Homeविविध विषयअन्यअब चलती ट्रेन में मिलेगी ATM सुविधा, मुंबई से नासिक के बीच चलने वाली...

अब चलती ट्रेन में मिलेगी ATM सुविधा, मुंबई से नासिक के बीच चलने वाली पंचवटी एक्सप्रेस में पायलट प्रोजेक्ट शुरू: नकदी के लिए यात्रियों को नहीं पड़ेगा भटकना

इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत एटीएम को एसी चेयर कार कोच में लगाया गया है। यह पहले अस्थायी पेंट्री के रूप में इस्तेमाल होने वाले क्यूबिकल में स्थापित है।

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए एक अनोखा कदम उठाया है। मुंबई और मनमाड के बीच चलने वाली पंचवटी एक्सप्रेस में देश का पहला चलता-फिरता एटीएम लगाया गया है। यह पहल सेंट्रल रेलवे के भुसावल डिवीजन और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सहयोग से शुरू हुई है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक्स अकाउंट पर इसका वीडियो साझा कर इस ऐतिहासिक शुरुआत की जानकारी दी। यह पहली बार है जब किसी भारतीय ट्रेन में यात्रा के दौरान नकद निकासी की सुविधा दी गई है।

सेंट्रल रेलवे (CR) द्वारा शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट में, एक निजी बैंक द्वारा उपलब्ध कराया गया एटीएम एक वातानुकूलित कोच के अंदर स्थापित किया गया है।यह पहले अस्थायी पेंट्री के रूप में इस्तेमाल होने वाले क्यूबिकल में स्थापित है। सुरक्षा के लिए इसमें शटर डोर, रबर पैड, बोल्ट और दो अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं। मनमाड रेलवे वर्कशॉप में कोच में जरूरी बदलाव किए गए ताकि एटीएम चलती ट्रेन में भी सुचारू रूप से काम कर सके।

इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत एटीएम को एसी चेयर कार कोच में लगाया गया है। सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया, “यह एक प्रयोग है। अगर यह सफल रहा, तो अन्य ट्रेनों में भी एटीएम लगाए जाएँगे।”

पंचवटी एक्सप्रेस रोजाना छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), मुंबई से मनमाड जंक्शन, नासिक तक चलती है। यह ट्रेन 258 किलोमीटर की दूरी 4 घंटे 35 मिनट में तय करती है। इसके 22 कोच हैं, जिनमें रोजाना करीब 2,200 यात्री सफर करते हैं। सभी कोच वेस्टिब्यूल से जुड़े हैं, इसलिए हर यात्री एटीएम तक आसानी से पहुँच सकता है। एटीएम से नकद निकासी के अलावा चेकबुक ऑर्डर और अकाउंट स्टेटमेंट की सुविधा भी मिलेगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -