Homeविविध विषयअन्यउड़ान चांद का, आशीर्वाद भगवान का: चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग से पहले ISRO वैज्ञानिकों...

उड़ान चांद का, आशीर्वाद भगवान का: चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग से पहले ISRO वैज्ञानिकों ने तिरुपति मंदिर में की पूजा, बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल ने अमरनाथ के किए दर्शन

पिछले कुछ समय में धार्मिकता का मजाक बनाना ट्रेंड में देखा गया। लेकिन अब धीरे-धीरे यह समय बदल रहा है। इसरो के साइंटिस्ट से लेकर स्पोर्स्ट्स चैंपियन्स अपने धर्म और आस्था को दिखाने में गुरेज नहीं कर रहे हैं।

इंसान चाहे किसी भी मुकाम पर पहुँच जाए लेकिन भगवान के प्रति आस्था ऐसी चीज है जो यदि मन में हो तो कभी खत्म नहीं होती। हाल में ऐसे दो उदाहरण देखने को मिले। जब चंद्रयान-3 लॉन्च करने वाली वैज्ञानिकों की टीम चंद्रयान-3 का मिनी मॉडल लेकर तिरुपति मंदिर आशीर्वाद लेने पहुँचे और दूसरी ओर सायना नेहवाल जैसे बड़ी बैडमिंटन स्टार अपनी माता को अमरनाथ यात्रा कराने पहुँचीं। जहाँ उन्होंने भगवान के दर्शन कर कहा कि वह खुद को भाग्यशाली महसूस कर रही हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा जारी किए गए विजुल्स में देख सकते हैं 14 जुलाई को होने जा रहे चंद्रयान-3 के लॉन्च से पहले ISRO वैज्ञानिकों की टीम उत्साह के साथ तिरुपति वेंकटचलपथी मंदिर में गई और भगवान का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके पास चंद्रयान-3 का मिनी मॉडल भी था। ISRO वैज्ञानिकों ने मंदिर से बाहर आकर मीडिया को बताया- ये चंद्रयान-3 है। हमारा चंद्रमा तक का मिशन। हम इसे कल लॉन्च करेंगे।

इसरो टीम के इस प्रकार से मंदिर जाने पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल भी खड़े किए लेकिन कई लोग ऐसे थे जिन्होंने टीम के इस कदम को सहारा। वह बोले कि लोग विज्ञान और अध्यात्म को अलग मानते हैं मगर दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।

वहीं बैंडमिंटर स्टार सायना नेहवाल की भी एक वीडियो सामने आई। उन्होंने बताया कि वो और उनका परिवार अमरयाथ यात्रा के लिए आईं और उनके लिए ये बहुत खास दिन है। वह बोलीं, “आज मेरे और मेरे फैमिली के लिए बहुत अच्छा दिन है। हम खुशनसीब हैं कि हम यात्रा कर रहे हैं। हम इसके लिए सरकार और स्थानीय लोगों को धन्यवाद करते हैं जिन्होंने हमारी मदद की।”

सायना की वीडियो देखने के बाद एक ट्विटर हैंडल से लिखा गया सायना नेहवाल आने वाली पीढी के लिए उदाहरण बन रही है। ओलंपिक मेडलिस्ट, बैडमिंटन चैंपियन सायना अपनी माता को अमरनाथ यात्रा पर ले जा रही हैं।

गौतलब है कि पिछले कुछ समय में धार्मिकता का मजाक बनाना ट्रेंड में देखा गया। लेकिन अब धीरे-धीरे यह समय बदल रहा है। इसरो के साइंटिस्ट से लेकर स्पोर्स्ट्स चैंपियन्स अपने धर्म और आस्था को दिखाने में गुरेज नहीं कर रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसी को बेल मिली तो घर नहीं जा सका, कोई अब तक जेल में… संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को सामान्य बनाना चाह रहे...

हर पीढ़ी में ऐसे युवा होते हैं जो व्यवस्था बदलना चाहते हैं। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि व्यवस्था बदलने और कानून तोड़ने में अंतर होता है।

PM की हत्या की साजिश, संसद में घुसने का प्रयास और पुलिस पर पथराव: Insta रील से इतर समझें ‘कॉकरोचों’ का एजेंडा, कैसे ठगे...

एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
- विज्ञापन -