Homeविविध विषयअन्यमनी लॉन्ड्रिंग केस में इन्फ्लूएंसर संदीपा विर्क गिरफ्तार, ED ने छापेमारी कर पकड़ा: सोशल...

मनी लॉन्ड्रिंग केस में इन्फ्लूएंसर संदीपा विर्क गिरफ्तार, ED ने छापेमारी कर पकड़ा: सोशल मीडिया पर चलाती है कॉन्ग्रेस प्रोपेगेंडा, राहुल गाँधी-रवीश कुमार की है फैन

संदीपा सोशल मीडिया इन्फ्लएंसर हैं, जो इंस्टाग्राम पर 12 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उनके इंस्टाग्राम आईडी के मुताबिक वह एक बिजनेसमैन और अभिनेत्री हैं। साथ ही hyboocare.com वेबसाइट की ऑनर हैं।

इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर संदीपा विर्क को 40 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने गिरफ्तार किया है। उसने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए फर्जी वेबसाइट बनाई थी। संदीपा विर्क को अक्सर सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी और प्रोपेगेंडा पत्रकार रवीश कुमार का समर्थन करते देखा गया है।

कौन हैं संदीपा विर्क

संदीपा सोशल मीडिया इन्फ्लएंसर हैं, जो इंस्टाग्राम पर 12 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उनके इंस्टाग्राम आईडी के मुताबिक वह एक बिजनेसमैन और अभिनेत्री हैं। साथ ही hyboocare.com वेबसाइट की ऑनर हैं। मनी लॉन्ड्रिंग का मामले को लेकर 12 और 13 अगस्त को ईडी ने दिल्ली और मुंबई के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद 14 अगस्त को संदीपा को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ के दौरान संदीपा ने कहा कि hyboocare.com वेबसाइट त्वचा की देखभाल से जुड़ी प्रोडक्ट को बेचने का प्लेटफॉर्म है। जबकि ईडी का कहना है कि ये वेबसाइट मनी लॉन्ड्रिंग के लिए मुखौटा है।

सेतुरमन और संदीपा के करीबी रिश्ते

संदीपा विर्क और अब बंद हो चुके रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व निदेशक अंगाराई नटराजन सेतुरमन के बीच काफी करीबी रिश्ता था। सेतुरमन के घर पर भी ईडी ने तलाशी ली थी, उस वक्त गैरकानूनी लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और फंड डायवर्जन समेत कई सबूत मिले थे, जिससे पता चलता है कि पर्सनल फायदे के लिए पैसों का दुरुपयोग किया गया।

ईडी की जाँच में सामने आया है कि 2018 में सेतुरमन को नियमों को ताक पर रख कर रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड ने 18 करोड़ रुपए का लोन दिया था। लोन का व्याज और मूलधन भी नहीं दिया गया। इसके बाद फिर 22 करोड़ रुपए का रिलायंस कैपिटल ने दिया। इसकी रकम अभी भी बकाया है।

पंजाब पुलिस ने इसको लेकर पहले एफआईआर दर्ज किया था। जिसके बाद पीएमएलए के तहत 12 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद ईडी ने जाँच शुरू की। इस दौरान एक व्यक्ति फारुख अली को पकड़ा गया जो खुद को संदीपा का मददगार बता रहा था। उसके बयान भी दर्ज किए गए।

वेबसाइट पर दिखाए गए प्रोडक्ट पर सवाल

संदीपा वर्क की वेबसाइट पर जो सौंदर्य उत्पाद बेचा जा रहा है। उसमें जो दावा किया जा रहा था वह उत्पाद में नहीं थे। एफडीए अप्रूवल भी फर्जी था और पोर्टल में कंज्यूमर रजिस्ट्रेशन का कोई ऑपशन नहीं था। ईडी का कहना है कि वेबसाइट की जाँच में पता चलता है कि इसके सोशल मीडिया, व्हाट्सअप नंबर निष्क्रिय हैं और पारदर्शिता का अभाव है। ये लोगों को गलत जानकारी देती है। ईडी इसकी जाँच भी कर रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आतंकियों तक आधार पहुँचाने की साजिश किसकी? MP के ‘क्लोन Aadhar मशीन’ मामले ने बढ़ाई चिंता, अन्य राज्यों में भी फर्जी पंजीकरण के नेटवर्क...

मध्य प्रदेश के क्लोन आधार मशीन मामले के बाद जानिए, क्या दूसरे राज्यों में भी आधार पंजीकरण में ऐसी गड़बड़ियाँ सामने आई हैं।

बीमारी के बहाने निशाने पर भारत… BBC ने ’38 परजीवी’ के सहारे 19 साल पुरानी घटना पर किया बदनाम: पढ़ें- कैसे पश्चिमी मीडिया ने...

BBC ने रिपोर्ट में लिखा कि भारत घूमने आई महिला के दिमाग में 38 परजीवी मिले। यह दावा न तो मेडिकल साइंस के हिसाब से सही और न इसमें कोई सच्चाई।
- विज्ञापन -