नेहरू के देश पर हिन्दू प्रभुत्व वालों का कब्जा, भारत के परमाणु बमों पर ध्यान दे दुनिया: इमरान ख़ान

भारत की परमाणु शक्ति से भयभीत इमरान ने विश्व समुदाय से अपील की कि भारत का परमाणु जखीरा 'हिंदुत्व प्रभुत्ववादियों के चंगुल में है' और इस पर ध्यान दिया जाए।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को हिन्दूफोबिया हो गया है। लगातार ट्वीट्स में पीएम नरेंद्र मोदी व भाजपा के लिए ‘हिन्दू प्रभुत्ववादी’ जैसे शब्दों का प्रयोग यह दिखाता है कि पाक पीएम को जम्मू कश्मीर मसले में केवल ‘हिन्दू एंगल’ ही दिख रहा है। इमरान ने एक के बाद एक चार ट्वीट कर भारत सरकार, पीएम मोदी और हिन्दुओं को भला-बुरा कहा। इमरान ख़ान ने लिखा कि जैसे जर्मनी पर नाज़ी ने कब्ज़ा कर लिया था, ठीक वैसे ही ‘फासिस्ट, रेसिस्ट और हिंदुत्व के प्रभुत्व’ वाले नेतृत्व ने भारत पर कब्ज़ा कर लिया है।

जम्मू कश्मीर को ‘भारत अधिकृत कश्मीर’ बताते हुए उन्होंने दावा किया कि वहाँ 90 लाख लोगों को 2 हफ्ते से नजरबंदी की हालत में रखा गया है। इमरान ने लिखा कि अब तक संयुक्त राष्ट्र को संज्ञान लेते हुए अपने प्रतिनिधियों को वहाँ भेज देना चाहिए था। भारत के राष्ट्रपिता और प्रथम प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए इमरान ने लिखा कि ‘इन हिन्दू प्रभुत्ववादियों’ से न सिर्फ़ भारत के अल्पसंख्यकों और पाकिस्तान को खतरा है, बल्कि गाँधी-नेहरू द्वारा जो भारत की संरचना बनाई गई थी, वो भी खतरे में है।

व्हाट्सप्प ज्ञान से फैलने वाले अफवाहों को बढ़ावा देते हुए खान ने लिखा कि गूगल सर्च कर के यह पता लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और नाज़ी की नरसंहार वाली विचारधाराओं में क्या समानताएँ हैं? उन्होंने दावा किया कि 40 लाख भारतीय मुस्लिम हिरासत में हैं और उन्हें विभिन्न कैम्पों में रखा गया है। इमरान के अनुसार, इन मुस्लिमों की नागरिकताएँ भी छीन ली गई हैं। हालाँकि, अपने इस झूठे दावे को साबित करने के लिए उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया।

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इमरान खान ने लिखा, “दुनिया को यह ज़रूर देखना चाहिए। आरएसएस के ‘गुंडे’ खुले तौर पर हिंसा कर रहे हैं। जिन्न अब बोतल से बाहर आ चुका है। अगर विश्व समुदाय ने समय पर कार्रवाई नहीं की तो नरसंहार और घृणा का यह सिद्धांत फैलता चला जाएगा।” भारत की परमाणु शक्ति से भयभीत इमरान ने विश्व समुदाय से अपील की कि भारत का परमाणु जखीरा ‘हिंदुत्व प्रभुत्ववादियों के चंगुल में है’ और इस पर ध्यान दिया जाए।

इमरान ख़ान इससे पहले भी आरएसएस और हिन्दुओं को लेकर भला-बुरा बोल चुके हैं। इससे पहले इमरान ने लिखा था कि कश्मीर में कर्फ्यू लगा है और जनता पर क्रैकडाउन किया जा रहा है। आर्थिक बदहाली से जूझ रहे इस्लामिक देश के प्रधानमंत्री ने लिखा था कि भारत सरकार जम्मू कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों को जबरदस्ती बदलना चाहती है। उन्होंने पूछा था, “क्या दुनियाँ सिर्फ़ देखती रहेगी और समर्थन करती रहेगी, जैसा कि म्यूनिख में हिटलर के काल में हुआ था?

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