कमलेश तिवारी हत्याकांड: सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणी करने पर 14 के ख़िलाफ़ FIR, 67 अकाउंट ब्लॉक

एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि ऐसे लोग जो सोशल मीडिया पर सुनियोजित रूप से नफ़रत फैलाने वाले पोस्ट कर रहे हैं उनकी पहचान की जा रही है और उनके ख़िलाफ़ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साक्ष्यों के आधार पर रासुका के तहत भी कार्रवाई करने पर भी विचार किया जाएगा।

हिन्दू महासभा के पूर्व अध्यक्ष और हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या पर सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट करने वालों के ख़िलाफ़ यूपी पुलिस सख़्ती से पेश आ रही है। साम्प्रदायिक सद्भाव भंग करने की कोशिश करने वाले लोगों की पहचान कर पुलिस ने अब तक 14 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है। इनमें, हरदोई, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, देवरिया, सहारनपुर, हमीरपुर में एक-एक और प्रयागराज, औरैया में दो-दो मुक़दमे शामिल हैं। इसके अलावा साइबर यूनिट ने लखनऊ में चार मामले दर्ज किए हैं।

ख़बर के अनुसार, डीजीपी ओपी सिंह ने रविवार (20 अक्टूबर) को जानकारी दी कि सोशल मीडिया पर अगर कोई साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अलग-अलग ज़िलों में कुल 14 मुक़दमें दर्ज किए हैं। सिंह ने उनके ख़िलाफ़ सख़्त क़दम उठाने निर्देश दे दिए हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया सेल और साइबर क्राइम यूनिट ने कमलेश तिवारी की हत्या की वारदात के बाद सोशल मीडिया पर अभद्र कमेंट करके साम्प्रदायिक सद्भावना को हानि पहुँचाने वाले लोगों को गंभीरता से लिया गया है। इसके चलते अब तक 67 सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लाक कर दिया गया है, जिन्होंने आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी।

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एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि ऐसे लोग जो सोशल मीडिया पर सुनियोजित रूप से नफ़रत फैलाने वाले पोस्ट कर रहे हैं उनकी पहचान की जा रही है और उनके ख़िलाफ़ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साक्ष्यों के आधार पर रासुका के तहत भी कार्रवाई करने पर भी विचार किया जाएगा।

एक तरफ़ तो इस हत्याकांड की देशभर में कड़ी निंदा हो रही है, वहीं कुछ अराजक तत्व अपनी विकृत मानसिकता के चलते भद्दे कमेंट करने से बाज नहीं आते। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर से सामने आया था, जहाँ कमलेश तिवारी की हत्या को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने दानिश नवाब और मोहम्मद इमरान अंसारी को गिरफ़्तार कर लिया था। दोनों आरोपितोंं ने कमलेश तिवारी की मौत का मज़ाक उड़ाते हुए उनकी हत्या करने वालों को 72 तोपों की सलामी दिए जाने की बात कही थी।

इसके अलावा, कुछ कट्टरपंथी मुसलमानों ने अपनी नीचता दिखाते हुए तिवारी की हत्या पर सोशल मीडिया पर “हा-हा” रिएक्शन दिए थे, इनमें फ़हीम रहमान, नदीम अख़्तर, मोहम्मद इमरान जैसे विकृत मानसिकता वाले लोग भी शामिल हैं, वहीं “लव” रिएक्ट करने वालों में सलाउद्दीन अंसारी और मुहम्मद समीउल्लाह के नाम सामने आए थे।

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