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सरकार ने लक्ष्मी विलास बैंक के डीबीएस बैंक में विलय को दी मंजूरी: निकासी की सीमा भी हटाई, 6000 करोड़ के निवेश को स्वीकृति

लक्ष्‍मी विलास बैंक से जुड़े मामले का समाधान इसके जमाकर्ताओं और कर्मचारियों के वित्तीय हितों की रक्षा के साथ स्वच्छ बैंकिंग प्रणाली के लिए सरकार की मंशा को दर्शाता है। जावडेकर ने बताया कि कैबिनेट ने नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में 6000 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट के लिए दी है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लक्ष्‍मी विलास बैंक (Lakshmi Vilas Bank) के डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड (DBS Bank India Limited) के साथ विलय के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही लक्ष्‍मी विलास बैंक के जमाकर्ताओं पर निकासी की सीमा (withdrawal Limit) अब नहीं होगी।

यह जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार (नवंबर 25, 2020) को दी। उन्‍होंने बताया कि लक्ष्‍मी विलास बैंक के डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड के साथ विलय से लक्ष्‍मी विलास बैंक के करीब 20 लाख जमाकर्ताओं और लगभग चार हजार कर्मचारियों को राहत मिलेगी।

लक्ष्‍मी विलास बैंक से जुड़े मामले का समाधान इसके जमाकर्ताओं और कर्मचारियों के वित्तीय हितों की रक्षा के साथ स्वच्छ बैंकिंग प्रणाली के लिए सरकार की मंशा को दर्शाता है। जावडेकर ने बताया कि कैबिनेट ने नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में 6000 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट के लिए दी है।

इसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज 3.0 में की थी। सरकार ने राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की शृंखला के कामों के लिए 111 लाख करोड़ रुपए के वित्त पोषण समर्थन के लिये यह कदम उठाया है।

इसके साथ ही मंत्रिमंडलीय समिति ने एटीसी टेलीकॉम कंपनी की करीब 12 प्रतिशत शेयर खरीदने के लिए एटीसी एशिया पैसिफिक के 2,480 करोड़ रुपए के एफडीआई प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है।  

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एलवीबी की वित्तीय सेहत को खराब करने वाले लोगों को दंडित किया जाएगा। इससे पहले सरकार ने 17 नवंबर को रिजर्व बैंक को संकट में फँसे लक्ष्मी विलास बैंक पर 30 दिन की ‘रोक’ की सलाह दी थी। साथ ही प्रत्येक जमाकर्ता की 25,000 रुपए की निकासी की सीमा तय की गई थी।

इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने कंपनी कानून, 2013 के तहत एलवीबी के डीबीआईएल में विलय की योजना का मसौदा भी सार्वजनिक किया था। केंद्रीय बैंक ने एलवीबी के बोर्ड को भंग कर दिया था और केनरा बैंक के पूर्व गैर-कार्यकारी चेयरमैन टी एन मनोहरन को 30 दिन के लिए बैंक का प्रशासक नियुक्त किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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