बंगलुरु ही नहीं, मैसूर में भी सक्रिय JMB जिहादी सेल: गृहमंत्री कर्नाटक

"पुलिस चौकन्नी हैं खासकर कि बंगलुरु और मैसूर में। हम लोगों की सार्वजनिक स्थानों पर तलाशी ले रहे हैं, संदेहास्पद लोगों के बारे में सूचना जुटा रहे हैं और उसका विश्लेषण कर रहे हैं।"

कर्नाटक के गृह मंत्री बासवराज बोम्मई ने दावा किया है कि बंगलुरु और मैसूर शहर जिहादी गतिविधियों के केंद्र बनते जा रहे हैं। उन्होंने इन राज्यों में आतंकियों के स्लीपर सेल सक्रिय होने की बात कही है। उन्होंने जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) संगठन का नाम भी लिया है।

बोम्मई के अनुसार इन जिहादियों की गतिविधियाँ तटीय कर्नाटक के साथ-साथ राज्य के आंतरिक हिस्सों में भी बढ़ गईं हैं। उनके अलावा NIA प्रमुख वाईसी मोदी ने भी हाल ही में JMB की गतिविधियों को लेकर बयान दिया था। उन्होंने संगठन के कर्नाटक के अतिरिक्त झारखंड, महाराष्ट्र, केरल, असम में भी सक्रिय होने की बात कही थी। NIA के महानिरीक्षक ने भी बंगलुरु में इस संगठन के 20-22 ठिकाने होने का दावा किया था

बोम्मई ने कहा, “हमारे पुलिस वाले सभी एहतियात बरत रहे हैं।” बोम्मई के अनुसार JMB की सक्रियता बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के तटों के किनारे बढ़ी है। NIA के खुलासों के बारे में पूछे जाने पर बोम्मई के कहा कि एजेंसी का ज़ोर बांग्लादेशी ultras की गतिविधि और कश्मीर पर है।

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“पुलिस चौकन्नी हैं खासकर कि बंगलुरु और मैसूर में। हम लोगों की सार्वजनिक स्थानों पर तलाशी ले रहे हैं, संदेहास्पद लोगों के बारे में सूचना जुटा रहे हैं और उसका विश्लेषण कर रहे हैं।”

इसके अलावा उन्होंने बंगलुरु के लिए उसका खुद का ATS (एंटी टेरर स्क्वाड) बनाने की घोषणा की। गौरतलब है कि कर्नाटक के पास पहले से ही एक एटीएस पूरे प्रदेश के लिए है।

1 नवंबर से चालू हो जाने वाली इस एटीएस का गठन बंगलुरु और उसके आसपास बहुत सारे JMB जिहादियों की गिरफ़्तारी के बाद किया गया था।

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