Wednesday, July 17, 2024
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आधी रात कोट-पैंट में आया जुबैर, 9 कारों में लगा दी आग: दलित की झुग्गी और दिव्यांग का खोखा भी जलाया, रिपोर्ट में बताया- भगवा झंडे वाले घर थे टारगेट

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार प्रदीप, अजीत और अतुल के घर पर भगवा झंडा लगा था। इनकी कारों को जला दिया गया। लेकिन मोहल्ले की जिस घर पर भगवा ध्वज नहीं लगा था उनकी कार सुरक्षित है। आगजनी की चपेट में एक दिव्यांग का चाय-बिस्कुट बेचने वाला खोखा भी आ गया।

22 फरवरी 2024 की आधी रात उत्तर प्रदेश के आगरा की एक कॉलोनी में 9 कार धू-धू कर जलने लगी। इस मामले में पुलिस ने जुबैर को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उसने भगवा झंडे लगे घरों के बाहर खड़ी कारों को निशाना बनाया था।

हालाँकि जुबैर का कहना है कि वह रास्ता भटक गया था। किसी से मदद नहीं मिली तो गुस्से में आग लगा दी। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ मामले की पड़ताल कर रही हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार कोट-पैंट पहनकर आगजनी करते जुबैर की करतूत सीसीटीवी में कैद है।

घटना आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र की है। यहाँ के मुरली विहार मोहल्ले में 22-23 फरवरी की दरम्यानी रात की रात लगभग 2 बजे अचानक लोगों के घरों के सामने खड़े वाहन धू-धू कर जलने लगे। 27 मिनट तक एक के बाद एक वाहनों में आग लगती रही, जिसे बुझाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुँचा। जलती कारों के टायरों के धमाके से काफी दूर तक लोगों की नींद खुल गई और अफरातफरी का माहौल बन गया। आगजनी की चपेट में प्रदीप अग्रवाल, अतुल दुबे, योगेश बघेल, बलवीर सिंह, पीसी चतुर्वेदी, चंद्रकांत उप्रेती, गजेंद्र सिंह, सुनील शर्मा और अजीत की कारें आईं।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार प्रदीप, अजीत और अतुल के घर पर भगवा झंडा लगा था। इनकी कारों को जला दिया गया। लेकिन मोहल्ले की जिस घर पर भगवा ध्वज नहीं लगा था उनकी कार सुरक्षित है। आगजनी की चपेट में एक दिव्यांग का चाय-बिस्कुट बेचने वाला खोखा भी आ गया। एक स्थानीय समाचार पोर्टल के मुताबिक जुबैर ने कारों और खोखे के अलावा राजकुमार अग्रवाल की भूसे की टाल, जयवीर सिंह के घर के आगे रखी लकड़ियों और दलित समुदाय के एक व्यक्ति की झुग्गी में भी आगजनी की थी। इस घटना के बाद लोगों ने लाइटर ले कर आगजनी कर रहे जुबैर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

जुबैर मूलतः हरियाणा के पानीपत का निवासी है। वह नशे में धुत था। नशा उतरने के बाद उसने पुलिस को बताया कि वह पानीपत से अपने दोस्त से मिलने निकला था और रास्ता भटक गया। जब उसकी किसी ने मदद नहीं की तो नाराज हो कर उसने गाड़ियों में आग लगानी शुरू कर दी। जुबैर के घर में बीवी के अलावा 2 बच्चे और नाती-पोते हैं। जुबैर की बीवी ने भी बताया कि वह आगरा के खंदारी इलाके में अपने दोस्त अब्दुल रऊफ से मिलने निकला था।

अब्दुल रऊफ ने पूछताछ में बताया है कि ज़ुबैर ने टीपी नगर के ठेके पर दारू पी थी। पुलिस की पड़ताल में आरोपित के ठेके पर शराब पीने की पुष्टि हुई है। आरोप है कि जुबैर बार-बार अपना बयान भी बदल रहा है। फिलहाल लोहामंडी के ACP ने बताया है कि जुबैर पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ चल रही है। पुलिस आगजनी की असल वजह की पड़ताल कर रही है। इस पूछताछ में IB, ATS और LIU की टीमें भी शामिल हैं। फिलहाल अभी तक जुबैर का कोई पुराना आपराधिक इतिहास निकल कर सामने नहीं आया है।

आगजनी में जिस गरीब दिव्यांग का खोखा जल गया था, उसकी आर्थिक मदद आगरा पुलिस ने की है। पुलिस ने पीड़ित को फिर से खोखा लगाने के लिए 20 हजार रुपए आपसी सहयोग से जुटा कर दिए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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