Homeविविध विषयअन्यपहले दिन ₹50 लाख को भी तरस गई तापसी पन्नू की 'शाबाश मिठू', बॉक्स...

पहले दिन ₹50 लाख को भी तरस गई तापसी पन्नू की ‘शाबाश मिठू’, बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम से गिरी: खूब किया था प्रमोशन

फिल्म की कहानी की शुरुआत 8 वर्षीय मिताली राज से होती है। वो भरतनाट्यम सीख रही होती हैं। लेकिन इसके साथ ही उन्हें क्रिकेट में भी रुचि होती है। उनकी के रुचि उन्हें क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित करती है।

लेडी सचिन के नाम से विख्यात भारत की पूर्व महिला क्रिकेटर मिताली राज के जीवन पर बनी ‘शाबाश मिठू’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से पिट गई है। तापसी पन्नू (Tapsee Pannu) फिल्म में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज का किरदार निभा रही हैं। हालाँकि, रिलीज के साथ ही ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गई है। पहले दिन शुक्रवार को फिल्म ने केवल 50 लाख रुपए की कमाई की। कहीं-कहीं इसके कलेक्शंस मात्र 40 लाख रुपए भी बताया जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, तापसी की फिल्म ‘शाबाश मिठू’ एक ऐसे दक्षिण भारतीय परिवार की कहानी है, जिसमें एक बेटी अपने करियर को बनाने के लिए बगावत करती है। फिल्म की कहानी की शुरुआत 8 वर्षीय मिताली राज से होती है। वो भरतनाट्यम सीख रही होती हैं। लेकिन इसके साथ ही उन्हें क्रिकेट में भी रुचि होती है। उनकी के रुचि उन्हें क्रिकेटर बनने के लिए प्रेरित करती है।

इस फिल्म को मिताली राज की बायोपिक के तौर पर प्रमोट किया गया। लेकिन, बावजूद इसके फिल्म पिट गई। फिल्म में तापसी पन्नू के अलावा दूसरे दमदार एक्टर विजय राज ही रहे। उल्लेखनीय है कि 30 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस फिल्म को डायरेक्टर सृजित मुखर्जी ने बनाया है। लेकिन फिल्म को वो जिस तरीके से बनाना चाहते थे, उसमें वो सफल नहीं हो सके।

वहीं शाबाश मिथु को लेकर इंडिया टुडे को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा था कि वो इस फिल्म के लिए शाहरुख खान की चक दे इंडिया देखने के बाद प्रेरित हुईं थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें कई लोगों ने इस फिल्म को करने से पहले चक दे इंडिया देखने का सुझाव दिया था।

हालाँकि, शुक्रवार को ही रिलीज हुई राजकुमार राव की ‘हिट: द फर्स्ट केस’ने ‘शाबास मिथु’ को पटखनी देते हुए बॉक्स ऑफिस पर 1.40 करोड़ रुपए की कमाई की है। गौरतलब है कि तापसी पन्नू की कई सारी फिल्म लगातार ओटीटी पर रिलीज हुई हैं। ऐसे में उनके प्रशंसक संभवत: इसके ओटीटी पर रिलीज होने का इंतजार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि शाबास मिठू से पहले क्रिकेट पर बनी ’83’ और ‘जर्सी’ जैसी फिल्में भी फ्लॉप ही रही हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -