब कॉन्ग्रेस की सुप्रीम फैमिली द्वारा करवाया जा रहा है। उन्हें ऐसा करने के लिए मज़बूर किया जा रहा है। शास्त्रीजी के पोतों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, शीर्ष परिवार द्वारा। आख़िर कॉन्ग्रेस नेता ऐसा क्यों कर रहे हैं? आख़िर वो क्यों फ़िल्म की रिलीज रोकना चाहते हैं? आख़िर क्यों वो लोग मुझे चुप कराना चाहते हैं?

मुझे लगातार धमकाया जा रहा है। फ़िल्म की रिलीज बाधित करने की धमकी दी जा रही है। यह एक दुर्लभ फ़िल्म है, जिसमें एक युवा पत्रकार ‘Right To Truth’ की चाह में विजेता बनकर उभरती हैं। वो लोग ऐसी फ़िल्म से क्यों डर रहे हैं जो नागरिकों के ‘Right To Truth’ की आवाज़ को उठाती है? मैं सभी पत्रकारों से निवेदन करता हूँ कि आप उन से पूछो कि उनको इस फ़िल्म से क्या दिक्कत है? इस फ़िल्म में ऐसा क्या है, जो वो इतने डरे हुए हैं?”


विवेक अग्निहोत्री को भेजे गए लीगल नोटिस का एक अंश

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आज बुधवार (अप्रैल 10, 2019) को निर्देशक विवेक अग्निहोत्री द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। फ़िल्म ‘द ताशकंद फाइल्स’ में मिथुन चक्रवर्ती, श्वेता बासु प्रसाद और नसीरुद्दीन शाह सहित कई बड़े अभिनेता-अभिनेत्री हैं। फ़िल्म को समीक्षकों द्वारा भी सराहा गया है।

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