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अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो: कोर्ट ने दिया आदेश, कमिश्नर ने FIR से किया था इनकार

"हम 25 करोड़ हैं और तुम (हिंदू) 100 करोड़ हो, 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो, देख लेंगे किसमें कितना दम है।"

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन औवैसी के छोटे भाई के खिलाफ कोर्ट ने हेट स्पीच मामले में केस दर्ज करने का आदेश दिया है। ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन औवैसी ने 23 जुलाई को नफरत फैलाने वाला बयान दिया था। अब इस मामले में करीमनगर कोर्ट ने पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।

दरअसल, करीमनगर के पुलिस कमिश्नर वीबी कमलासन ने अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से ये कहते हुए इनकार कर दिया था कि ओवैसी के भाषण में कुछ भी भड़काऊ नहीं था। जिसके बाद भाजपा के एक वकील ने करीमनगर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिस पर सुनवाई करते हुए करीमनगर कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने सारे दस्तावेज देखने के बाद शहर के तीनों पुलिस स्टेशनों को छोटे ओवैसी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए, 153 बी और धारा 506 के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा है।

वहीं, भाजपा नेता और प्रवक्ता कृष्ण सागर राव ने पुलिस कमिश्नर वीबी कमलासन के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी कमलासन के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराएगी।

गौरतलब है कि करीमनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि उनके 15 मिनट वाले बयान से अभी भी काफी लोग दहशत में हैं। साथ ही उसने मॉब लिंचिंग पर समुदाय विशेष को शेर बनने की सलाह देते हुए कहा कि दुनिया उसी को डराती है, जो डरता है और दुनिया उसी से डरती है, जो डराना जानता है। उसने वहाँ उपस्थित लोगों से कहा कि उन्हें आरएसएस, बजरंग दल और बीजेपी से डरने की जरूरत नहीं है। इस दौरान उसने 2013 में दिए गए 15 मिनट वाले बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उसने कहा था, “हम 25 करोड़ हैं और तुम (हिंदू) 100 करोड़ हो, 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो, देख लेंगे किसमें कितना दम है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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