Sunday, January 17, 2021
Home विविध विषय भारत की बात नारायण स्वामी मंदिर को ढाह कर बनाया गया देवल मस्जिद... और राज्य सरकार हिंदू-इस्लामी...

नारायण स्वामी मंदिर को ढाह कर बनाया गया देवल मस्जिद… और राज्य सरकार हिंदू-इस्लामी वास्तुकला पर ताली बजा रही!

देवल मस्जिद पहले हिंदू-जैन मंदिर था, जिसका निर्माण राष्ट्रकूट के राजा इंद्र (तृतीय) ने 9वीं औ 10वीं सदी में कराया था। लेकिन तुगलक ने इस मंदिर को तोड़कर पहले खंडित किया और बाद में उसे मस्जिद का आकार दे दिया। बाद में हिंदुओं के पूजनीय शिवलिंग को पैरों के पास मढ़वाया।

भारत में इस्लामिक आक्रांताओं के प्रभाव के कारण हमने शुरुआत से ही अपनी संस्कृति और सभ्यता का खून होते देखा। क्लासरूम में किताबों के जरिए हमें जिन मुगलों के गुणगान का पाठ पढ़ाया गया, हकीकत में उनकी तलवार ने भारत का कोई कोना नहीं छोड़ा और भारत के न जाने कितने मंदिरों को मात्र मलबे में तब्दील कर दिया। उसके बाद इन्होंने उसी मलबे पर मुस्लिम स्मारकों को इतिहास में दर्ज करवाया। खुद मुस्लिम इतिहासकारों ने भी अपने शासकों और सेनापतियों की इस बर्बरता का बढ़-चढ़कर बखान किया। देवल मस्जिद भी इसी क्रूरता का एक उदाहरण है। जिसे आज तेलंगाना की विरासत के रूप में देखा जाता है और सेक्युलर लोग इसकी तारीफ करते नहीं थकते। लेकिन इसकी वास्तविक हकीकत क्या है और देवल मस्जिद बनने का इतिहास क्या है, आइए आज हम आपको बताएँ…

कल हेरिटेज तेलंगाना (तेलंगाना सरकार के हेरिटेज विभाग का ऑफिशिअल ट्वीटर हैंडल) ने इस मस्जिद को लेकर एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में इस मस्जिद का बखान इस प्रकार हुआ, “हिंदू और इस्लामी वास्तुकला दोनों की विशेषता वाले देवल मस्जिद एक ऐसी विरासत है, दुर्लभ स्मारक वाली ऐसी संरचना है, जिसने खोजकर्ताओं को मोहित किया है।”

Image result for देवल मस्जिद

अब हालाँकि, ये बात जाहिर है कि जिनकी आँखों पर धर्मनिरपेक्षता के नाम पर इस्लामिक पट्टियाँ बाँध दी गई हैं, वे इसे वाकई में एक धरोहर समझेंगे। लेकिन जिन्हें थोड़ा भी इस्लामिक बर्बरता और क्रूरता का भान है, वे समझ पाएँगे कि किस चालाकी से हिंदुओं के मंदिर पर ढाए गए जुल्म को संरचना का नाम देकर धरोहर बताया जा रहा है।

आंध्र प्रदेश के निजामाबाद जिले के बोधन में स्थित इस देवल मस्जिद का इतिहास काफी पुराना है। जैसा कि नाम से ही पता चलता है ये मस्जिद पहले एक मंदिर था। मगर मोहम्मद तुगलक ने दक्खन में अपने विजय अभियान के बाद इसकी संरचना में थोड़ा बहुत बदलाव करवाया और फिर इसे मस्जिद का नाम दे दिया। लेकिन इस दौरान इसकी दीवारों पर कई ऐसी कलाकृतियाँ छूट गईं, जिन्होंने इतिहासकारों को अपने मंदिर होने का प्रमाण दिया।

इतिहास के अनुसार, देवल मस्जिद पहले हिंदू-जैन मंदिर था, जिसका निर्माण राष्ट्रकूट के राजा इंद्र (तृतीय) ने 9वीं औ 10वीं सदी में कराया था। लेकिन तुगलक ने इस मंदिर को तोड़कर पहले खंडित किया और बाद में उसे मस्जिद का आकार दे दिया। बाद में हिंदुओं के पूजनीय शिवलिंग को पैरों के पास मढ़वाया।

इस मस्जिद का असली नाम इंद्रनारायण स्वामी हुआ करता था। कला इतिहासकार एमएस मेट ने इसका जिक्र अपनी किताब में भी किया कि आखिर कैसे एक विशाल मंदिर को मस्जिद में तब्दील किया गया। उन्होंने बताया कि तुलगक ने यहाँ से मूर्तियों को हटवाया और मेहराब रखवाया। मंदिर के शिखर को ध्वस्त किया गया और उसकी जगह गुँबद बनाए गए।

केवल इतिहासकार नहीं, बल्कि “मस्जिद” के भीतर रखा गया 11वीं शताब्दी का शिलालेख भी इस बात को संदर्भित करता है कि पहले ये ‘मस्जिद’ इंद्रनारायण का मंदिर था। लेकिन तुगलक के आक्रमण के बाद इसमें बदलाव हुआ।

बता दें कि इस मंदिर का जीर्णोद्धार 11वीं शताब्दी में जोगापय्या नाम के एक व्यक्ति ने किया था। उन्होंने उस समय भगवान विष्णु की एक प्रतिमा का अभिषेक किया था और एक गरुड़ स्तंभ बनवाया था।

ट्रू इंडोलॉजी द्वारा दी जानकारी के अनुसार, इस मस्जिद को आज भी वांडा संभल गुड़ी कहा जाता है। इस मस्जिद की दीवारों पर आज भी भगवान विष्णु के दशावतार देखे जा सकते हैं।

आइए अब उन परिस्थियों के बारे में जानते हैं, जिनके कारण ये विशालकाय मंदिर एक मस्जिद में तब्दील हुआ। दरसअल, 1323 में तुगलक खान ने बोधन पर आक्रमण किया। उस समय इसे काकतिया कमांडर सीतारामचन्द्र शास्त्री द्वारा संरक्षित किया जाता था। जिसके कारण उन्होंने तुगलक खान का तगड़ा प्रतिरोध किया। लेकिन आखिर में उन्हें हार माननी पड़ी और उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया।

तुगलक ने शास्त्री के सामने इस्लाम अपनाने और तुगलक के शासन को स्वीकारने की शर्त रखी। बाद में शास्त्री ने इस्लाम कबूल कर अपना नाम आलम खान कर लिया। लेकिन जैसे ही तुगलक की सेना वहाँ से गई शास्त्री ने दोबारा से हिंदुत्व अपना लिया। इसके बाद जब अगली दफा तुगलक की सेना ने बोधन पर आक्रमण किया उन्होंने अपने साथ कोई कैदी नहीं रखा। उन्होंने बोधन किले को घेरा और उसे ध्वस्त कर दिया। उन्होंने काकतिया कमांडर सीताराम चंद्र शास्त्री का सिर धड़ से अलग कर दिया और फिर इस मंदिर को देवल मस्जिद बना दिया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

एक साथ 8 ट्रेनें, सब से पहुँच सकेंगे सरदार पटेल की सबसे ऊँची मूर्ति तक: केवड़िया होगा देश का पहला ‘ग्रीन बिल्डिंग’ स्टेशन

इस रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ स्टेचू ऑफ़ यूनिटी देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को मिलेगा। इसके अलावा इस कनेक्टिविटी से केवड़िया में...

फहद अहमद अब बना ‘किसान नेता’, पहले था CAA विरोधी छात्र नेता: स्वरा-मंडली संग करता है काम, AMU में मिली थी ‘ट्रेनिंग’

मुंबई के TISS में Ph.D कर रहा एक छात्र नेता है फहद अहमद, जो CAA विरोधी प्रदर्शनकारी हुआ करता था, अब वो 'किसान नेता' बन गया है।

‘उलेमाओं की बात मानें और गड़बड़ कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ, नॉर्वे में 30 लोग मर गए’: सपा सांसद शफीकुर्रहमान

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कोरोना के टीके पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वो कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ।

भारत के खिलाफ विद्रोह, खालिस्तान से जुड़े मामले में ‘किसान नेता’ को समन, जवाब मिला – ‘नहीं आऊँगा, मेरे घर में शादी है’

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 'लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसाइटी (LBWS)' के 'किसान नेता' बलदेव सिंह सिरसा को पेश होने के लिए समन भेजा है।

नॉर्वे में वैक्सीन लेने वाले 25000 में से 29 की मौत, भारत में पहले ही दिन टीका लगवाने वाले 2 लाख लोग एकदम स्वस्थ

नॉर्वे में कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी 75 वर्ष के थे, जिनके शरीर में पहले से कई बीमारियाँ थीं।

#BanTandavNow: अमेज़ॉन प्राइम के हिंदूफोबिक प्रोपेगेंडा से भरे वेब-सीरीज़ तांडव के बहिष्कार की लोगों ने की अपील

अमेज़न प्राइम पर हालिया रिलीज सैफ अली खान स्टारर राजनीतिक ड्रामा सीरीज़ ‘तांडव’, जिसे निर्देशित किया है अली अब्बास ज़फ़र ने। अली की इस सीरीज में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया है।

प्रचलित ख़बरें

निधि राजदान की ‘प्रोफेसरी’ से संस्थानों ने भी झाड़ा पल्ला, हार्वर्ड ने कहा- हमारे यहाँ जर्नलिज्म डिपार्टमेंट नहीं

निधि राजदान द्वारा खुद को 'फिशिंग अटैक' का शिकार बताने के बाद हार्वर्ड ने कहा है कि उसके कैम्पस में न तो पत्रकारिता का कोई विभाग और न ही कोई कॉलेज है।

अब्बू करते हैं गंदा काम… मना करने पर चुभाते हैं सेफ्टी पिन: बच्चियों ने रो-रोकर माँ को सुनाई आपबीती, शिकायत दर्ज

माँ कहती हैं कि उन्होंने इस संबंध में अपने शौहर से बात की थी लेकिन जवाब में उसने कहा कि अगर ये सब किसी को पता चली तो वह जान से मार देगा।

‘अगर तलोजा वापस गए तो मुझे मार डालेंगे, अर्नब का नाम लेने तक वे कर रहे हैं किसी को टॉर्चर के लिए भुगतान’: पूर्व...

पत्नी समरजनी कहती हैं कि पार्थो ने पुकारा, "मुझे छोड़कर मत जाओ... अगर वे मुझे तलोजा जेल वापस ले जाते हैं, तो वे मुझे मार डालेंगे। वे कहेंगे कि सब कुछ ठीक है और मुझे वापस ले जाएँगे और मार डालेंगे।”

मंच पर माँ सरस्वती की तस्वीर से भड़का मराठी कवि, हटाई नहीं तो ठुकराया अवॉर्ड

मराठी कवि यशवंत मनोहर का कहना था कि उन्होंने सम्मान समारोह के मंच पर रखी गई सरस्वती की तस्वीर पर आपत्ति जताई थी। फिर भी तस्वीर नहीं हटाई गई थी इसलिए उन्होंने पुरस्कार लेने से मना कर दिया।

मारपीट से रोका तो शाहबाज अंसारी ने भीम आर्मी के नेता रंजीत पासवान को चाकुओं से गोदा, मौत

शाहबाज अंसारी ने भीम आर्मी नेता रंजीत पासवान की चाकू घोंप कर हत्या कर दी, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपित के घर को जला दिया।

केंद्रीय मंत्री को झूठा साबित करने के लिए रवीश ने फैलाई फेक न्यूज: NDTV की घटिया पत्रकारिता के लिए सरकार ने लगाई लताड़

पत्र में लिखा गया कि ऐसे संवेदनशील समय में जब किसान दिल्ली के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उस समय रवीश कुमार ने महत्वपूर्ण तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है, जो किसानों को भ्रमित करता है और समाज में नकारात्मक भावनाओं को उकसाता है।

एक साथ 8 ट्रेनें, सब से पहुँच सकेंगे सरदार पटेल की सबसे ऊँची मूर्ति तक: केवड़िया होगा देश का पहला ‘ग्रीन बिल्डिंग’ स्टेशन

इस रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ स्टेचू ऑफ़ यूनिटी देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को मिलेगा। इसके अलावा इस कनेक्टिविटी से केवड़िया में...

फहद अहमद अब बना ‘किसान नेता’, पहले था CAA विरोधी छात्र नेता: स्वरा-मंडली संग करता है काम, AMU में मिली थी ‘ट्रेनिंग’

मुंबई के TISS में Ph.D कर रहा एक छात्र नेता है फहद अहमद, जो CAA विरोधी प्रदर्शनकारी हुआ करता था, अब वो 'किसान नेता' बन गया है।

प्राइवेट वीडियो, किसी और से शादी तक नहीं करने दी… सदमे से माँ की मौत: महाराष्ट्र के मंत्री पर गंभीर आरोप

“धनंजय मुंडे की वजह से मेरी ज़िंदगी और करियर दोनों बर्बाद हो गए। उसने मुझे किसी और से शादी तक नहीं करने दी। जब मेरी माँ को..."

‘उलेमाओं की बात मानें और गड़बड़ कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ, नॉर्वे में 30 लोग मर गए’: सपा सांसद शफीकुर्रहमान

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कोरोना के टीके पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वो कोरोना वैक्सीन न लगवाएँ।

भारत के खिलाफ विद्रोह, खालिस्तान से जुड़े मामले में ‘किसान नेता’ को समन, जवाब मिला – ‘नहीं आऊँगा, मेरे घर में शादी है’

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 'लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसाइटी (LBWS)' के 'किसान नेता' बलदेव सिंह सिरसा को पेश होने के लिए समन भेजा है।

नॉर्वे में वैक्सीन लेने वाले 25000 में से 29 की मौत, भारत में पहले ही दिन टीका लगवाने वाले 2 लाख लोग एकदम स्वस्थ

नॉर्वे में कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी 75 वर्ष के थे, जिनके शरीर में पहले से कई बीमारियाँ थीं।

#BanTandavNow: अमेज़ॉन प्राइम के हिंदूफोबिक प्रोपेगेंडा से भरे वेब-सीरीज़ तांडव के बहिष्कार की लोगों ने की अपील

अमेज़न प्राइम पर हालिया रिलीज सैफ अली खान स्टारर राजनीतिक ड्रामा सीरीज़ ‘तांडव’, जिसे निर्देशित किया है अली अब्बास ज़फ़र ने। अली की इस सीरीज में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया है।

‘अगर तलोजा वापस गए तो मुझे मार डालेंगे, अर्नब का नाम लेने तक वे कर रहे हैं किसी को टॉर्चर के लिए भुगतान’: पूर्व...

पत्नी समरजनी कहती हैं कि पार्थो ने पुकारा, "मुझे छोड़कर मत जाओ... अगर वे मुझे तलोजा जेल वापस ले जाते हैं, तो वे मुझे मार डालेंगे। वे कहेंगे कि सब कुछ ठीक है और मुझे वापस ले जाएँगे और मार डालेंगे।”

राम मंदिर निर्माण की तारीख से क्यों अटकने लगी विपक्षियों की साँसें, बदलते चुनावी माहौल का किस पर कितना होगा असर?

अब जबकि राम मंदिर निर्माण के पूरा होने की तिथि सामने आ गई है तो उन्हीं भाजपा विरोधियों की साँस अटकने लगी है। विपक्षी दल यह मानकर बैठे हैं कि भाजपा मंदिर निर्माण 2024 के ठीक पहले पूरा करवाकर इसे आगामी लोकसभा चुनाव में मुद्दा बनाएगी।

वीडियो: ग्लास-कैरी बैग पर ‘अली’ लिखा होने से मुस्लिम भीड़ का हंगामा, कहा- ‘इस्लाम को लेकर ऐसी हरकतें, बर्दाश्त नहीं करेंगे’

“हम अपने बुजुर्गों की शान में की गई गुस्ताखी को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। ये यहाँ पर रखा क्यों गया है? 10 लाख- 15 लाख, जितने भी रुपए का है ये, हम तत्काल देंगें, यहीं पर।"

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
381,000SubscribersSubscribe