Homeविविध विषयअन्यवामपंथी चीन में गूँज रहा 'हरे कृष्णा-हरे रामा' - वीडियो में चीनी झूम रहे...

वामपंथी चीन में गूँज रहा ‘हरे कृष्णा-हरे रामा’ – वीडियो में चीनी झूम रहे राम-कृष्ण के भजनों पर

ISKCON द्वारा ट्विटर पर साझा किए गए वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि उसमें चीन की कई महिलाएँ एक घेरा बना कर नृत्य कर रही हैं। उनके अलावा कई आदमी मंजीरा और...

चीन जैसे वामपंथी देश में ऐसी बातों की कल्पना करना लगभग असंभव है। चीन के स्थानीय लोग सड़कों पर हरे राम – हरे कृष्ण का जाप करते हुए नज़र आए। इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ़ कृष्ण कॉनशियसनेस (ISKCON) ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने आधिकारिक ट्विटर एकाउंट पर साझा किया। ISKCON द्वारा साझा किए गए इस वीडियो को फिलहाल सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएँ भी मिल रही हैं।  

ISKCON द्वारा ट्विटर पर साझा किए गए वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि उसमें चीन की कई महिलाएँ एक घेरा बना कर नृत्य कर रही हैं। उनके अलावा कई आदमी मंजीरा और मृदंगम जैसे वाद्य यंत्र बजा रहे हैं।

वीडियो में मौजूद लगभग हर इंसान हरे कृष्ण – हरे राम का जाप भी कर रहा है। इतना ही नहीं, मौके पर मौजूद कई लोग भजन गाने में उनका साथ देते हुए भी नज़र आते हैं। वहीं कुछ लोग भजन गाते हुए लोगों की तस्वीरे लेते हैं और वीडियो बनाते हुए भी दिखते हैं।  

चीन अवधारणा के लिहाज़ से नास्तिक देश है। इसके बावजूद गुज़रे कुछ सालों में चीन के नास्तिक लोगों का झुकाव भी कृष्ण की तरफ हुआ है। पूरे चीन में ISKCON के कुल 5 आध्यात्मिक केंद्र हैं। श्रीकृष्ण भगवान जन्मदिन जन्माष्टमी पूरे चीन में बेहद उत्साह के साथ कई इलाकों में मनाया जाता है।

इस मौके पर ISKCON पूरे चीन की कई अलग-अलग जगहों पर बड़े आयोजन करवाता है। इस तरह के आयोजनों में चीन में रहने वाले तमाम श्रीकृष्ण भक्त शामिल होते हैं। वह श्रीकृष्ण के भजन गाते हैं और श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करते हैं।   

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -