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‘RSS की विचारधारा अब केवल J&K तक नहीं रुकेगी, पूरे भारत में मुस्लिमों का दमन करेगी’

"RSS की ये विचारधारा जम्मू कश्मीर और पूरे भारत के मुस्लिमों से गुजरते हुए अंततः पाकिस्तान को भी अपने लपेटे में ले लेगी। संघ की 'हिंदुत्व के प्रभुत्व वाली विचारधारा' जर्मनी के तानाशाह हिटलर की सोच के समान है।"

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने जम्मू कश्मीर पर एक बार फिर से रोना रोया है। इमरान ख़ान ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को भी निशाने पर लिया। ख़ान ने ट्विटर पर लिखा कि आरएसएस की हिन्दुओं के प्रभुत्व वाली विचारधारा नाज़ी-आर्यन विचारधारा की तरह है। उन्होंने जम्मू कश्मीर को ‘भारत अधिकृत कश्मीर’ बताते हुए लिखा कि ये विचारधारा अब केवल वहीं नहीं रुकेगी बल्कि पूरे भारत में मुस्लिमों का दमन कर देगी।

इमरान ख़ान ने डर जताया कि ये विचारधारा जम्मू कश्मीर और पूरे भारत के मुस्लिमों से गुजरते हुए अंततः पाकिस्तान को भी अपने लपेटे में ले लेगी। उन्होंने संघ की ‘हिंदुत्व के प्रभुत्व वाली विचारधारा’ को जर्मनी के तानाशाह हिटलर की सोच के सामान बताया। जम्मू कश्मीर में भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के अहम प्रावधानों को निरस्त कर राज्य को मिले विशेषाधिकार ख़त्म करने से तिलमिलाए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने लिखा कि जम्मू कश्मीर में नरसंहार किया जा रहा है।

उन्होंने लिखा कि कश्मीर में कर्फ्यू लगा है और जनता पर क्रैकडाउन किया जा रहा है। आर्थिक बदहाली से जूझ रहे इस्लामिक देश के प्रधानमंत्री ने लिखा कि भारत सरकार जम्मू कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों को जबरदस्ती बदलना चाहती है। उन्होंने पूछा, “क्या दुनियाँ सिर्फ़ देखती रहेगी और समर्थन करती रहेगी, जैसा कि म्यूनिख में हिटलर के काल में हुआ था?

इस दौरान इमरान ख़ान अपने ही देश में बलूचिस्तान में पाक फ़ौज द्वारा किए जा रहे अत्याचारों को भूल गए। पाक तो विरोधियों को फ़ौज का इस तरह ठिकाने लगाती है, जिससे किसी को पता तक नहीं चलता। बलूचिस्तान और POK के कई नेताओं को विदेश में रहना पड़ रहा है क्योंकि अपने क्षेत्र में उन्हें पाकिस्तान की सरकार और फौज से खतरा है। बांग्लादेश लिबरेशन वाले युद्ध के दौरान भी पाक फ़ौज द्वारा अपने ही देश के बंगालियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था। पाकिस्तानी फ़ौज का नरसंहार और दमन का पुराना इतिहास रहा है, जो अभी भी चालू है।

इमरान ख़ान के ताज़ा बयानों से पता चलता है कि तालिबान की डाँट और अपने मित्र चीन से अपेक्षित समर्थन न मिलने से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। ऊपर से संयुक्त राष्ट्र ने भी पाकिस्तान की अपील पर ध्यान नहीं दिया। वहीं भारत को रूस और ब्रिटेन सहित दुनियाभर के देशों से समर्थन प्राप्त हो रहा है। यूएई और मालदीव जैसे मुस्लिम बहुल देशों ने भी जम्मू कश्मीर मसले पर भारत का समर्थन किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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