झारखंड में आफताब अंसारी नाम के व्यक्ति ने जनजातीय महिला को नौकरी का झाँसा दिया। इसके बाद दुकान पर बुलाकर उसके साथ रेप किया। इसके बाद उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाकर धमकी भी दी।
जानकारी के अनुसार, आफताब अंसारी ने एक शादीशुदा जनजातीय महिला को अच्छी नौकरी दिलाने का झाँसा देकर अपने जाल में फँसाया। इसके लिए उसने उसे अर्शी गारमेंट्स नाम की एक दुकान पर बुलाया था।
जब महिला दुकान पर पहुँची तो आफताब ने खुद को दुकान का मालिक बताया। इसके बाद वह उसे दुकान के पीछे लेकर गया। महिला के वहाँ पहुँचते ही उसने दरवाजा बंद कर उसके साथ रेप किया और उसका वीडियो भी बनाया। इसके बाद आरोपित आफताब ने महिला पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। जब उसने इनकार किया, तो उसने उसके परिवार वालों को धमकियाँ दी।
झारखंड में इस तरह का मामला कोई पहला नहीं है बल्कि इस तरहल के मामले वहाँ जब तब सामने आ ही जाते हैं। पत्रकार शुभी विश्वकर्मा ने इस तरह के मामलों के लिए लगभग 8 महीने पहले ग्राउंड रिपोर्टिंग कर वहाँ के स्थानीय लोगों से बात की। उन्होंने एक्स पर एक जानकारी साझा की है।
शुभी ने लिखा, “झारखंड के साहिबगंज इलाके में गए, जहाँ ऐसे मियाँ भाइयों द्वारा आदिवासी महिलाओं को फँसाना आम बात है। यहाँ पर जिनमें ज्यादातर महिलाएँ शादीशुदा हैं। इसके बावजूद उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं और हिंदू बस्तियों के बाहर बस जाते हैं। दिन-ब-दिन जमाई लोगों की ये बस्तियाँ बढ़ती जा रही हैं, जबकि जनजातीय आबादी घटती जा रही है।
अपनी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने पंचायत अध्यक्ष से मुलाकात की। इस बारे में शुभी ने लिखा, “हमारी मुलाकात मोनिका किस्कू से हुई, जो एक पंचायत अध्यक्ष थीं और जिन्हें उमेद ने सबसे पहले अपने जाल में फँसाया था। उनके निधन के बाद, उनके भाई अली ने उनसे शादी कर ली। एक छोटी सी बस्ती में, अली और उनके परिवार का एक बड़ा सा घर है, जो इस बात को सही ठहराता है कि ये मियाँ भाई राजनीतिक ताकत, जमीन हड़पने और पहचान की चोरी के लिए जनजातीय महिलाओं से शादी करते हैं।”
How many more Jamai Tolas until this stops, @HemantSorenJMM Ji?
— Subhi Vishwakarma (@subhi_karma) July 26, 2025
Aftab Ansari trapped a married tribal woman under the pretense of offering her a decent job. He called her to a shop named Arshi Garments; however, when she arrived, he asked her to come to a place behind the store,… pic.twitter.com/ApJy6MkzBZ
शुभी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) पार्टी पर सवाल करते हुए लिखा, “मोनिका के मामले में, उन्होंने अपना नाम नहीं बदला है, क्योंकि नाम बदलने से उन्हें जनजातीय महिला होने के नाते मिलने वाले सभी लाभ और सबसे बढ़कर आदिवासी सीट से चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित होना पड़ेगा। अली एक स्थानीय झामुमो (JMM) नेता हैं। अब आप गणित समझ गए होंगे। यह सब चुपचाप, हर दिन होता रहा है।”
गौरतलब है कि जनजातीय महिलाओं के साथ झारखंड में होने वाली ये घटनाएँ नई नहीं हैं। इससे पहले झारखंड के सरायकेला- खरसावाँ में एक मुस्लिम युवक को अपने से 13 वर्ष छोटी जनजातीय लड़की का धर्मांतरण करवाने के लिए गिरफ्तार किया गया था। मुस्लिम युवक ने लड़की का धर्मांतरण करवाने के बाद उसे पश्चिम बंगाल ले जाकर निकाह भी कर लिया था।
स्थानीय लोगों ने बताया था कि 32 साल के तस्लीम आलम ने 19 वर्षीय जनजातीय समाज की लड़की का अपहरण किया। इसके बाद जबरन उसका धर्मांतरण करवाया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने तस्लीम को गिरफ्तार कर लिया था। साल 2023 झारखंड की राजधानी रांची में इरशाद अंसारी नामक युवक के ब्लैकमेल से परेशान हो एक जनजातीय महिला ने आत्महत्या कर ली थी।
इरशाद अंसारी ने महिला के साथ बलात्कार कर उसका वीडियो बना लिया था। इसके बाद वह महिला को वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा था। इससे परेशान होकर महिला ने 29 जुलाई 2023 को अपने घर में फाँसी लगा ली थी।
मृतक महिला के देवर ने पुलिस को बताया था कि करीब ढाई महीने पहले उसकी भाभी को कुत्ते ने काट लिया था। इसी को लेकर आरोपित इरशाद अंसारी उन्हें रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए हॉस्पिटल ले गया था। इसी दौरान उसने बलात्कार कर उनका अश्लील वीडियो बना लिया था। इसके बाद से वह मृतक महिला को लगातार परेशान कर रहा था।
इस तरह रेप कर धर्मांतरण के कई मामले सुर्खियों में आ चुके हैं। इन पर लागातार कार्रवाई की माँग भी उठती रही है लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम उठते नजर नहीं आ रहे हैं।


