Tuesday, January 26, 2021
Home विविध विषय अन्य मौत के 9 दिन बाद भी एक्टिव था सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान...

मौत के 9 दिन बाद भी एक्टिव था सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान का मोबाइल फोन

बता दें कि कुछ समय के लिए सुशांत सिंह राजपूत के मैनेजर के रूप में काम कर चुकी दिशा की इसी साल 8 जून को रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी, इसके 6 दिन बाद सुशांत ने भी कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई जाँच के बीच उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के केस में भी सोमवार (अगस्त 24, 2020) को एक नया खुलासा हुआ। दिशा की कॉल डिटेल्स से पता चला है कि उनका फोन उनकी मौत के कई दिनों बाद तक एक्टिव था। 

बता दें कि कुछ समय के लिए सुशांत सिंह राजपूत के मैनेजर के रूप में काम कर चुकी दिशा की इसी साल 8 जून को रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी, इसके 6 दिन बाद सुशांत ने भी कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि दिशा सालियान की मौत के 9 दिन बाद तक यानी 17 जून तक उनका फोन एक्टिव रहा। इतना ही नहीं उसके फोन से 9 से 17 जून के बीच इंटरनेट कॉल भी की गई थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वो कौन शख्स है जो उसका फोन इस्तेमाल कर रहा था।

सूत्रों के मुताबिक, दिशा ने 7 जून को कम से कम 36 कॉल किए, जिसमें उसकी दोस्त एकता को किया फोन कॉल भी है, जिसे उन्होंने करीब 12:10 बजे किया था। चश्मदीद के मुताबिक पुलिस हादसा होने कुछ ही मिनट में पहुँच गई, मगर किसी भी अधिकारियों द्वारा फोन जब्त नहीं किया गया। मुंबई पुलिस ने उनके फोन को 9 दिन बाद तक फोरेंसिक जाँच के लिए नहीं भेजा था।

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीआई लगातार पूछताछ कर साक्ष्य जुटा रही है। इसी बीच सुशांत के जिम पाटर्नर सुनील शुक्ला ने रिया चक्रवर्ती पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक रिया चकवर्ती के ‘दो डैडी’ ने मिलकर सुशांत की हत्या की साजिश रची। उनके अनुसार सुशांत डिप्रेशन में नहीं थे और रिया उन्हें अपने पिता द्वारा दी गई दवाइयॉं दे रही थीं।

सुनील शुक्ला ने कहा, “सुशांत सिंह राजपूत की हत्या की साजिश ‘दो डैडी’ द्वारा की गई थी। इसमें एक रिया चक्रवर्ती के सगे पिता इंद्रजीत चकवर्ती और दूसरे उनके ‘शुगर डैडी’ महेश भट्ट हैं।”

शुक्ला ने दावा किया रिया ने अपने पिता के द्वारा दी गई दवाएँ सुशांत को दी और रिया के घर छोड़कर जाने के बाद घर के किस व्यक्ति ने उसे दवा दी? घर में सुशांत के अलावा उनके फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी, कुक नीरज और मैनेजर दीपेश सावंत था।

बता दें कि एक्टर की मौत के मामले में जाँच के दौरान सीबीआई ने रिपोर्ट का विश्लेषण करने और स्वास्थ्य-कानूनी राय देने के लिए एम्स फॉरेंसिक टीम की मदद भी माँगी है। अधिकारियों ने सुशांत के मैनेजर सैमुअल मिरांडा और बावर्ची नीरज के साथ बांद्रा में दिवंगत अभिनेता के घर का दोबारा से दौरा भी किया ताकि सीन री-क्रिएट हो सके। इसके अलावा सिद्धार्थ पिठानी और नीरज के बयान लिए गए हैं, जो पहले मैच नहीं हुए थे। इसलिए हो सकता है आगे इन्हें समन फिर भेजा जाए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

12 साल की लड़की का स्तन दबाया, महिला जज ने कहा – ‘नहीं है यौन शोषण’: बॉम्बे HC का मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शारीरिक संपर्क या ‘यौन शोषण के इरादे से किया गया शरीर से शरीर का स्पर्श’ (स्किन टू स्किन) के आधार पर...

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

राहुल गाँधी बोले- किसान मजबूत होते तो सेना की जरूरत नहीं होती… अनुवादक मोहम्मद इमरान बेहोश हो गए

इरोड में राहुल गाँधी के अंग्रेजी भाषण का तमिल में अनुवाद करने वाले प्रोफेसर मोहम्मद इमरान मंच पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।
- विज्ञापन -

 

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

‘RSS नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक, संघ समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं’: कॉन्ग्रेसी सांसद और CM भूपेश बघेल का ज्ञान

कॉन्ग्रेस के सीएम भूपेश ने कहा कि आरएसएस के समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं। महात्मा गाँधी की हत्या कैसे किया गया था? पहले पैर छुए फिर उनके सीने में गोली मारी।

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

‘लाल किले पर लहरा रहा खालिस्तान का झंडा- ऐतिहासिक पल’: ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने मनाया ‘ब्लैक डे’

गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर 'खालिस्तानी झंडा' फहराने को लेकर ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (APML) काफी खुश है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा स्थापित पाकिस्तानी राजनीतिक पार्टी ने इसे 'ऐतिहासिक क्षण' बताया है।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

देशी-विदेशी शराब से लदी मिली प्रदर्शनकारी किसानों की ट्रैक्टर: दिल्ली पुलिस ने किया सीज, देखें तस्वीरें

पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रैक्टर को सीज किया है। सामने आए फोटो में देखा जा सकता है कि पूरा ट्रैक्टर शराब से भरा हुआ है। यानी कि शराब के नशे में ट्रैक्टरों को चलाया जा रहा है।

मुंगेर में माँ दुर्गा भक्तों पर गोलीबारी करने वाले सभी पुलिस अधिकारी बहाल, जानिए क्या कहती है CISF रिपोर्ट

बिहार पुलिस द्वारा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर बर्बरता बरतने के महीनों बाद सभी निलंबित अधिकारियों को वापस सेवा में बहाल कर दिया गया है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe