Monday, April 12, 2021
Home विविध विषय अन्य चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, इस सीट पर EVM नहीं, बैलेट पेपर से होगा...

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, इस सीट पर EVM नहीं, बैलेट पेपर से होगा मतदान

चुनाव आयोग ने देश की एक लोकसभा सीट पर मतपत्र से चुनाव कराने का निर्णय लिया है। हालाँकि, इसकी वजह राजनीतिक पार्टियों की आपत्ति या माँग नहीं, बल्कि कुछ और है, जिसने चुनाव आयोग को मतपत्रों का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर कर दिया है।

लोकतंत्र के महापर्व यानी लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। 11 अप्रैल से पहले चरण का मतदान शुरू हो जाएगा। हर बार चुनाव के दौरान इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का मामला खूब जोर-शोर से उठता है और चुनाव हारने के बाद राजनीतिक पार्टियों द्वारा ईवीएम पर ठीकरा फोड़ना भी अब आम बात हो चुकी है। इसे लेकर समय-समय पर कुछ राजनीतिक पार्टियाँ ईवीएम की जगह फिर से मतपत्र से मतदान कराने की माँग करती रहती है। ऐसे में चुनाव आयोग ने देश की एक लोकसभा सीट पर मतपत्र से चुनाव कराने का निर्णय लिया है। हालाँकि, इसकी वजह राजनीतिक पार्टियों की आपत्ति या माँग नहीं, बल्कि कुछ और है, जिसने चुनाव आयोग को मतपत्रों का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर कर दिया है।

चुनाव आयोग ने तेलंगाना राज्य के हैदराबाद की निजामाबाद लोकसभा सीट पर मतपत्र से चुनाव करने का निर्णय लिया है। इसकी वजह ये है कि यहाँ पर लोकसभा के उम्मीदवारों की सूची इतनी लंबी हो गई है कि ईवीएम के जरिए चुनाव करा पाना संभव नहीं है। काफी संख्या में नामांकन होने की वजह से चुनाव आयोग को यहाँ हर बूथ पर काफी संख्या में ईवीएम की जरूरत पड़ेगी, जो काफी मुश्किल है। इसलिए चुनाव आयोग ने इस लोकसभा सीट पर ईवीएम की जगह मतपत्र से मतदान कराने का निर्णय लिया है।

जानकारी के मुताबिक, निजामाबाद लोकसभा सीट पर कुल 185 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इसमें 178 किसान शामिल हैं। बता दें कि, निजामाबाद लोकसभा सीट से तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं। इसीलिए किसानों ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति की नाकाम नीतियों का विरोध करने के लिए यहाँ से नामांकन दाखिल किया है। बताया जा रहा है कि फसलों के लिए बेहतर मुआवजे की माँग कर रहे किसानों की योजना तो कम से कम एक हजार पर्चे भरने की थी।

दरअसल एक ईवीएम में अधिकतर 16 उम्मीदवारों के ही नाम दर्ज हो सकते हैं और एक कंट्रोल यूनिट अधिकतम 4 ईवीएम से जुड़कर इनका रिकॉर्ड दर्ज कर सकती है। यानी एक कंट्रोल यूनिट ज्यादा से ज्यादा 64 उम्मीदवारों के नाम पर ही मतदान के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। अब ऐसे में जब निजामाबाद सीट पर 185 उम्मीदवार अपना राजनीतिक भविष्य तलाश रहे हैं, तो चुनाव आयोग के पास बैलेट पेपर के अलावा अन्य किसी तरीके से चुनाव कराने का कोई विकल्प नहीं रह जाता।

इस मामले पर मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा, “क्योंकि ईवीएम के जरिए मतदान कराना संभव नहीं है, इसलिए हम बैलेट पेपर का इस्तेमाल करेंगे। हमने इस मामले की जानकारी भारतीय निर्वाचन आयोग को दे दी है और उनके निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।” गौरतलब है कि राज्य में 1996 और 2010 में भी बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया था। इसके साथ जनवरी 2019 में भी ग्राम पंचायत चुनाव में मतपत्रों से वोट पड़े थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 करोड़ की वसूली के मामले में अनिल देशमुख को CBI का समन, 14 अप्रैल को होगी ‘गहन पूछताछ’

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 100 करोड़ रुपए की वसूली मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें 14 अप्रैल को जाँच एजेंसी के सामने पेश होना पड़ेगा।

आंध्र या कर्नाटक… कहाँ पैदा हुए रामभक्त हनुमान? जन्म स्थान को लेकर जानें क्यों छिड़ा है नया विवाद

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ पैनल 21 अप्रैल को इस मामले पर अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। पैनल में वैदिक विद्वानों, पुरातत्वविदों और एक इसरो वैज्ञानिक भी शामिल हैं।

‘गुस्ताख-ए-नबी की इक सजा, सर तन से जुदा’: यति नरसिंहानंद के खिलाफ मुस्लिम बच्चों ने लगाए नारे, वीडियो वायरल

डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के खिलाफ सोमवार को मुस्लिम बच्चों ने 'सर तन से जुदा' के नारे लगाए। पिछले हफ्ते आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान ने अपने ट्विटर अकाउंट पर महंत की गर्दन काट देने की बात की थी।

कुम्भ और तबलीगी जमात के बीच ओछी समानता दिखाने की लिबरलों ने की जी-तोड़ कोशिश, जानें क्यों ‘बकवास’ है ऐसी तुलना

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ सोशल मीडिया पर सेक्युलरों ने कुंभ तुलना निजामुद्दीन मरकज़ के तबलीगी जमात से की है। जबकि दोनों ही घटनाओं में मूलभूत अंतर है।

‘भारत को इस्लामी मुल्क बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे सभी मुस्लिम, अब घोषित हो हिंदू राष्ट्र’: केरल के 7 बार के MLA ने...

"भारत को तुरंत 'हिन्दू राष्ट्र' घोषित किया जाना चाहिए, क्योंकि मुस्लिम समाज 2030 तक इसे इस्लामी मुल्क बनाने के काम पर लगा हुआ है।"

महादेव की नगरी काशी बनेगी विश्‍व की सबसे बड़ी संस्‍कृत नगरी: CM योगी की बड़ी पहल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल के बाद देवलोक व महादेव की धर्मनगरी कही जाने वाली काशी अब विश्व में संस्कृत नगरी के रूप में जानी जाएगी।

प्रचलित ख़बरें

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छाबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

बंगाल: मतदान देने आई महिला से ‘कुल्हाड़ी वाली’ मुस्लिम औरतों ने छीना बच्चा, कहा- नहीं दिया तो मार देंगे

वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता को उस पीड़िता को डराते हुए देखा जा सकता है। टीएमसी नेता मामले में संज्ञान लेने की बजाय महिला पर आरोप लगा रहे हैं और पुलिस अधिकारी को उस महिला को वहाँ से भगाने का निर्देश दे रहे हैं।

SHO बेटे का शव देख माँ ने तोड़ा दम, बंगाल में पीट-पीटकर कर दी गई थी हत्या: आलम सहित 3 गिरफ्तार, 7 पुलिसकर्मी भी...

बिहार पुलिस के अधिकारी अश्विनी कुमार का शव देख उनकी माँ ने भी दम तोड़ दिया। SHO की पश्चिम बंगाल में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

जुमे की नमाज के बाद हिफाजत-ए-इस्लाम के कट्टरपंथियों ने हिंसा के लिए उकसाया: हमले में 12 घायल

मस्जिद के इमाम ने बताया कि उग्र लोगों ने जुमे की नमाज के बाद उनसे माइक छीना और नमाजियों को बाहर जाकर हिंसा का समर्थन करने को कहने लगे। इसी बीच नमाजियों ने उन्हें रोका तो सभी हमलावरों ने हमला बोल दिया।

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

‘ASI वाले ज्ञानवापी में घुस नहीं पाएँगे, आप मारे जाओगे’: काशी विश्वनाथ के पक्षकार हरिहर पांडेय को धमकी

ज्ञानवापी केस में काशी विश्वनाथ के पक्षकार हरिहर पांडेय को जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले का नाम यासीन बताया जा रहा।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,162FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe