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जब गौरी से शादी के लिए शाहरुख़ खान बन गए ‘जितेंद्र कुमार तुली’, इस नाम के पीछे बॉलीवुड की 2 बड़ी हस्तियाँ: गौरी को निकाह के लिए बनना पड़ा था ‘आयशा’

मुस्ताक शेख ने अपनी पुस्तक 'Shah Rukh Can' में लिखा है कि बीते जमाने के 2 अभिनेताओं को सम्मान देने के लिए शाहरुख़ खान ने ये नाम चुना था।

शाहरुख़ खान और गौरी की प्रेम कहानी के बारे में लगभग सभी जानते हैं। गौरी के चक्कर में ही शाहरुख़ मुंबई आए थे। गौरी के पिता को वो पसंद नहीं थे, ऐसे में उन्हें शादी के लिए काफी पापड़ बेलने पड़े। फिल्मों में आने से पहले शाहरुख़ खान 1989 में आने वाले ‘फौजी’ और ‘सर्कस’ जैसे सीरियलों के लिए जाने जाते थे। क्या आपको पता है कि गौरी से शादी के लिए शाहरुख़ खान ने अपना नाम बदल कर ‘जितेंद्र कुमार तुली’ रख लिया था?

मुस्ताक शेख ने अपनी पुस्तक ‘Shah Rukh Can’ में लिखा है कि बीते जमाने के 2 अभिनेताओं को सम्मान देने के लिए शाहरुख़ खान ने ये नाम चुना था। उनकी दादी को ऐसा लगता था कि शाहरुख़ खान, ‘जम्पिंग जैक’ कहे जाने वाले अभिनेता जितेंद्र जैसे दिखते हैं। वहीं ‘तुली’ राजेंद्र कुमार का ऑरिजिनल सरनेम हुआ करता था। उन्हें ‘जुबली कुमार’ भी कहा जाता था, क्योंकि आए दिन उनकी फ़िल्में सिल्वर जुबली करती थीं।

लेखक मुस्ताक शेख के बारे में बता दें कि वो शाहरुख़ खान की ‘ओम शांति ओम (2007)’, ‘बिल्लू (2009)’ और ‘Ra.One (2011)’ जैसी बड़ी फिल्मों का स्क्रीनप्ले भी लिख चुके हैं। असल में गौरी निकाह के लिए ‘आयशा’ बनी थीं। विवाह के 2 कार्यक्रम हुए थे और कोर्ट मैरिज भी हुई थी। नाम बदलने के बारे में ज़्यादा लोगों को नहीं बताया गया था। 1991 में दोनों की शादी हुई थी। आर्यन खान और अबराम जहाँ उनके 2 बेटे हैं, वहीं सुहाना नामक एक बेटी हैं।

गौरी खान की माँ ने इसके रिश्ते के खिलाफ नींद की गोलियाँ खा ली थीं, लेकिन वो किसी तरह बच गईं। गौरी ने अपने लोगों के बीच शाहरुख़ खान का नाम ‘अभिनव’ बताया था, ताकि ऐसा लगे कि वो हिन्दू हैं। शाहरुख़ खान दावा करते हैं कि उनके बच्चे सबसे पहले भारतीय हैं और उनका धर्म मानवता है। शाहरुख़ खान ने बताया कि उन्हें इस दौरान विरोध का सामना भी करना पड़ा था। उन्होंने अपने दोस्त संजय का पता अपने नाम पर लिख रखा था, इस कारण उन पर पत्थर चले – ऐसा उन्होंने दावा किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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