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ईसाई धर्मांतरण का विरोध करने वाले हिन्दुओं को स्वरा भास्कर ने बताया ‘गधों की बारात’, रास नहीं आया सेंटा क्लॉज का पुतला जलाना

"बच्चों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के लिए मिशनरियों ने सेंटा क्लॉज को एक माध्यम बना दिया है और कुछ शिक्षण संस्थान में इस खेल में शामिल होकर घर-घर पश्चिमी सभ्यता को पहुँचा रहे हैं।"

क्रिसमस के मौके पर आगरा में जब हिन्दू कार्यकर्ताओं ने सेंटा क्लॉज का पुतला जलाया तो अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने उन्हें ‘गधो की बरात’ कह डाला। बता दें कि इस दिन कई हिन्दू ‘तुलसी पूजन दिवस’ भी मनाते हैं और कहते हैं कि प्लास्टिस के पौधे को सजाने से अच्छा है कि इस दिन आयुर्वेद में अहम स्थान रखने वाली तुलसी के पौधे का पूजन किया जाए। आगरा में ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं का गुस्सा सेंटा क्लॉज पर फूटा और उन्होंने उसका पुतला जलाया।

साथ ही इस दौरान हिन्दू कार्यकर्ताओं ने ‘सेंटा क्लॉज वापस जाओ’ के नारे भी लगाए। इस दौरान ‘अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद’ ने पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित हो रहे हिन्दुओं के प्रति आक्रोश जताते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को किसी भी कीमत पर गुमराह होने से रोका जाएगा और मिशनरियों के धर्मांतरण के धंधे को बंद किया जाएगा। सेंट जोन्स चौराहे पर क्रिसमस से एक दिन पहले शुक्रवार (24 दिसंबर, 2021) को ये विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। हिन्दुओं का कहना था कि सेंटा क्लॉज के माध्यम से हिन्दू बच्चों को भ्रमित किया जाता है।

‘दैनिक जागरण’ की खबर के अनुसार, क्षेत्रीय महामंत्री अज्जू चौहान ने कहा कि बच्चों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के लिए मिशनरियों ने सेंटा क्लॉज को एक माध्यम बना दिया है और कुछ शिक्षण संस्थान में इस खेल में शामिल होकर घर-घर पश्चिमी सभ्यता को पहुँचा रहे हैं। उन्होंने ऐसे शिक्षण संस्थानों को चेताते हुए कहा कि अगर उन्होंने इन करतूतों पर विराम नहीं लगाया तो इन संस्थानों के सामने विरोध प्रदर्शन होगा। गरीबों को लालच देकर धर्मांतरण का मुद्दा भी उठाया गया।

संगठन के पदाधिकारियों ने तय किया कि गरीब बस्तियों की निगरानी कर के पिछड़े समाज के लोगों को मिशनरियों के धर्मांतरण के जाल में फँसने से रोका जाएगा। इसके लिए टीम का गठन भी कर दिया गया है। हालाँकि, स्वरा भास्कर को ये सब रास नहीं आया और उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर दिया। इसके लिए लोगों ने भी स्वरा भास्कर की क्लास ली और पूछा कि ये ‘गधो की बारात’ है तो वो क्या था, जब वो CAA विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा ले रही थीं? साथ ही उनकी उस समय की तस्वीर भी शेयर की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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