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वक्फ घोटाले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए AAP विधायक अमानतुल्लाह खान, विधवा पेंशन में गड़बड़ी और भर्तीयों में पक्षपात का भी आरोप

छापेमारी के दौरान एसीबी ने अमानतुल्लाह के बिजनेस पार्टनर व एक अन्य सहयोगी के यहाँ से कुल 24 लाख रुपए व बिना लाइसेंस के दो हथियार बरामद किए थे।

दिल्ली के ओखला से आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) की सोमवार (26 सितंबर, 2022) को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी हुई। इस सुनवाई में अमानतुल्लाह को सीबीआई (CBI) के स्पेशल जज विकास ढुल के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने वक्फ बोर्ड में हुए भ्रष्टाचार के मामले में AAP विधायक को गत 16 सितंबर को गिरफ्तार किया था इसके बाद 17 सितंबर को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। इस सुनवाई के दौरान एसीबी (ACB) ने कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड माँगी थी। लेकिन, कोर्ट ने अमानतुल्लाह को 4 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।

इसके बाद एसीबी ने अमानतुल्लाह को 21 सितंबर को कोर्ट में पेश किया था, जहाँ से कोर्ट ने 5 दिनों की रिमांड में भेजा था। अब फिर से सोमवार (25 सितंबर) को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने अमानतुल्लाह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।

बता दें, आप विधायक (AAP MLA) अमानतुल्लाह की गिरफ्तारी से पहले एसीबी ने उनके घर सहित 5 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान एसीबी ने अमानतुल्लाह के बिजनेस पार्टनर व एक अन्य सहयोगी के यहाँ से कुल 24 लाख रुपए व बिना लाइसेंस के दो हथियार बरामद किए थे।

गौरतलब है अब तक सिर्फ वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर हुई अनियमितता और अन्य वित्तीय गड़बड़ी की बात ही सामने आ रही थी। लेकिन, गत 17 सितंबर को जब अमानतुल्लाह खान को कोर्ट में पेश किया गया था तब एसीबी ने कोर्ट से कहा था कि केवल वक्फ बोर्ड में भर्ती को लेकर अनियमितता ही नहीं हुई है, बल्कि वक्फ फंड में विधवा महिलाओं के लिए नियोजित रकम (विधवा पेंशन फंड) का भी दुरुपयोग किया गया।

एसीबी ने अदालत को बताया था कि वर्ष 2020 के दौरान अमानतुल्लाह खान ने वक्फ को मिली रकम को अपने खाते में स्थानांतरित कराया। वक्फ फंड के खाते की जगह अपने निजी खाते में करीब 80 लाख रुपये की रकम स्थानांतरित की थी।

अमानतुल्लाह खान दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष हैं। उन पर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए वित्तीय गड़बड़ी, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में किरायेदारी का निर्माण, वाहनों की खरीदी में भ्रष्टाचार और दिल्ली वक्फ बोर्ड में सेवा नियमों में उल्लंघन करते हुए 33 लोगों की नियुक्ति के आरोप है। इन तमाम आरोपों को लेकर ही एंटी करप्शन ब्यूरो ने साल 2020 में अमानतुल्लाह खान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) के विभिन्न प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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