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Pfizer की वैक्सीन से महिलाओं का पीरियड हो सकता है प्रभावित: कंपनी के डायरेक्टर ने वीडियो में उगला सब, कहा – ‘बवाल मच जाएगा’

“हाँ, वे महिलाओं के मासिक चक्र को नियंत्रित कर सकते हैं। अगर यह उस पर प्रभाव डाल रहा है, तो यह किसी न किसी तरह इन हार्मोनों को प्रभावित कर रहा होगा।" - फाइजर के डायरेक्टर जॉर्डन ट्रिशटन वॉकर ने किया खुलासा।

कोरोना काल में फाइजर ने अपनी वैक्सीन पूरी दुनिया में मनमाने दामों पर बेची और मोटा पैसा कमाया। अब फाइजर की वैक्सीन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। शुक्रवार (03 फरवरी, 2023) को प्रोजेक्ट वेरिटास (Project Veritas) की तरफ से जारी एक स्टिंग वीडियो से खुलासा हुआ है कि फाइजर कंपनी कोविड-19 वायरस के म्यूटेंट में बदलाव कर नए-नए वैक्सीन बनानी चाहती थी ताकि कंपनी की कमाई चलती रहे। इतना ही नहीं स्टिंग ऑपरेशन में फाइजर के रिसर्च एंड डेवलपमेंट डायरेक्टर जॉर्डन ट्रिशटन वॉकर (Jordon Trishton Walker) ने खुलासा किया कि वे वैक्सीन लेने वाली महिलाओं के प्रजनन क्षमता को लेकर फिक्रमंद थे।

प्रोजेक्ट वेरिटास के स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो अमेरिका समेत पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद फाइजर कंपनी की तरफ से इसे लेकर स्पष्टीकरण आया है और कंपनी ने वीडियो में किए गए दावों से इनकार कर दिया है। वायरल वीडियो में फाइजर के रिसर्च एंड डेवलपमेंट डायरेक्टर जॉर्डन ट्रिशटन वॉकर फाइजर वैक्सीन पर खुलकर बात कर रहे। उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं है कि उनका वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा है।

प्रोजेक्ट वेरिटास द्वारा ट्वीट किए गए वीडियो में अंडरकवर पत्रकार से बातचीत करते हुए जॉर्डन ट्रिशटन वॉकर बड़े घोटाले की चर्चा कर रहे हैं। मजाकिया लहजे में पत्रकार ने पूछा कि इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से किसी के तीन पैर या इस तरह का तो नहीं बढ़ रहा? इसका जवाब देते हुए जॉर्डन वॉकर ने कहा, “हाँ और अगर ऐसा हुआ तो पूरी अगली पीढ़ी सुपर गड़बड़ होगी। इसके आगे जॉर्डन कहते हैं, “क्या आप घोटाले की कल्पना कर सकते हैं? अरे बाप रे। मैं अपने रिज्यूमे से फाइजर का नाम हटा दूँगा।”

वीडियो में जॉर्डन आगे कहते हैं कि महिलाओं के मासिक धर्म चक्र में कुछ अनियमितताएँ देखने को मिली हैं। हमें इसकी जाँच करनी होगी। जॉर्डन ने यहाँ वैक्सीन के कारण महिलाओं पर पड़ रहे प्रभाव की ओर संकेत किया। आगे उन्हें यह कहते सुना गया कि कुछ तो गड़बड़ हो रहा है। लेकिन वो हमेशा इसका पता नहीं लगा पाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सब अजीब है। उनके अनुसार उन्हें नहीं पता कि क्या चल रहा है और उम्मीद जताई कि आगे सब अच्छा होगा।

जॉर्डन कहते हैं कि वो यह नहीं चाहेंगे कि mRNA (Messenger RNA) किसी तरह शरीर में रहे और महिलाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित करने का कारण बने। उन्होंने समझाया कि मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करने के लिए इसे हार्मोन्स को प्रभावित करना पड़ता है। जॉर्डन ने बताया कि संभव है वैक्सीन किसी तरह एचपीजी (हाइपोथैलेमस, पिट्यूटरी और गोनाड्स) अक्ष के साथ इंटरैक्ट कर रहा है, जिससे मासिक धर्म चक्र के साथ समस्या हो सकती है।

जॉर्डन ने कहा कि यदि लोगों को वैक्सीन में गड़बड़ी की बात पता चली तो बवाल मच जाएगा। यह पूछे जाने पर कि क्या कोविड-19 फाइजर के टीके महिलाओं में प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं, उन्होंने कहा:

“हाँ, वे महिलाओं के मासिक चक्र को नियंत्रित कर सकते हैं। अगर यह उस पर प्रभाव डाल रहा है, तो यह किसी न किसी तरह इन हार्मोनों को प्रभावित कर रहा होगा।”

फाइजर के रिसर्च एंड डेवलॉपमेंट डायरेक्टर वीडियो में कहते हैं कि यदि कुछ बुरा होता है तो घोटाले का पैमाना बहुत बड़ा होगा। यह पूछे जाने पर कि क्या दवा कंपनी इसके लिए उत्तरदायी होगी, जॉर्डन ने कहा, “मुझे ऐसा नहीं लगता।” जॉर्डन वॉकर ने कहा, “क्योंकि आमतौर पर जब आप लोगों को दवा देते हैं और साइड इफेक्ट ज्ञात होता है, तो यह एफडीए (FDA) स्तर पर सांकेतिक (Encoded) होता है। फिर भी यह एक घोटाला हो सकता है।”

बता दें कि अपनी खूफिया रिपोर्ट्स के लिए मशहूर प्रोजेक्ट वेरिटास के अंडरकवर रिपोर्टर ने फाइजर के रिसर्च एंड डेवलॉपमेंट डायरेक्टर जॉर्डन के साथ मिलकर उनसे दवा कंपनी फाइजर और उसकी वैक्सीन को लेकर सवाल जवाब किए। प्रोजेक्ट वेरिटास ने बातचीत से जुड़ा पहला वीडियो 26 जनवरी, 2023 को जारी किया था। 26 जनवरी को जारी वीडियो में जॉर्डन यह कहते सुने जा सकते हैं कि नए टीके डेवलप करने के लिए दवा कंपनी कोविड के म्यूटेंट तैयार करने पर विचार कर रहा है।

जॉर्डन ने यह भी स्वीकार किया कि कोरोना महामारी फाइजर के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी साबित हुई है। आने वाले दिनों में भी कोरोना कंपनी के लिए फायदेमंद रहेगी। इसके पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि फाइजर वैक्सीन ज्यादा प्रभावी नहीं है और दुनियाभर में लोग इसके साइड इफेक्ट से मर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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